10 में से पाठ 10 · हरियाणा सामान्य ज्ञान
हरियाणा के स्मारक, पर्यटन स्थल और प्रसिद्ध व्यक्तित्व
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र हरियाणा का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ है। विशाल पवित्र सरोवर ब्रह्म सरोवर सूर्य ग्रहण के समय पवित्र स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और गीता महोत्सव का मुख्य स्थल है; सन्निहित सरोवर पास का एक और पूजित सरोवर है। पिहोवा मार्ग पर स्थित ज्योतिसर को वह स्थान माना जाता है जहाँ श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया, और यहाँ एक पुराना वटवृक्ष इसका प्रतीक है; पास ही कल्पना चावला मेमोरियल तारामंडल है। अन्य स्थलों में भद्रकाली मंदिर (एक शक्तिपीठ), थानेसर का स्थाणेश्वर महादेव मंदिर, नरकातारी में भीष्म कुंड, कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र और श्रीकृष्ण संग्रहालय शामिल हैं।
शेख चिल्ली का मकबरा और हर्ष का टीला
थानेसर में शेख चेहली, लोकप्रिय नाम शेख चिल्ली, नामक सूफ़ी संत का मकबरा है, जिन्हें मुगल शहज़ादे दारा शिकोह का आध्यात्मिक मार्गदर्शक कहा जाता है। 17वीं शताब्दी में फ़ारसी शैली में बना यह मकबरा, सफ़ेद संगमरमर के गुंबद, एक मदरसे और बागों के साथ, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। इसके पास ही हर्ष का टीला नामक विशाल टीला है, जो हर्षवर्धन की राजधानी स्थाण्वीश्वर से जुड़ा है।
पिंजौर, सूरजकुंड और अन्य स्मारक
पंचकूला के निकट पिंजौर उद्यान (यादवेंद्र उद्यान) 17वीं शताब्दी में औरंगज़ेब के दूध-भाई नवाब फ़िदाई खाँ ने मुगल शैली में सात उतरती वेदिकाओं (सीढ़ीनुमा स्तरों) पर बनवाया, जिसमें जल-नालियाँ, फव्वारे और शीश महल तथा रंग महल जैसे मंडप हैं; बाद में पटियाला के महाराजा यादवेंद्र सिंह ने इसका जीर्णोद्धार किया और इसका नाम उनके नाम पर रखा गया। फरीदाबाद के निकट सूरजकुंड 10वीं शताब्दी का रंगमंच-आकार का जलाशय है जिसका श्रेय तोमर राजा सूरजपाल को दिया जाता है, और पास का अनंगपुर बाँध भी तोमरों से जुड़ा है। नारनौल में इब्राहिम खाँ सूर का मकबरा, जल महल और बीरबल का छत्ता हैं; हिसार में फ़िरोज़ शाह का महल, जिसमें गूजरी महल और लाट की मस्जिद हैं, तथा जहाज़ कोठी है; और हांसी में पुराना असीगढ़ किला है।
कोस मीनारें और पानीपत
कोस मीनारें ईंटों के ठोस, गोल स्तंभ हैं जिन्हें मुगलों ने अकबर के समय से आगरा से दिल्ली होते हुए लाहौर तक जाने वाले शाही मार्ग पर लगभग एक कोस (लगभग 3 किमी) की दूरी पर बनवाया; यही मार्ग ग्रांड ट्रंक रोड का पूर्वज है। इनमें से कई हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल, सोनीपत, पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र जिलों में संरक्षित स्मारकों के रूप में बची हैं। पानीपत अपने तीन युद्धों की स्मृति संजोए है: पानीपत संग्रहालय उनकी जानकारी देता है, काला अंब 1761 की युद्धभूमि को चिह्नित करता है, और नगर में इब्राहिम लोदी का मकबरा, बाबर की काबुली बाग मस्जिद, हेमू का स्मारक और सूफ़ी संत बू अली शाह कलंदर की दरगाह भी है।
पर्यटन
हरियाणा पर्यटन ने मुख्य सड़कों पर पर्यटन परिसरों की श्रृंखला बनाकर राजमार्ग पर्यटन की शुरुआत की, जिनमें से कई के नाम पक्षियों पर हैं, जैसे समालखा में ब्लू जे, पानीपत में स्काईलार्क और पिपली में पैराकीट। अन्य आकर्षणों में मोरनी पहाड़ियाँ और टिक्कर ताल, सुल्तानपुर और कलेसर राष्ट्रीय उद्यान, बड़खल और दमदमा झीलें, अग्रोहा धाम, आदि बद्री, पंचकूला का मनसा देवी मंदिर और राखीगढ़ी के उत्खनित टीले शामिल हैं।
