10 में से पाठ 4 · हरियाणा सामान्य ज्ञान

हरियाणा का गठन (1966), प्रशासन और राजव्यवस्था

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माँग की पृष्ठभूमि

1858 के बाद हरियाणा क्षेत्र पंजाब का हिंदी-भाषी दक्षिण-पूर्वी भाग था, जिसका शासन लाहौर से और विभाजन के बाद शिमला तथा फिर चंडीगढ़ से चलता था। इसके नेताओं की शिकायत थी कि नौकरियों, सिंचाई और विकास में इसकी उपेक्षा होती है। स्वतंत्रता के बाद मास्टर तारा सिंह और बाद में संत फतेह सिंह के नेतृत्व में पंजाबी सूबा आंदोलन ने पंजाबी-भाषी राज्य की माँग की। पंजाब को एक रखने के प्रयासों, जैसे सच्चर फ़ॉर्मूला (1949) और क्षेत्रीय फ़ॉर्मूला (1956), ने भाषा और विकास के लिए इसे हिंदी और पंजाबी क्षेत्रों में बाँटा, पर माँग समाप्त नहीं हुई, और 1955 के राज्य पुनर्गठन आयोग ने अलग पंजाबी राज्य की सिफ़ारिश नहीं की।

हुकम सिंह समिति और शाह आयोग

1965 में लोकसभा अध्यक्ष सरदार हुकम सिंह की अध्यक्षता में एक संसदीय समिति बनी, जिसने पंजाब को भाषाई आधार पर पुनर्गठित करने की सिफ़ारिश की। अप्रैल 1966 में केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति जे.सी. शाह की अध्यक्षता में पंजाब सीमा आयोग नियुक्त किया, जिसके सदस्य एस. दत्त और एम.एम. फिलिप थे, ताकि 1961 की जनगणना के आधार पर पंजाबी-भाषी और हिंदी-भाषी क्षेत्रों के बीच सीमा खींची जा सके। मई 1966 में सौंपी गई इसकी रिपोर्ट ने सिफ़ारिश की कि चंडीगढ़ सहित खरड़ तहसील हरियाणा को मिले; सरकार ने यह भाग स्वीकार नहीं किया और इसके स्थान पर चंडीगढ़ को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया।

पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966

संसद ने सितंबर 1966 में पंजाब पुनर्गठन अधिनियम पारित किया। 1 नवंबर 1966 से हिंदी-भाषी दक्षिण-पूर्वी जिले भारत का 17वाँ राज्य हरियाणा बने; पंजाबी-भाषी क्षेत्र पंजाब के पास रहे; पहाड़ी क्षेत्र तत्कालीन केंद्रशासित प्रदेश हिमाचल प्रदेश को मिले; और चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश बनकर पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी बना। इसीलिए 1 नवंबर को हरियाणा दिवस मनाया जाता है। पंडित भगवत दयाल शर्मा प्रथम मुख्यमंत्री और धर्म वीर प्रथम राज्यपाल बने, तथा शन्नो देवी विधान सभा की प्रथम अध्यक्ष बनीं। 24 जुलाई 1985 के राजीव-लोंगोवाल समझौते में हिंदी-भाषी क्षेत्रों के बदले चंडीगढ़ पंजाब को देने का वादा हुआ, पर यह हस्तांतरण कभी नहीं हुआ।

विधायिका और न्यायालय

हरियाणा में एकसदनीय विधायिका, विधान सभा, है जिसमें 90 सीटें हैं, जिनमें से 17 अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं; अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं है क्योंकि राज्य में कोई जनजाति अधिसूचित नहीं है। विधान सभा चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स में पंजाब विधान सभा वाले उसी भवन में बैठती है। हरियाणा लोकसभा के लिए 10 सदस्य चुनता है, जिनमें अंबाला और सिरसा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं, और राज्यसभा में 5 सदस्य भेजता है। अनुच्छेद 231, जो संसद को दो या अधिक राज्यों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय स्थापित करने की अनुमति देता है, के अंतर्गत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ एक ही पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय साझा करते हैं, जो चंडीगढ़ में स्थित है। हरियाणा लोक सेवा आयोग और ग्रुप C पदों पर भर्ती करने वाला हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग राज्य के प्रमुख भर्ती निकाय हैं।

