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DAILY · 2026-10-18

PIB पृष्ठभूमि रिपोर्ट: ICAR-CPRI का बैंगनी आलू कुफ़री जामुनिया, विटामिन C, आयरन और ज़िंक से भरपूर जैव-संवर्धित किस्म

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18 अक्टूबर 2026 की PIB पृष्ठभूमि रिपोर्ट कुफ़री जामुनिया का परिचय देती है, जो बैंगनी गूदे वाली आलू की किस्म है और जिसे ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI) ने 2024 में आधिकारिक रूप से जारी किया; इसका उद्देश्य 'छिपी भूख' से निपटना है, यानी पर्याप्त कैलोरी के बावजूद आवश्यक विटामिन और खनिजों की कमी। जैव-संवर्धन (बायोफ़ोर्टिफ़िकेशन) पादप प्रजनन के ज़रिए फ़सल में ही पोषक तत्व बढ़ाता है, जबकि पारंपरिक फ़ोर्टिफ़िकेशन प्रसंस्करण के दौरान पोषक तत्व मिलाता है। कुफ़री जामुनिया में CPRI की पहले की रंगीन किस्मों कुफ़री नीलकंठ (2018), जो पहली बैंगनी छिलके वाली विशेष किस्म थी, और कुफ़री माणिक (2021) से अधिक एस्कॉर्बिक अम्ल, एंथोसायनिन और कैरोटिनॉयड हैं; प्रति 100 ग्राम इसमें 42.75 मिलीग्राम विटामिन C (सामान्य आलू में 23.15 मिलीग्राम), 2.28 मिलीग्राम ज़िंक (0.28 मिलीग्राम) और 3.22 मिलीग्राम आयरन (0.57 मिलीग्राम) है। मध्यम अवधि में पकने वाली यह किस्म अनुशंसित तरीक़ों से 32-35 टन प्रति हेक्टेयर उपज देती है, इसकी सुप्तावस्था 6-8 सप्ताह की है, भंडारण गुणवत्ता अच्छी है, और यह उत्तर भारत के मैदानी इलाक़ों के लिए अनुशंसित है।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), जिसे पहले इंपीरियल काउंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च कहा जाता था, की स्थापना 16 जुलाई 1929 को कृषि पर रॉयल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसरण में सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में हुई थी। यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (DARE) के अधीन एक स्वायत्त संगठन है, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है, और यह बागवानी, मत्स्य पालन और पशु विज्ञान सहित पूरे देश में कृषि अनुसंधान व शिक्षा के समन्वय, मार्गदर्शन और प्रबंधन की शीर्ष संस्था है। इसकी व्यवस्था में 113 ICAR संस्थान और 74 कृषि विश्वविद्यालय शामिल हैं।

संदर्भ: भाकृअनुप (ICAR), हमारे बारे में

खुद जाँचें: जैव-संवर्धन पारंपरिक खाद्य फ़ोर्टिफ़िकेशन से कैसे अलग है?

जैव-संवर्धन पादप प्रजनन के ज़रिए फ़सल में ही पोषक तत्व बढ़ाता है, जबकि पारंपरिक फ़ोर्टिफ़िकेशन प्रसंस्करण के दौरान पोषक तत्व मिलाता है।

अभ्यास: इस पृष्ठभूमि रिपोर्ट से किस्म के जारी होने का वर्ष, सामान्य आलू की तुलना में इसके पोषक आँकड़े, उपज और उपयुक्त क्षेत्र नोट करें, और इन्हें ICAR के ऊपर दिए स्थायी तथ्यों से अलग रखें।

खुद को परखें

18 अक्टूबर 2026 को PIB द्वारा प्रस्तुत जैव-संवर्धित बैंगनी आलू कुफ़री जामुनिया किस संस्थान ने विकसित किया?

  1. ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान
  2. ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान
  3. ICAR-केंद्रीय कंद फ़सल अनुसंधान संस्थान
  4. अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र
उत्तर देखें

उत्तर: ICAR-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान

कुफ़री जामुनिया को ICAR-CPRI ने 2024 में जारी किया; इसी संस्थान ने रंगीन किस्में कुफ़री नीलकंठ (2018) और कुफ़री माणिक (2021) भी विकसित कीं।

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