सार्वजनिक जीवन के व्यक्तित्व
सर छोटूराम (दीनबंधु), पंडित नेकीराम शर्मा (हरियाणा केसरी) और राव तुलाराम इस क्षेत्र के स्वतंत्रता-काल के प्रतीक हैं, और लाला लाजपत राय ने अपना सार्वजनिक जीवन हिसार से शुरू किया। वर्तमान सिरसा जिले में जन्मे और 'ताऊ' कहलाने वाले चौधरी देवीलाल भारत के उप-प्रधानमंत्री (1989-1991) रहे। अंबाला छावनी में जन्मी सुषमा स्वराज 25 वर्ष की आयु में हरियाणा की कैबिनेट मंत्री बनीं, और बाद में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री तथा विदेश मंत्री बनीं।
विज्ञान, साहस और कला
करनाल में जन्मी कल्पना चावला 1997 में अंतरिक्ष यान कोलंबिया (STS-87) से अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला बनीं, और 1 फ़रवरी 2003 को पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश के समय कोलंबिया के टूट जाने से उनकी मृत्यु हो गई। रेवाड़ी जिले की संतोष यादव माउंट एवरेस्ट पर दो बार (1992 और 1993) चढ़ने वाली पहली महिला थीं। कला में पंडित जसराज, पंडित लखमीचंद और बाबू बालमुकुंद गुप्त बड़े नाम हैं, और खेल में कपिल देव, विजेंदर सिंह, साइना नेहवाल, साक्षी मलिक और नीरज चोपड़ा।
मुख्य तथ्य
- ब्रह्म सरोवर (कुरुक्षेत्र): पवित्र सरोवर, सूर्य ग्रहण पर पवित्र स्नान, गीता महोत्सव का मुख्य स्थल। ज्योतिसर: पुराने वटवृक्ष वाला गीता-उपदेश स्थल।
- शेख चिल्ली का मकबरा (थानेसर): दारा शिकोह के आध्यात्मिक मार्गदर्शक माने जाने वाले सूफ़ी संत का 17वीं शताब्दी का मुगल मकबरा; ASI द्वारा संरक्षित; हर्ष के टीले के पास।
- पिंजौर (यादवेंद्र) उद्यान: 17वीं शताब्दी में नवाब फ़िदाई खाँ ने सात वेदिकाओं पर बनवाया; पटियाला के महाराजा यादवेंद्र सिंह के नाम पर नामकरण।
- सूरजकुंड (फरीदाबाद): तोमर राजा सूरजपाल का 10वीं शताब्दी का रंगमंच-आकार का जलाशय; शिल्प मेले का स्थल। पास का अनंगपुर बाँध भी तोमरकालीन है।
- कोस मीनारें: आगरा-दिल्ली-लाहौर मार्ग पर लगभग एक कोस (लगभग 3 किमी) की दूरी पर बने मुगल मील-स्तंभ; कई फरीदाबाद, पलवल, सोनीपत, पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र में बचे हैं।
- पानीपत: पानीपत संग्रहालय, काला अंब (1761 की युद्धभूमि), इब्राहिम लोदी का मकबरा, काबुली बाग मस्जिद, हेमू का स्मारक, बू अली शाह कलंदर की दरगाह।
- नारनौल: इब्राहिम खाँ सूर का मकबरा, जल महल, बीरबल का छत्ता। हिसार: गूजरी महल, लाट की मस्जिद, जहाज़ कोठी। हांसी: असीगढ़ किला।
- कल्पना चावला (करनाल): अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला (कोलंबिया, 1997); 1 फ़रवरी 2003 को कोलंबिया दुर्घटना में मृत्यु।
- संतोष यादव (रेवाड़ी): एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली पहली महिला (1992, 1993)। देवीलाल ('ताऊ'): उप-प्रधानमंत्री 1989-1991। सुषमा स्वराज (अंबाला छावनी): 25 वर्ष की आयु में हरियाणा में मंत्री, दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री।
एक नज़र में दोहराव
कुरुक्षेत्र: ब्रह्म सरोवर, सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर (गीता-स्थल, वटवृक्ष), भद्रकाली शक्तिपीठ; थानेसर: शेख चिल्ली का मकबरा (17वीं शताब्दी, दारा शिकोह के मार्गदर्शक), हर्ष का टीला; पिंजौर उद्यान (फ़िदाई खाँ, सात वेदिकाएँ, यादवेंद्र सिंह); सूरजकुंड (तोमर सूरजपाल); आगरा-लाहौर मार्ग पर कोस मीनारें; पानीपत: काला अंब, लोदी का मकबरा, काबुली बाग, बू अली शाह कलंदर; कल्पना चावला (करनाल, 1997, 2003); संतोष यादव (एवरेस्ट दो बार); देवीलाल; सुषमा स्वराज।