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DAILY · 2026-10-23

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जगदलपुर में बस्तर दशहरा कार्यक्रम में भाग लिया; मुरिया दरबार में मांझी और चालकी से मिलीं

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 अक्टूबर 2026 को बस्तर दशहरा के अवसर पर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया और इस उत्सव को छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक आस्था का जीवंत प्रतीक बताया, जिसमें पूरा समुदाय भाग लेता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से यह क्षेत्र नक्सली हिंसा से मुक्त हुआ है, और जनजातीय समुदायों की प्रकृति-पोषक जीवनशैली से सीख लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम से पहले उन्होंने जगदलपुर के माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की और मुरिया दरबार में स्थानीय मांझी और चालकी से बातचीत की; उन्होंने रंगोली और दशहरा प्रदर्शनी भी देखी।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

बस्तर दशहरा 75 दिन तक चलने वाला उत्सव है। 4 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर में इसमें भाग लेने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्सव बताया और कहा कि 14वीं शताब्दी में शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने पूरे बस्तर क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरण किया।

संदर्भ: PIB, गृह मंत्रालय, 'केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने जगदलपुर, छत्तीसगढ़ में बस्तर दशहरा उत्सव में भाग लिया', 4 अक्टूबर 2025

खुद जाँचें: बस्तर दशहरा कितने दिन चलता है, और माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा किस शताब्दी से हो रही है?

75 दिन; 14वीं शताब्दी से।

अभ्यास: इस रिलीज़ से स्थान, तारीख़, राष्ट्रपति जिस दरबार में गईं और वहाँ जिनसे मिलीं, और जिस मंदिर में गईं, लिखें; नोट से उत्सव की अवधि और रथ यात्रा के शुरू होने की शताब्दी।

खुद को परखें

23 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किस नगर में बस्तर दशहरा कार्यक्रम और मुरिया दरबार में भाग लिया?

  1. जगदलपुर
  2. रायपुर
  3. दंतेवाड़ा
  4. बिलासपुर
उत्तर देखें

उत्तर: जगदलपुर

राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर दशहरा के सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया, मुरिया दरबार में स्थानीय मांझी और चालकी से मिलीं और वहाँ के माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा की।

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