जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय भाषाओं पर कार्य समूह की पहली बैठक की; 'आदि वाणी' बनेगा राष्ट्रीय जनजातीय भाषा भंडार
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 15 अक्टूबर 2026 को सचिव रंजना चोपड़ा की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड में जनजातीय भाषाओं पर अपने कार्य समूह की पहली बैठक की, जिसमें भारतीय भाषा संस्थान (CIIL), IIT दिल्ली, धारवाड़ और कानपुर, तेज़पुर, मणिपुर, असम और सिक्किम विश्वविद्यालयों, लिविंग टंग्स इंस्टीट्यूट फॉर एंडेंजर्ड लैंग्वेजेज़ और भाषा समिति सहित भाषाविद् और संस्थाएँ शामिल हुईं। यह समूह जनजातीय भाषाओं के प्रलेखन, डिजिटल संरक्षण, शोध और संवर्धन का मार्गदर्शन करेगा; प्रस्तावित ढाँचे में जनजातीय भाषाओं की राष्ट्रीय आधार-रेखा, भाषा प्रौद्योगिकी, मौखिक परंपराओं का समुदाय-नेतृत्व वाला प्रलेखन और बहुभाषी शिक्षा शामिल हैं। IIT दिल्ली द्वारा मंत्रालय के साथ विकसित AI अनुवाद मंच 'आदि वाणी' को राष्ट्रीय जनजातीय भाषा भंडार के रूप में विकसित किया जा रहा है: यह नौ जनजातीय भाषाओं में पाठ अनुवाद के साथ वाक्, OCR और वीडियो उपशीर्षक की सुविधा देता है, जनजातीय अनुसंधान संस्थानों द्वारा तैयार 300 से अधिक प्राइमरों तक पहुँच देता है, दस भाषाओं में लगभग 13.9 लाख वाक्य और लगभग 300 घंटे का वाक् डेटा रखता है, और इसके 48,000 से अधिक एंड्रॉयड डाउनलोड तथा लगभग 6,500 मासिक उपयोगकर्ता हैं। भाषा समिति के अध्यक्ष चमू कृष्ण शास्त्री ने किसी भी भारतीय भाषा के विकास के सात स्तंभ बताए, और साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव के. श्रीनिवास राव ने प्रलेखन और पुनर्जीवन की दो-वर्षीय योजना प्रस्तुत की।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ हैं; संथाली और बोडो, दोनों जनजातीय भाषाएँ, 2003 में 92वें संशोधन से डोगरी और मैथिली के साथ जोड़ी गईं। अनुच्छेद 29 नागरिकों के किसी भी वर्ग को अपनी विशिष्ट भाषा, लिपि या संस्कृति बनाए रखने का अधिकार देता है, और अनुच्छेद 350A राज्यों से भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था करने को कहता है। भारतीय भाषा संस्थान (CIIL), मैसूरु, की स्थापना 1969 में शिक्षा मंत्रालय के अधीन हुई।
संदर्भ: गृह मंत्रालय की आठवीं अनुसूची की भाषाओं की सूची
खुद जाँचें: क्या भारत की सभी जनजातीय भाषाएँ आठवीं अनुसूची में हैं?
नहीं। केवल कुछ, जैसे संथाली और बोडो (2003 में जोड़ी गईं), 22 अनुसूचित भाषाओं में हैं; अधिकांश जनजातीय भाषाएँ अनुसूची से बाहर हैं, इसीलिए इस कार्य समूह जैसे प्रलेखन प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
अभ्यास: इस रिलीज़ से नोट करें कि आदि वाणी क्या करता है और उसके आँकड़े (नौ भाषाएँ, 300 से अधिक प्राइमर, लगभग 13.9 लाख वाक्य), और इन्हें आठवीं अनुसूची के ऊपर दिए स्थायी तथ्यों से अलग रखें।
खुद को परखें
15 अक्टूबर 2026 की बैठक में राष्ट्रीय जनजातीय भाषा भंडार के रूप में प्रस्तुत 'आदि वाणी' को जनजातीय कार्य मंत्रालय के साथ किस संस्थान ने विकसित किया है?
उत्तर देखें
उत्तर: IIT दिल्ली
'आदि वाणी' को IIT दिल्ली ने मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है; यह नौ जनजातीय भाषाओं में पाठ अनुवाद के साथ वाक्, OCR और वीडियो उपशीर्षक की सुविधा भी देता है।