NMDC ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में 5,427 करोड़ रुपये की लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र, स्लरी पाइपलाइन और पेलेट संयंत्र का लोकार्पण किया
सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनी NMDC ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नगरनार स्थित अपने 2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाले पेलेट संयंत्र में उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे ₹5,427 करोड़ की वह एकीकृत परियोजना पूरी हुई जो बचेली की लौह अयस्क खदानों को नगरनार के इस्पात संयंत्र से जोड़ती है। पेलेट संयंत्र के अलावा परियोजना में बचेली का नया अयस्क-प्रसंस्करण संयंत्र और 15 MTPA क्षमता की 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन शामिल है, जो लौह अयस्क सांद्रण को सड़क के बजाय पाइप से नगरनार पहुँचाती है और बस्तर व दंतेवाड़ा जिलों के 61 गाँवों से होकर गुज़रती है। इन सुविधाओं से NMDC बैलाडीला खदानों के महीन अयस्क (फाइन्स) और स्लाइम को पहले सांद्रण और फिर इस्पात निर्माण में काम आने वाले पेलेट में बदल सकेगी। खराब मौसम के कारण अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी और वरिष्ठ प्रबंधन स्थल तक नहीं पहुँच सके, इसलिए उन्होंने पहला उत्पादन मुख्यालय से लाइव देखा। NMDC इस परियोजना को लंबी अवधि में अपनी लौह अयस्क उत्पादन क्षमता 100 मिलियन टन तक ले जाने की योजना का हिस्सा बताती है।
इसी खबर के अंग्रेज़ी संस्करण से AI की सहायता से हिंदी में अनूदित। अंग्रेज़ी संस्करण: ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
NMDC लिमिटेड की स्थापना नवंबर 1958 में हुई थी और यह इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जिसका पंजीकृत एवं कॉर्पोरेट कार्यालय हैदराबाद में है। यह भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी है, जो छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में किरंदुल और बचेली तथा कर्नाटक के डोनिमलाई में खुली खदानें चलाती है।
संदर्भ: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) — NMDC लिमिटेड पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट
खुद जाँचें: क्या NMDC का पंजीकृत कार्यालय छत्तीसगढ़ में है, जहाँ उसकी खदानें हैं?
नहीं। NMDC की खदानें छत्तीसगढ़ (बचेली, किरंदुल) और कर्नाटक (डोनिमलाई) में हैं, लेकिन इसका पंजीकृत एवं कॉर्पोरेट कार्यालय हैदराबाद में है।
अभ्यास: इस खबर से नई परियोजना के तीन हिस्सों (प्रोसेसिंग प्लांट, स्लरी पाइपलाइन, पेलेट प्लांट) और उनकी अलग-अलग क्षमताएँ नोट करें, और इन्हें ऊपर दिए NMDC के स्थापना वर्ष और खदानों के स्थान से जुड़े स्थायी तथ्यों से अलग रखें।
खुद को परखें
₹5,427 करोड़ की एकीकृत परियोजना के तहत NMDC का 2 MTPA क्षमता वाला नगरनार पेलेट संयंत्र छत्तीसगढ़ के किस क्षेत्र में है?
उत्तर देखें
उत्तर: बस्तर
परियोजना में बचेली का अयस्क-प्रसंस्करण संयंत्र और 135 किमी लंबी, 15 MTPA क्षमता की स्लरी पाइपलाइन भी शामिल है, जो बस्तर और दंतेवाड़ा ज़िलों के 61 गाँवों से होकर सान्द्र (कंसन्ट्रेट) को नगरनार पहुँचाती है।