CCPA ने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापनों पर एक कंपनी पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया; ऑनलाइन 16,970 से अधिक नियम-विरुद्ध लिस्टिंग मिलीं
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 25 अक्टूबर 2026 को बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने वॉकी-टॉकी के ऐसे भ्रामक विज्ञापनों और लिस्टिंग के लिए होगर टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशंस LLP पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है, जिनमें उनकी संचालन आवृत्तियाँ और लाइसेंस संबंधी आवश्यकताएँ नहीं बताई गई थीं। यह आदेश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत पारित किया गया। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्मों पर 16,970 से अधिक नियम-विरुद्ध लिस्टिंग की पहचान हुई है और 13 ई-कॉमर्स संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए हैं; CCPA 12 संस्थाओं के विरुद्ध अंतिम आदेश पारित कर कुल ₹58 लाख का जुर्माना लगा चुका है। कम शक्ति वाले रेडियो उपकरणों के लिए 2018 के लाइसेंस-छूट नियमों के तहत 446.0-446.2 MHz के भीतर चलने वाले पर्सनल मोबाइल रेडियो के लिए, शर्तों के अधीन, लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, 20 जुलाई 2020 को लागू हुआ, और अधिनियम की धारा 10 के तहत 24 जुलाई 2020 से केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की स्थापना की गई। इसे चालू करने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग की तत्कालीन अपर सचिव निधि खरे को 29 जुलाई 2020 से मुख्य आयुक्त का प्रभार दिया गया।
खुद जाँचें: CCPA की स्थापना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की किस धारा के तहत और किस तारीख़ से हुई?
धारा 10 के तहत; 24 जुलाई 2020 से।
अभ्यास: इस रिलीज़ से जुर्माना और कंपनी, लागू कानून, नियम-विरुद्ध लिस्टिंग व ई-कॉमर्स संस्थाओं की संख्या, कुल जुर्माना और लाइसेंस-मुक्त आवृत्ति सीमा लिखें; नोट से अधिनियम के लागू होने की तारीख़ और CCPA कब व किस धारा के तहत बना।
खुद को परखें
25 अक्टूबर 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापनों के लिए होगर टेक्नोलॉजीज़ एंड इनोवेशंस LLP पर ₹1 लाख का जुर्माना किस निकाय ने लगाया?
उत्तर देखें
उत्तर: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने यह जुर्माना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत लगाया, क्योंकि लिस्टिंग में उपकरणों की संचालन आवृत्तियाँ और लाइसेंस संबंधी आवश्यकताएँ नहीं बताई गई थीं।