राजनीतिक पड़ाव

हरियाणा की आरंभिक राजनीति ने भारत को एक प्रसिद्ध मुहावरा दिया। 1967 में हसनपुर (अब होडल) सीट के विधायक गया लाल ने थोड़े ही समय में तीन बार दल बदला, जिससे 'आया राम गया राम' मुहावरा बना, और दलबदल की इस लहर के कारण नवंबर 1967 में राज्य में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगा। दलबदल पर अंततः 52वें संशोधन (1985) से अंकुश लगाया गया, जिसने संविधान में दसवीं अनुसूची (दलबदल-विरोधी कानून) जोड़ी। हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 के अंतर्गत हिंदी राजभाषा है, और 2010 से पंजाबी को द्वितीय भाषा का दर्जा प्राप्त है। 2015 में हरियाणा ने अपने पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन कर पंचायत चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता अनिवार्य की, और सर्वोच्च न्यायालय ने राजबाला बनाम हरियाणा राज्य (2015) में इसे वैध ठहराया।

राज्य प्रतीक और पहचान

राज्य पशु काला हिरण, राज्य पक्षी काला तीतर, राज्य वृक्ष पीपल और राज्य पुष्प कमल है। जनगणना 2011 में लिंगानुपात 879 महिलाएँ प्रति 1,000 पुरुष दर्ज हुआ, जो राज्यों में सबसे कम था, और शिशु लिंगानुपात 834 था; आंशिक रूप से इसी कारण 22 जनवरी 2015 को पानीपत से 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना शुरू की गई।

मुख्य तथ्य

  • हरियाणा दिवस: 1 नवंबर 1966, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के अंतर्गत; हरियाणा भारत का 17वाँ राज्य बना।
  • हुकम सिंह संसदीय समिति (1965-66) ने भाषाई पुनर्गठन की सिफ़ारिश की; शाह आयोग (न्यायमूर्ति जे.सी. शाह, 1966) ने 1961 की जनगणना के आधार पर सीमा खींची।
  • चंडीगढ़: केंद्रशासित प्रदेश और पंजाब-हरियाणा की साझा राजधानी; राजीव-लोंगोवाल समझौते (1985) में इसे पंजाब को देने का वादा हुआ, पर हस्तांतरण कभी नहीं हुआ।
  • प्रथम: मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा; राज्यपाल धर्म वीर; विधान सभा अध्यक्ष शन्नो देवी।
  • विधान सभा: एकसदनीय, 90 सीटें, 17 अनुसूचित जातियों (SC) के लिए आरक्षित, अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए कोई नहीं। लोकसभा: 10 सीटें (अंबाला और सिरसा SC के लिए आरक्षित)। राज्यसभा: 5।
  • चंडीगढ़ में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय: पंजाब, हरियाणा और केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए अनुच्छेद 231 के अंतर्गत साझा उच्च न्यायालय।
  • 'आया राम गया राम': 1967 में हसनपुर (अब होडल) के विधायक गया लाल के तीन बार दल बदलने से बना; 52वें संशोधन (1985) ने दलबदल-विरोधी दसवीं अनुसूची जोड़ी।
  • राजभाषा हिंदी (हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969); 2010 से पंजाबी द्वितीय भाषा है।
  • राजबाला बनाम हरियाणा राज्य (2015): सर्वोच्च न्यायालय ने पंचायत अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता को वैध ठहराया।
  • राज्य प्रतीक: काला हिरण (पशु), काला तीतर (पक्षी), पीपल (वृक्ष), कमल (पुष्प)। 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' 22 जनवरी 2015 को पानीपत से शुरू हुई।

एक नज़र में दोहराव

पंजाबी सूबा आंदोलन; सच्चर (1949) और क्षेत्रीय (1956) फ़ॉर्मूले; हुकम सिंह समिति; शाह आयोग 1966 (1961 की जनगणना का आधार); पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966; हरियाणा 17वाँ राज्य, 1 नवंबर 1966; चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश और साझा राजधानी; प्रथम मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा, राज्यपाल धर्म वीर, अध्यक्ष शन्नो देवी; विधान सभा 90 (17 SC), लोकसभा 10 (अंबाला, सिरसा SC), राज्यसभा 5; साझा उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 231); आया राम गया राम 1967; हिंदी राजभाषा (1969 अधिनियम); बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पानीपत 2015।

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