10 में से पाठ 2 · कंप्यूटर ज्ञान
CPU और मेमोरी: ALU, नियंत्रण इकाई, RAM, ROM, कैश और मेमोरी की इकाइयाँ
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
प्रोसेसर
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) यानी केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है, क्योंकि यही प्रोग्राम के हर निर्देश का पालन करती है। आधुनिक कंप्यूटर में पूरा CPU एक ही चिप, माइक्रोप्रोसेसर, पर होता है, जो मदरबोर्ड पर लगा होता है। मदरबोर्ड वह मुख्य सर्किट बोर्ड है जो CPU, मेमोरी और अन्य भागों को बस के माध्यम से जोड़ता है: डेटा बस डेटा ले जाती है, एड्रेस बस मेमोरी के पते ले जाती है और कंट्रोल बस नियंत्रण संकेत ले जाती है। CPU के तीन भाग हैं: अंकगणितीय तर्क इकाई, नियंत्रण इकाई और रजिस्टर।
ALU, नियंत्रण इकाई और रजिस्टर
अंकगणितीय तर्क इकाई (ALU) अंकगणितीय संक्रियाएँ (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) और तार्किक संक्रियाएँ (बड़ा है या बराबर है जैसी तुलनाएँ, तथा AND, OR, NOT) करती है। नियंत्रण इकाई (CU) स्वयं डेटा प्रोसेस नहीं करती; एक यातायात नियंत्रक की तरह यह मेमोरी से निर्देश लाती है, उन्हें डिकोड करती है और ALU, मेमोरी तथा इनपुट-आउटपुट युक्तियों को निर्देशित करती है। रजिस्टर CPU के भीतर बहुत छोटे और अत्यंत तेज़ भंडारण स्थान हैं। प्रोग्राम काउंटर अगले निर्देश का पता रखता है, इंस्ट्रक्शन रजिस्टर उस निर्देश को रखता है जिसका निष्पादन हो रहा है, मेमोरी एड्रेस रजिस्टर उस पते को रखता है जिसे पढ़ना या लिखना है, मेमोरी डेटा रजिस्टर मेमोरी में जाने या वहाँ से आने वाले डेटा को रखता है, और एक्युमुलेटर ALU के मध्यवर्ती परिणामों को रखता है।
मशीन चक्र
हर निर्देश के लिए CPU चार चरणों वाला मशीन (निर्देश) चक्र दोहराता है: मेमोरी से निर्देश लाना (फ़ेच), उसे डिकोड करना, उसका निष्पादन (एक्ज़ीक्यूट) करना और परिणाम संगृहीत (स्टोर) करना। फ़ेच और डिकोड मिलकर इंस्ट्रक्शन टाइम (I-time) बनाते हैं; एक्ज़ीक्यूट और स्टोर मिलकर एक्ज़ीक्यूशन टाइम (E-time) बनाते हैं। CPU के भीतर एक क्लॉक नियमित स्पंदन (पल्स) भेजती है जो इन चरणों को समय पर बनाए रखते हैं। क्लॉक स्पीड हर्ट्ज़ में मापी जाती है, और 3 GHz का प्रोसेसर प्रति सेकंड 3 अरब क्लॉक चक्र पूरे करता है। प्रोसेसिंग की गति MIPS (मिलियन इंस्ट्रक्शन्स प्रति सेकंड) में भी व्यक्त की जाती है। मल्टी-कोर प्रोसेसर (डुअल-कोर, क्वाड-कोर) में एक चिप पर दो या अधिक प्रोसेसिंग इकाइयाँ होती हैं, और वर्ड साइज़ (32-बिट या 64-बिट) उन बिटों की संख्या है जिन्हें CPU एक बार में संभालता है।
