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DAILY · 2026-10-15

नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने राज्यों के लिए डेटा सेंटर मूल्यांकन फ्रेमवर्क जारी किया

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नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने 14 अक्टूबर 2026 को डेटा सेंटर मूल्यांकन फ्रेमवर्क जारी किया, जो राज्य सरकारों को डेटा सेंटर निवेश की टिकाऊ योजना, मूल्यांकन और सुविधा में मदद करेगा; PIB ने 15 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी। उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और DPIIT के इनपुट से तैयार यह फ्रेमवर्क पाँच स्तंभों पर आधारित है: बिजली और ऊर्जा; जल और शीतलन; स्थल चयन और पर्यावरणीय स्थिरता; आर्थिक और रणनीतिक मूल्य; तथा नीति, शासन और कार्यान्वयन। यह राज्यों से ग्रिड की तैयारी का आकलन करने, नवीकरणीय और भंडारण-समर्थित बिजली को बढ़ावा देने, बेसिन-स्तर पर जल-तनाव का मूल्यांकन करने, वर्षा जल संचयन और ई-कचरा प्रबंधन की योजना बनाने, डेटा सेंटर ज़ोन चिह्नित करने और प्रोत्साहनों को मापने योग्य परिणामों से जोड़ने को कहता है, बिना नियमन की नई परत बनाए। नीति आयोग ने बताया कि AI और क्लाउड की माँग से भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2020 के लगभग 375 मेगावाट से बढ़कर लगभग 1.5 गीगावाट हो गई है, और केंद्र भारत-स्थित डेटा सेंटर अवसंरचना का उपयोग करने वाले पात्र विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक कर अवकाश देता है। जारी करने के अवसर पर नीति आयोग के सदस्य अभय करंदीकर, CEO अनुराग जैन और विशिष्ट फेलो देबजानी घोष ने संबोधित किया।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) की स्थापना 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के संकल्प से योजना आयोग के स्थान पर हुई; प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं, और इसमें एक उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्य और एक CEO होते हैं। यह नीति थिंक टैंक है, धन आवंटित करने वाली संस्था नहीं। एक मेगावाट (MW) 1,000 किलोवाट और एक गीगावाट (GW) 1,000 MW होता है, इसलिए इस रिलीज़ का 1.5 GW यानी 1,500 MW है, जो 2020 के 375 MW का चार गुना है।

संदर्भ: नीति आयोग का अपने उद्देश्यों और विशेषताओं पर पृष्ठ

खुद जाँचें: क्या यह फ्रेमवर्क नीति आयोग को राज्यों में डेटा सेंटर परियोजनाओं को मंज़ूर या अस्वीकार करने की शक्ति देता है?

नहीं। यह राज्य सरकारों के लिए निर्णय-सहायता उपकरण है, और रिलीज़ कहती है कि यह नियमन की नई परत नहीं जोड़ता; मंज़ूरियाँ राज्यों और संबंधित नियामकों के पास ही रहती हैं।

अभ्यास: इस रिलीज़ से पाँचों स्तंभ और क्षमता के आँकड़े सूचीबद्ध करें, और इन्हें नीति आयोग के ऊपर दिए स्थायी तथ्यों से अलग रखें।

खुद को परखें

14 अक्टूबर 2026 को जारी नीति आयोग का डेटा सेंटर मूल्यांकन फ्रेमवर्क कितने स्तंभों पर आधारित है?

  1. तीन
  2. चार
  3. पाँच
  4. सात
उत्तर देखें

उत्तर: पाँच

पाँच स्तंभ: बिजली और ऊर्जा; जल और शीतलन; स्थल चयन और पर्यावरणीय स्थिरता; आर्थिक और रणनीतिक मूल्य; तथा नीति, शासन और कार्यान्वयन।

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