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DAILY · 2026-10-24

नौसेना की पनडुब्बियों के लिए DRDO का स्वदेशी AIP ऊर्जा मॉड्यूल L&T हज़ीरा में 'सेटिंग टू वर्क फ़ेज़-2' में पहुँचा

SSCDefenceGeneral

DRDO की नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित वायु स्वतंत्र प्रणोदन (AIP) प्रणाली के ऊर्जा मॉड्यूल की 'सेटिंग टू वर्क फ़ेज़ (STW)-2' गतिविधि का उद्घाटन 24 अक्टूबर 2026 को गुजरात के हज़ीरा में लार्सन एंड टुब्रो के एएम नाइक हेवी इंजीनियरिंग कॉम्प्लेक्स में हुआ। AIP प्रणाली वायुमंडलीय ऑक्सीजन पर निर्भरता घटाकर डीज़ल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की पानी के भीतर रहने की क्षमता (सहनशक्ति) बढ़ाती है। रक्षा सचिव और DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह समारोह में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। अगले चरण में ऊर्जा मॉड्यूल को बिजली उत्पादन के लिए चालू करके भारतीय नौसेना के प्रोटोकॉल के अनुसार परखा जाएगा, फिर इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड को सौंपा जाएगा, ताकि 2027 की शुरुआत में इसे कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी पर लगाया जा सके।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

DRDO ने 8 मार्च 2021 को अपनी ईंधन सेल आधारित वायु स्वतंत्र प्रणोदन (AIP) प्रणाली के भूमि-आधारित प्रोटोटाइप को सिद्ध किया और संयंत्र को उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुसार एंड्योरेंस मोड और अधिकतम पावर मोड में चलाया। यह प्रणाली नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (NMRL) ने उद्योग भागीदारों L&T और थर्मैक्स के सहयोग से विकसित की। दुनिया में अपनाई जा रही विभिन्न AIP प्रणालियों में NMRL की ईंधन सेल आधारित AIP को अनूठा बताया गया है, क्योंकि इसमें हाइड्रोजन पनडुब्बी पर ही बनाई जाती है।

संदर्भ: PIB, 'ईंधन सेल आधारित वायु स्वतंत्र प्रणोदन (AIP) प्रणाली ने उपयोगकर्ता-विशिष्ट परीक्षणों का महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया', 9 मार्च 2021

खुद जाँचें: DRDO ने अपनी AIP प्रणाली के भूमि-आधारित प्रोटोटाइप को कब सिद्ध किया, और NMRL की ईंधन सेल आधारित AIP अनूठी क्यों है?

8 मार्च 2021 को; इसमें हाइड्रोजन पनडुब्बी पर ही बनाई जाती है।

अभ्यास: इस रिलीज़ से मॉड्यूल को विकसित करने वाली प्रयोगशाला, उद्घाटन हुआ चरण और स्थान, AIP प्रणाली क्या करती है, और जिस श्रेणी की पनडुब्बी पर इसे लगाया जाना है व उसका वर्ष लिखें; नोट से भूमि-आधारित प्रोटोटाइप सिद्ध होने की तारीख़, उद्योग भागीदार और NMRL की AIP के अनूठेपन का कारण।

खुद को परखें

24 अक्टूबर 2026 को जिस स्वदेशी वायु स्वतंत्र प्रणोदन (AIP) ऊर्जा मॉड्यूल के 'सेटिंग टू वर्क फ़ेज़-2' का उद्घाटन हुआ, उसे DRDO की किस प्रयोगशाला ने विकसित किया?

  1. नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला
  2. रक्षा धातुकर्म अनुसंधान प्रयोगशाला
  3. नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला
  4. रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला
उत्तर देखें

उत्तर: नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला

AIP ऊर्जा मॉड्यूल DRDO की नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला ने विकसित किया है; यह गतिविधि गुजरात में L&T के हज़ीरा कॉम्प्लेक्स में हुई। मॉड्यूल को 2027 की शुरुआत में कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी पर लगाया जाना है।

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