प्राथमिक मेमोरी और RAM
प्राथमिक या मुख्य मेमोरी उन प्रोग्रामों और डेटा को रखती है जिनका CPU इस समय उपयोग कर रहा है। RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) को पढ़ा और लिखा दोनों जा सकता है, और इसके किसी भी स्थान तक सीधे पहुँचा जा सकता है; यह वाष्पशील (वोलेटाइल) है, इसलिए बिजली जाते ही इसकी सामग्री मिट जाती है। स्टैटिक RAM (SRAM) प्रत्येक बिट को एक फ़्लिप-फ़्लॉप परिपथ में रखती है, इसे रिफ़्रेश करने की आवश्यकता नहीं होती, यह तेज़ और महँगी है तथा कैश में प्रयुक्त होती है। डायनेमिक RAM (DRAM) प्रत्येक बिट को एक छोटे संधारित्र (कैपेसिटर) पर आवेश के रूप में रखती है, जो रिसता रहता है, इसलिए इसे हर सेकंड कई बार रिफ़्रेश करना पड़ता है; यह सस्ती है और इसमें अधिक डेटा समाता है, इसलिए यह मुख्य मेमोरी के रूप में प्रयुक्त होती है। SDRAM और DDR (डबल डेटा रेट) मेमोरी, DRAM के ही रूप हैं।
ROM और उसके प्रकार
ROM (रीड ओनली मेमोरी) अवाष्पशील (नॉन-वोलेटाइल) है और BIOS (बेसिक इनपुट/आउटपुट सिस्टम) जैसे फ़र्मवेयर को रखती है, जो कंप्यूटर को चालू करता है। मास्क ROM कारखाने में ही लिखी जाती है। PROM (प्रोग्रामेबल ROM) को उपयोगकर्ता केवल एक बार लिख सकता है। EPROM (इरेज़ेबल PROM) को पराबैंगनी (अल्ट्रावायलेट) प्रकाश से मिटाकर फिर से लिखा जाता है, जबकि EEPROM (इलेक्ट्रिकली इरेज़ेबल PROM) को विद्युत संकेतों से मिटाया जाता है। पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड और SSD में प्रयुक्त फ़्लैश मेमोरी, EEPROM का ही एक प्रकार है।
कैश और वर्चुअल मेमोरी
कैश एक छोटी, अत्यंत तेज़ SRAM मेमोरी है जो CPU और RAM के बीच रखी जाती है और सबसे अधिक प्रयुक्त डेटा तथा निर्देशों को पास रखती है; L1 कैश सबसे छोटी और सबसे तेज़ होती है, उसके बाद L2 और L3 आती हैं। वर्चुअल (आभासी) मेमोरी इसके उलट काम करती है: जब RAM भर जाती है, तो ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क के एक भाग (पेज फ़ाइल या स्वैप स्पेस) का उपयोग RAM की तरह करता है और पेज कहलाने वाले डेटा खंडों को दोनों के बीच आगे-पीछे करता है। इससे बड़े प्रोग्राम चल पाते हैं, पर यह वास्तविक RAM से बहुत धीमी होती है। मेमोरी पदानुक्रम, सबसे तेज़ और महँगी से सबसे धीमी और सस्ती की ओर, इस प्रकार है: रजिस्टर, कैश, RAM और द्वितीयक भंडारण।
मेमोरी की इकाइयाँ
