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DAILY · 2026-10-22

भारत मंडपम में 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन शुरू; भारत की गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता 308 GW के पार

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिन के 7वें एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन का उद्घाटन किया। एग्रीवोल्टाइक्स का अर्थ है खेतों के ऊपर ऊँचाई पर लगे सोलर पैनलों से बिजली बनाना, जबकि नीचे फ़सलें उगती रहें। चौहान ने कहा कि एग्रीवोल्टाइक्स नीति छोटे और सीमांत किसानों के लिए कारगर होनी चाहिए, जो कुल किसानों के 85 प्रतिशत से अधिक हैं और जिनकी औसत जोत 0.96 हेक्टेयर है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 2014 से पहले के लगभग 249 GW से बढ़कर 560 GW से अधिक हो गई है, जिसमें स्थापित गैर-जीवाश्म क्षमता 308 GW पार कर चुकी है। TERI के एक अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की 116 मिलियन हेक्टेयर कृषि भूमि में से 47.5 मिलियन हेक्टेयर, यानी लगभग 30 प्रतिशत, तकनीकी रूप से एग्रीवोल्टाइक्स के लिए उपयुक्त है; PM-KUSUM के तहत 30 लाख कृषि पंप सौर ऊर्जा से जोड़े जा चुके हैं, और इसके अगले चरण में एक बड़ा एग्रीवोल्टाइक्स कार्यक्रम होगा।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

सरकार ने 19 फ़रवरी 2019 को PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) को मंज़ूरी दी, ताकि किसानों को ऊर्जा और जल सुरक्षा मिले, उनकी आय बढ़े और खेती में डीज़ल का उपयोग ख़त्म हो। PIB की फ़ैक्टशीट में तीन घटक हैं: A, 2 MW तक के छोटे संयंत्रों से 10,000 MW सौर क्षमता; B, 20 लाख स्टैंडअलोन सौर कृषि पंप; और C, ग्रिड से जुड़े 15 लाख मौजूदा पंपों का सौरीकरण। घटक A में अगर संयंत्र खेती वाली ज़मीन पर लगे, तो पैनल एक न्यूनतम ऊँचाई से ऊपर लगाए जाते हैं ताकि किसान उनके नीचे फ़सल उगाता रहे - यही एग्रीवोल्टाइक्स का विचार है।

संदर्भ: PIB फ़ैक्टशीट, 'प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM)'

खुद जाँचें: PM-KUSUM को किस तारीख़ को मंज़ूरी मिली, और इसका घटक C क्या है?

19 फ़रवरी 2019; ग्रिड से जुड़े मौजूदा कृषि पंपों का सौरीकरण।

अभ्यास: इस रिलीज़ से सम्मेलन का संस्करण और स्थान, TERI अध्ययन के कृषि भूमि आँकड़े, कुल और गैर-जीवाश्म क्षमता के आँकड़े और PM-KUSUM पंपों की संख्या लिखें; नोट से PM-KUSUM की मंज़ूरी की तारीख़ और तीनों घटक।

खुद को परखें

21 अक्टूबर 2026 को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के अनुसार भारत की स्थापित गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता कितनी पार कर चुकी है?

  1. 308 GW
  2. 208 GW
  3. 408 GW
  4. 560 GW
उत्तर देखें

उत्तर: 308 GW

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि स्थापित गैर-जीवाश्म क्षमता 308 GW पार कर चुकी है। 560 GW भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता है, जो 2014 से पहले लगभग 249 GW थी।

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