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DAILY · 2026-10-19

मत्स्यपालन सचिव ने पिथौरागढ़ शीतजल मत्स्य क्लस्टर की समीक्षा की: ट्राउट उत्पादन लगभग 5,000 मीट्रिक टन, PMMSY के तहत पर्वतीय राज्यों में 2,299 करोड़ रुपये का निवेश

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मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार मत्स्यपालन सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने 19 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शीतजल मत्स्य क्लस्टर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ट्राउट किसान, राज्य के अधिकारी, ICAR-DCFR भीमताल, नाबार्ड, NFDB और MPEDA शामिल हुए। सरकार ने पिथौरागढ़ (उत्तराखंड), कुल्लू (हिमाचल प्रदेश), अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) और कारगिल (लद्दाख) में शीतजल मत्स्य क्लस्टर अधिसूचित किए हैं; भारत की शीतजल मत्स्यपालन छह पर्वतीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्रित है, जिनमें सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत पर्वतीय राज्यों में 2,299 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है और 5,600 से अधिक रेसवे, 54 हैचरी, 293 शीतगृह और 260 फ़ीड मिलें स्वीकृत हुई हैं; एक दशक में ट्राउट उत्पादन छह गुना बढ़कर लगभग 5,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गया है, और उत्तराखंड ने जून 2026 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय निर्यात, नेपाल को 5 मीट्रिक टन ट्राउट, किया। उत्तराखंड में पिछले छह वर्षों में 317 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, और 2.10 करोड़ रुपये मूल्य की 45 मीट्रिक टन से अधिक ट्राउट ITBP की चौकियों को आपूर्ति की जा चुकी है। चर्चा में आई कमियों में बीज (40 लाख की माँग के मुक़ाबले 15 लाख फ़िंगरलिंग का उत्पादन) और उत्पादकता (1,000 किलो की क्षमता के मुक़ाबले प्रति रेसवे 250 किलो) शामिल हैं।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 मई 2020 को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) को 20,050 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंज़ूरी दी, जिसे मत्स्यपालन क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश बताया गया: केंद्र का हिस्सा 9,407 करोड़ रुपये, राज्यों का हिस्सा 4,880 करोड़ रुपये और लाभार्थियों का अंशदान 5,763 करोड़ रुपये। इसे पाँच वर्षों, वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25, तक सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक अम्ब्रेला योजना के रूप में चलाया जाना था, जिसके दो घटक हैं: केंद्रीय क्षेत्र योजना और केंद्र प्रायोजित योजना।

संदर्भ: PMMSY को मंत्रिमंडल की मंज़ूरी पर 20 मई 2020 की PIB रिलीज़

खुद जाँचें: सचिव ने मुनस्यारी में रेनबो ट्राउट लाने का श्रेय किस संस्थान को दिया?

ICAR-DCFR, भीमताल को, जिसे उन्होंने जून 2026 में उत्तराखंड के नेपाल को 5 मीट्रिक टन ट्राउट निर्यात में सहयोग का श्रेय भी दिया।

अभ्यास: इस रिलीज़ से चारों अधिसूचित क्लस्टर, छह पर्वतीय राज्य व केंद्रशासित प्रदेश, PMMSY के निवेश और स्वीकृति के आँकड़े, ट्राउट उत्पादन और नेपाल निर्यात नोट करें, और इन्हें योजना के ऊपर दिए स्थायी तथ्यों से अलग रखें।

खुद को परखें

मत्स्यपालन विभाग की 19 अक्टूबर 2026 की रिलीज़ के अनुसार पिथौरागढ़, कुल्लू, अनंतनाग और किस अन्य स्थान पर शीतजल मत्स्य क्लस्टर अधिसूचित किए गए हैं?

  1. कारगिल
  2. गंगटोक
  3. तवांग
  4. शिमला
उत्तर देखें

उत्तर: कारगिल

सरकार ने पिथौरागढ़ (उत्तराखंड), कुल्लू (हिमाचल प्रदेश), अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) और कारगिल (लद्दाख) में शीतजल मत्स्य क्लस्टर अधिसूचित किए हैं।

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