बिट (बाइनरी डिजिट, 0 या 1) सबसे छोटी इकाई है। 4 बिट से एक निबल और 8 बिट से एक बाइट बनता है, जो एक अक्षर के लिए पर्याप्त है। इसके बाद हर इकाई पिछली इकाई की 1024 गुनी होती है: 1 किलोबाइट (KB) = 1024 बाइट, 1 मेगाबाइट (MB) = 1024 KB, 1 गीगाबाइट (GB) = 1024 MB, 1 टेराबाइट (TB) = 1024 GB और 1 पेटाबाइट (PB) = 1024 TB, जिसके बाद एक्साबाइट, ज़ेटाबाइट और योटाबाइट आते हैं। चूँकि 1024, 2 की घात 10 है, इसलिए 1 KB = 8192 बिट, 1 MB = 1,048,576 बाइट और 1 GB = 1,073,741,824 बाइट। छोटी इकाई में बदलने के लिए 1024 से गुणा करें और बड़ी इकाई में बदलने के लिए भाग दें: 4 GB = 4096 MB, और 2048 KB = 2 MB। डिस्क निर्माता 1 GB को 1000 मिलियन बाइट मानते हैं, इसीलिए ड्राइव अपने लेबल से थोड़ी कम जगह दिखाती है।
मुख्य तथ्य
- ALU अंकगणितीय और तार्किक संक्रियाएँ करती है; नियंत्रण इकाई निर्देश लाती, डिकोड करती और निर्देशित करती है पर डेटा प्रोसेस नहीं करती; रजिस्टर CPU के भीतर सबसे तेज़ भंडारण हैं।
- प्रोग्राम काउंटर अगले निर्देश का पता रखता है; एक्युमुलेटर ALU के मध्यवर्ती परिणाम रखता है।
- मशीन चक्र: फ़ेच, डिकोड, एक्ज़ीक्यूट, स्टोर; फ़ेच और डिकोड मिलकर I-time, एक्ज़ीक्यूट और स्टोर मिलकर E-time।
- क्लॉक स्पीड हर्ट्ज़ में मापी जाती है (आज GHz में); प्रोसेसर की गति MIPS में और सुपरकंप्यूटर की गति FLOPS में भी बताई जाती है।
- SRAM (फ़्लिप-फ़्लॉप, रिफ़्रेश नहीं, तेज़, कैश में प्रयुक्त) बनाम DRAM (संधारित्र, रिफ़्रेश आवश्यक, सस्ती, मुख्य मेमोरी में प्रयुक्त)।
- ROM के प्रकार: PROM एक बार लिखी जाती है; EPROM पराबैंगनी प्रकाश से मिटती है; EEPROM विद्युत से मिटती है; फ़्लैश मेमोरी EEPROM का एक प्रकार है।
- कैश CPU और RAM के बीच होती है (L1 सबसे तेज़); वर्चुअल मेमोरी हार्ड डिस्क की जगह को RAM के विस्तार की तरह उपयोग करती है।
- मेमोरी पदानुक्रम, सबसे तेज़ से सबसे धीमा: रजिस्टर, कैश, RAM, द्वितीयक भंडारण (हार्ड डिस्क, ऑप्टिकल डिस्क)।
- 4 बिट = 1 निबल; 8 बिट = 1 बाइट; 1024 बाइट = 1 KB; 1024 KB = 1 MB; 1024 MB = 1 GB; 1024 GB = 1 TB; 1024 TB = 1 PB।
- इकाइयों का क्रम: बिट, निबल, बाइट, KB, MB, GB, TB, PB, EB, ZB, YB; 1 GB = 2 की घात 30 बाइट = 1,073,741,824 बाइट।
एक नज़र में दोहराव
CPU = ALU + नियंत्रण इकाई + रजिस्टर (प्रोग्राम काउंटर, एक्युमुलेटर); मशीन चक्र फ़ेच-डिकोड-एक्ज़ीक्यूट-स्टोर; क्लॉक स्पीड हर्ट्ज़ में, गति MIPS में भी; RAM वाष्पशील (कैश के लिए SRAM, मुख्य मेमोरी के लिए DRAM); ROM अवाष्पशील (PROM, पराबैंगनी प्रकाश से मिटने वाली EPROM, EEPROM, फ़्लैश), BIOS रखती है; कैश में L1 सबसे तेज़; वर्चुअल मेमोरी डिस्क का उपयोग करती है; 1 निबल = 4 बिट, 1 बाइट = 8 बिट; KB, MB, GB, TB, PB में हर इकाई पिछली की 1024 गुनी।