भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती पर माले, मालदीव पहुँचा
भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) के जहाज़ - INS तीर, INS सुजाता और भारतीय तटरक्षक पोत सारथी - स्क्वाड्रन की लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के तहत 21 अक्टूबर 2026 को माले, मालदीव पहुँचे, जहाँ मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) ने उनका स्वागत किया। स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने MNDF के रक्षा बल प्रमुख, MNDF तटरक्षक के कमांडेंट और मालदीव में भारत के उच्चायुक्त से भेंट की, और स्क्वाड्रन के प्रशिक्षुओं ने गिरिफुशी प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत के महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) दृष्टिकोण के अनुरूप बढ़ते समुद्री सहयोग को रेखांकित करती है।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च 2025 को मॉरीशस में ग्लोबल साउथ के लिए भारत के दृष्टिकोण के रूप में 'महासागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) की घोषणा की, जो 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) से आगे जाता है; 'सागर' की नींव दस वर्ष पहले मॉरीशस में ही रखी गई थी। उन्होंने कहा कि महासागर में विकास के लिए व्यापार, सतत विकास के लिए क्षमता निर्माण और साझा भविष्य के लिए पारस्परिक सुरक्षा के विचार शामिल होंगे।
खुद जाँचें: 'महासागर' दृष्टिकोण की घोषणा कहाँ और कब हुई, और यह किस पहले के दृष्टिकोण से आगे जाता है?
मॉरीशस में, 12 मार्च 2025 को; यह 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) से आगे जाता है।
अभ्यास: इस रिलीज़ से तीनों जहाज़, माले पहुँचने की तारीख़, मालदीव का बल और प्रशिक्षुओं द्वारा देखा गया प्रशिक्षण केंद्र लिखें; नोट से महासागर का पूरा नाम, इसकी घोषणा का स्थान और तारीख़ तथा इसके तीन विचार।
खुद को परखें
21 अक्टूबर 2026 को भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के कौन-से जहाज़ माले, मालदीव पहुँचे?
उत्तर देखें
उत्तर: INS तीर, INS सुजाता और ICGS सारथी
प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) के INS तीर, INS सुजाता और भारतीय तटरक्षक पोत सारथी स्क्वाड्रन की लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के तहत 21 अक्टूबर 2026 को माले पहुँचे।