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DAILY · 2026-10-12

सीतारमण की सिंगापुर यात्रा संपन्न, भारत में दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करने पर रहा ज़ोर

BankingGeneral

वित्त मंत्रालय ने 12 अक्टूबर को बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 8 से 11 अक्टूबर 2026 तक की चार दिन की आधिकारिक सिंगापुर यात्रा पूरी कर ली है। उन्होंने राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की, तथा उप प्रधानमंत्री गान किम योंग और विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन से भी मिलीं। बातचीत में चौथी भारत–सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक (ISMR) के नतीजों पर अमल और व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा हुई, और 2027 में सिंगापुर की ASEAN अध्यक्षता को ध्यान में रखकर आगे की चर्चा हुई। यात्रा का बड़ा हिस्सा निवेशकों से संवाद पर केंद्रित रहा: BlackRock, JPMorgan, PIMCO, Carlyle और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी कंपनियों के साथ गोलमेज बैठक, और सिंगापुर के सॉवरेन निवेशकों GIC व Temasek के अलावा DBS, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, MUFG और Intel समेत कई संस्थाओं के साथ अलग-अलग बैठकें। उन्होंने राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (NIIF) की सूची से चुनी गई अवसंरचना परियोजनाएं निवेशकों के सामने रखीं और गुजरात के GIFT IFSC के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया। सिंगापुर मौद्रिक प्राधिकरण (MAS) के साथ वित्तीय परिसंपत्तियों के टोकनाइज़ेशन, केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) और आपस में जुड़ सकने वाली निपटान प्रणालियों पर चर्चा हुई, और सिंगापुर ने टोकनाइज़ेशन का अपना अनुभव साझा करने की पेशकश की। यात्रा में NIIF के CEO और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) के अध्यक्ष भी साथ थे।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) की स्थापना 27 अप्रैल 2020 को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 के तहत हुई और इसका मुख्यालय गुजरात के गांधीनगर में GIFT सिटी में है। यह भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (IFSC) में वित्तीय उत्पादों, सेवाओं और संस्थाओं का एकीकृत नियामक है; गुजरात का GIFT IFSC देश का पहला IFSC है।

संदर्भ: अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट

खुद जाँचें: IFSCA बनने से पहले IFSC में बैंकिंग, पूंजी बाज़ार और बीमा कारोबार का नियमन कौन करता था?

तीन अलग नियामक: बैंकिंग के लिए RBI, पूंजी बाज़ार के लिए SEBI और बीमा के लिए IRDAI। 2019 के अधिनियम ने IFSC के लिए ये अधिकार एक ही नियामक, IFSCA, के अंतर्गत ला दिए।

अभ्यास: इस खबर में आई संस्थाओं को तीन समूहों में बाँटें — सिंगापुर का केंद्रीय बैंक और सरकारी स्वामित्व वाले निवेशक (MAS, GIC, Temasek), भारतीय संस्थाएँ (NIIF, IFSCA) और निजी निवेशक — क्योंकि मिलान वाले प्रश्नों में अक्सर इन्हें मिला दिया जाता है।

खुद को परखें

सिंगापुर यात्रा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निवेशकों को गुजरात के किस वित्तीय केंद्र के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया?

  1. मुंद्रा SEZ
  2. धोलेरा
  3. कांडला मुक्त व्यापार क्षेत्र
  4. GIFT IFSC
उत्तर देखें

उत्तर: GIFT IFSC

8-11 अक्टूबर की यात्रा में उन्होंने NIIF की पाइपलाइन की बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ पेश कीं और निवेशकों से गुजरात के GIFT IFSC के उपयोग का आग्रह किया; सिंगापुर मौद्रिक प्राधिकरण से उन्होंने वित्तीय परिसंपत्तियों के टोकनीकरण और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) पर भी चर्चा की।

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