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DAILY · 2026-10-28

आईएनएस सह्याद्रि भारत-कोरिया गणराज्य नौसेना द्विपक्षीय अभ्यास के लिए कोरिया गणराज्य के बुसान पहुँचा

SSCRailwayDefenceGeneral

रक्षा मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को बताया कि भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि भारत-कोरिया गणराज्य नौसेना (आईएन-आरओकेएन) द्विपक्षीय अभ्यास में भाग लेने के लिए 26 अक्टूबर 2026 को कोरिया गणराज्य (दक्षिण कोरिया) के बुसान नौसैनिक बंदरगाह पहुँचा। कोरिया गणराज्य की नौसेना (आरओकेएन) ने जहाज़ का गर्मजोशी से स्वागत किया। बंदरगाह चरण के दौरान दोनों नौसेनाओं के कर्मी पेशेवर संवाद, एक-दूसरे के युद्धपोतों के दौरे (क्रॉस-डेक विज़िट), क्रॉस-ट्रेनिंग गतिविधियों और खेल आयोजनों में भाग लेंगे, और आईएनएस सह्याद्रि के कमांडिंग अधिकारी आरओकेएन के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट करेंगे। बंदरगाह चरण के बाद समुद्र में समन्वित समुद्री गतिविधियाँ होंगी, जिनमें आईएनएस सह्याद्रि और आरओकेएस मुनमु द ग्रेट भाग लेंगे; इनसे परिचालन समन्वय मज़बूत करने, अंतर-संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) बढ़ाने और दोनों नौसेनाओं के पेशेवर संबंधों को सुदृढ़ करने के अवसर मिलेंगे। मंत्रालय के अनुसार यह अभ्यास समुद्री सहयोग को मज़बूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा में योगदान देने की भारत और कोरिया गणराज्य की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

14 अक्टूबर 2025 को रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आईएनएस सह्याद्रि दक्षिण चीन सागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के तहत भारतीय नौसेना (आईएन) और कोरिया गणराज्य की नौसेना (आरओकेएन) के पहले द्विपक्षीय अभ्यास में भाग लेने के लिए 13 अक्टूबर 2025 को दक्षिण कोरिया के बुसान नौसैनिक बंदरगाह पहुँचा था। स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित तथा 2012 में नौसेना में शामिल आईएनएस सह्याद्रि शिवालिक श्रेणी के गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट्स का तीसरा जहाज़ है; यह पूर्वी नौसेना कमान के तत्वावधान में पूर्वी बेड़े के हिस्से के रूप में विशाखापत्तनम में स्थित है। उस पहले संस्करण के बंदरगाह चरण में पारस्परिक क्रॉस-डेक दौरे, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान, क्रॉस-ट्रेनिंग सत्र और खेल प्रतियोगिताएँ शामिल होनी थीं, जिसके बाद समुद्री चरण में आईएनएस सह्याद्रि और आरओकेएस ग्योंगनाम को संयुक्त अभ्यास करने थे। मंत्रालय ने इस पहले अभ्यास को दोनों नौसेनाओं के बीच वर्षों की चर्चा और योजना का परिणाम बताया, और कहा कि हाल के वर्षों में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच नौसेना-से-नौसेना संपर्क उनकी रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।

संदर्भ: PIB (रक्षा मंत्रालय), 'भारत-कोरिया की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास का प्रथम संस्करण आरंभ हुआ', 14 अक्टूबर 2025

खुद जाँचें: पहले आईएन-आरओकेएन द्विपक्षीय अभ्यास के लिए आईएनएस सह्याद्रि बुसान कब पहुँचा था, तब समुद्र में किस आरओकेएन जहाज़ को उसके साथ अभ्यास करना था, और आईएनएस सह्याद्रि किस श्रेणी के फ्रिगेट्स में से है?

13 अक्टूबर 2025 को; आरओकेएस ग्योंगनाम; यह शिवालिक श्रेणी के गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट्स का तीसरा जहाज़ है।

अभ्यास: इस रिलीज़ से आईएनएस सह्याद्रि कब और कहाँ पहुँचा, यह किस प्रकार का जहाज़ है, बंदरगाह चरण की गतिविधियाँ और समुद्र में यह किस आरओकेएन जहाज़ के साथ अभ्यास करेगा, लिखें; नोट से पहला आईएन-आरओकेएन अभ्यास कब हुआ, उसमें आरओकेएन का कौन-सा जहाज़ था, और आईएनएस सह्याद्रि की श्रेणी, नौसेना में शामिल होने का वर्ष और उसका बेस।

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आईएनएस सह्याद्रि भारत-कोरिया गणराज्य नौसेना द्विपक्षीय अभ्यास में भाग लेने के लिए 26 अक्टूबर 2026 को कोरिया गणराज्य के किस बंदरगाह पर पहुँचा?

  1. बुसान
  2. इंचियोन
  3. पोहांग
  4. जिनहे
उत्तर देखें

उत्तर: बुसान

भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि आईएन-आरओकेएन द्विपक्षीय अभ्यास के लिए 26 अक्टूबर 2026 को बुसान नौसैनिक बंदरगाह पहुँचा। बंदरगाह चरण के बाद यह समुद्र में आरओकेएस मुनमु द ग्रेट के साथ समन्वित समुद्री गतिविधियों में भाग लेगा।

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