2047 तक 100 गीगावाट परमाणु बिजली का लक्ष्य: डॉ. जितेंद्र सिंह बोले, परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए, AI और डेटा सेंटरों को सहारा देगी परमाणु ऊर्जा
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ब्लूमबर्ग इकोनॉमी फ़ोरम 2026 के दौरान हुई बातचीत में (परमाणु ऊर्जा विभाग की 20 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति) कहा कि भारत का परमाणु कार्यक्रम युद्ध के लिए नहीं, शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए समर्पित है, जो कार्यक्रम के निर्माता डॉ. होमी भाभा का दृष्टिकोण था। उन्होंने बताया कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता और 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है; परमाणु ऊर्जा दूसरे स्रोतों की पूरक बनकर लगातार और भरोसेमंद स्वच्छ बिजली देगी, जिसमें आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटरों की बढ़ती माँग भी शामिल है। AI को अपने-आप में कोई क्षेत्र नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से जीव विज्ञान तक हर क्षेत्र में काम आने वाला औज़ार बताते हुए उन्होंने इसके ज़िम्मेदार और मनुष्य-संचालित उपयोग पर ज़ोर दिया, और कहा कि महत्त्वपूर्ण व संवेदनशील क्षेत्र ग़ैर-सरकारी कंपनियों के लिए खोले गए हैं, जिससे निजी भागीदारी का दायरा बढ़ा है।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम डॉ. होमी जे. भाभा की बनाई तीन-चरणीय योजना पर चलता है, ताकि देश के सीमित यूरेनियम और विशाल थोरियम भंडार का पूरा उपयोग हो सके। पहले चरण में दाबित भारी जल रिएक्टरों (PHWR) में प्राकृतिक यूरेनियम जलता है, जिनके प्रयुक्त ईंधन से प्लूटोनियम मिलता है; दूसरे चरण में वही प्लूटोनियम फ़ास्ट ब्रीडर रिएक्टरों में ईंधन बनता है, जो जितना ईंधन खपाते हैं उससे अधिक बनाते हैं और थोरियम से यूरेनियम-233 तैयार करेंगे; तीसरे चरण में उसी यूरेनियम-233 के साथ थोरियम पर रिएक्टर चलाए जाने हैं। तमिलनाडु के कलपक्कम में BHAVINI द्वारा बनाए गए 500 मेगावाट (विद्युत) के प्रोटोटाइप फ़ास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने 6 अप्रैल 2026 को पहली क्रांतिकता प्राप्त की, जिससे भारत दूसरे चरण में पहुँचा। केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित परमाणु ऊर्जा मिशन का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु बिजली क्षमता है।
खुद जाँचें: किस रिएक्टर के साथ भारत अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में पहुँचा, और उस चरण में कौन-सा ईंधन जलता है?
कलपक्कम का 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फ़ास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पहली क्रांतिकता 6 अप्रैल 2026); दूसरे चरण में पहले चरण के प्रयुक्त ईंधन से निकाला गया प्लूटोनियम जलता है।
अभ्यास: इस रिलीज़ से परमाणु क्षमता का लक्ष्य और उसका वर्ष, नेट ज़ीरो का वर्ष और वह मंच जहाँ मंत्री ने बात की, नोट करें, और इन्हें ऊपर दिए कार्यक्रम के स्थायी तथ्यों से अलग रखें।
खुद को परखें
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार (PIB, 20 अक्टूबर 2026), भारत ने 2047 तक कितनी परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है?
उत्तर देखें
उत्तर: 100 गीगावाट
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता और 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।