IMD ने चक्रवात और समुद्री मौसम के लिए इंटरैक्टिव निर्णय सहायता प्रणाली जनता के लिए शुरू की
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अक्टूबर 2026 को चक्रवात चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं के लिए एक सार्वजनिक निर्णय सहायता प्रणाली (DSS) शुरू की। वेबजीआईएस पर आधारित यह इंटरैक्टिव प्लेटफ़ॉर्म चक्रवात और समुद्री मौसम की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराता है। इसके नक्शों पर तूफ़ान का वास्तविक और अनुमानित मार्ग व तीव्रता, अनिश्चितता का दायरा (कोन ऑफ़ अनसर्टेन्टी), हवा का वितरण, ज़िलेवार वर्षा चेतावनी, तूफ़ानी लहरें (स्टॉर्म सर्ज) और नदी जलग्रहण क्षेत्रों के लिए वर्षा पूर्वानुमान देखे जा सकते हैं। यह आपदा प्रबंधकों, सरकारी एजेंसियों और आम नागरिकों के लिए है और IMD तथा क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र (RSMC), नई दिल्ली की वेबसाइट से उपलब्ध है। इसकी शुरुआत IMD की साल में दो बार होने वाली प्री-साइक्लोन एक्सरसाइज़ बैठक में हुई, जो 2008 से आयोजित हो रही है; इस बार बैठक अक्टूबर-दिसंबर के मानसून-पश्चात मौसम की तैयारी के लिए थी। इसकी अध्यक्षता मौसम विज्ञान के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने की, जो विश्व मौसम विज्ञान संगठन के तीसरे उपाध्यक्ष भी हैं। NDMA, NDRF, सशस्त्र बलों, तटरक्षक बल और तटीय राज्यों सहित 30 से अधिक संगठनों के लगभग 230 प्रतिभागी शामिल हुए। तारीख का खास महत्व था: IMD द्वारा सटीक पूर्वानुमानित चक्रवात फैलिन (2013) और हुदहुद (2014) दोनों ने 12 अक्टूबर को ही तट पार किया था।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
IMD के नई दिल्ली स्थित क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र (RSMC) को 1 जुलाई 1988 से WMO/ESCAP उष्णकटिबंधीय चक्रवात पैनल के तहत चक्रवातों के लिए नामित किया गया था। यह पूरे उत्तरी हिंद महासागर पर चौबीसों घंटे नज़र रखता है और बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, श्रीलंका, ओमान और थाईलैंड सहित पैनल के सदस्य देशों को चक्रवात सलाह जारी करता है — जिससे IMD विश्व भर में चक्रवातों के लिए WMO-मान्यता प्राप्त केवल छह RSMC में से एक बन जाता है।
संदर्भ: RSMC नई दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट
खुद जाँचें: क्या IMD केवल भारत के लिए चक्रवात चेतावनी जारी करता है?
नहीं — 1988 से WMO/ESCAP पैनल के नामित RSMC के रूप में, IMD भारत के अलावा कई पैनल सदस्य देशों के लिए भी पूरे उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र हेतु उष्णकटिबंधीय चक्रवात सलाह जारी करता है।
अभ्यास: आज शुरू किए गए नए सार्वजनिक उपकरण (इंटरैक्टिव निर्णय सहायता तंत्र) को ऊपर बताए गए IMD के RSMC के रूप में स्थायी अंतरराष्ट्रीय अधिदेश से अलग रखें।
खुद को परखें
12 अक्टूबर 2026 को IMD द्वारा शुरू की गई इंटरैक्टिव वेबजीआईएस-आधारित निर्णय सहायता प्रणाली (DSS) किस जानकारी को एक जगह लाती है?
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उत्तर: चक्रवात चेतावनियाँ और समुद्री मौसम
इस प्रणाली में चक्रवात का देखा गया व पूर्वानुमानित मार्ग और तीव्रता, अनिश्चितता का शंकु, ज़िला-स्तरीय वर्षा चेतावनियाँ, तूफ़ानी लहर और नदी-जलग्रहण क्षेत्रों के वर्षा पूर्वानुमान दिखते हैं; इसे 2008 से साल में दो बार होने वाली IMD की चक्रवात-पूर्व बैठक में शुरू किया गया।