10 में से पाठ 3 · कंप्यूटर ज्ञान
भंडारण युक्तियाँ, इनपुट युक्तियाँ और आउटपुट युक्तियाँ
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
द्वितीयक भंडारण
प्राथमिक मेमोरी तेज़ तो है पर छोटी और अधिकतर वाष्पशील है, इसलिए डेटा को स्थायी रूप से द्वितीयक भंडारण (सेकेंडरी स्टोरेज) पर रखा जाता है, जो अवाष्पशील, बड़ा, प्रति बाइट सस्ता और धीमा होता है। यह तीन प्रकार का है: चुंबकीय (हार्ड डिस्क, मैग्नेटिक टेप, पुरानी फ़्लॉपी डिस्क), प्रकाशीय या ऑप्टिकल (CD, DVD, ब्लू-रे) और सॉलिड-स्टेट या फ़्लैश (SSD, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड)। मैग्नेटिक टेप में केवल क्रमिक पहुँच (सीक्वेंशियल एक्सेस) होती है, अर्थात डेटा आरंभ से क्रम में पढ़ा जाता है, इसलिए इसका उपयोग बैकअप और अभिलेख-संग्रह के लिए होता है; डिस्क में प्रत्यक्ष (रैंडम) पहुँच होती है।
हार्ड डिस्क और SSD
हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) घूमती धातु की प्लेटों (प्लैटर) पर डेटा को चुंबकीय रूप से संगृहीत करती है, जिन्हें एक गतिशील भुजा पर लगे हेड पढ़ते और लिखते हैं। हर सतह वृत्ताकार ट्रैक और पाई के आकार के सेक्टर में बँटी होती है, और सभी प्लैटरों पर एक ही ट्रैक मिलकर सिलिंडर बनाता है; डिस्क को फ़ॉर्मेट करने से यही संरचना बनती है। डिस्क की गति प्रति मिनट चक्करों में बताई जाती है, जैसे 5400 या 7200 rpm। वर्ष 1956 का IBM RAMAC हार्ड डिस्क के साथ बेचा गया पहला कंप्यूटर था। सॉलिड-स्टेट ड्राइव (SSD) में कोई गतिशील भाग नहीं होता और यह NAND फ़्लैश चिपों में डेटा रखती है, इसलिए यह HDD से तेज़, शांत और झटकों को अधिक सहने वाली होती है, पर प्रति गीगाबाइट महँगी पड़ती है। पुरानी 3.5 इंच की फ़्लॉपी डिस्क में 1.44 MB डेटा आता था।
ऑप्टिकल और फ़्लैश भंडारण
ऑप्टिकल डिस्क को लेज़र पढ़ता है, जो सतह पर बने सूक्ष्म गड्ढों (पिट) और समतल भागों (लैंड) को पहचानता है। CD (कॉम्पैक्ट डिस्क) में लगभग 700 MB, सिंगल-लेयर DVD (डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क) में 4.7 GB, डुअल-लेयर DVD में 8.5 GB और सिंगल-लेयर ब्लू-रे डिस्क में 25 GB आता है; ब्लू-रे कम तरंगदैर्ध्य वाले नीले-बैंगनी लेज़र का उपयोग करता है, जिससे डेटा अधिक सघनता से भरा जा सकता है। ROM डिस्क (CD-ROM) केवल पढ़ी जा सकती है, R डिस्क पर एक बार लिखा जा सकता है और RW डिस्क को मिटाकर दोबारा लिखा जा सकता है। पेन ड्राइव USB (यूनिवर्सल सीरियल बस) प्लग वाली फ़्लैश मेमोरी है, और SD (सिक्योर डिजिटल) तथा माइक्रो SD जैसे मेमोरी कार्ड फ़ोन और कैमरों में प्रयुक्त होते हैं। इनकी क्षमता बढ़ती रहती है, इसलिए बाज़ार में उपलब्ध सबसे बड़े आकार के बजाय तकनीक याद रखें।
इनपुट युक्तियाँ
कीबोर्ड मुख्य इनपुट युक्ति है; इसका मानक लेआउट QWERTY है, जिसका नाम अक्षर-कुंजियों की सबसे ऊपरी पंक्ति के पहले छह अक्षरों पर रखा गया है, और इसकी कुंजियाँ अक्षरांकीय (अल्फ़ान्यूमेरिक) कुंजियों, फ़ंक्शन कुंजियों F1 से F12, न्यूमेरिक कीपैड, कर्सर कुंजियों और मॉडिफ़ायर कुंजियों (Shift, Ctrl, Alt) में बँटी होती हैं। 1960 के दशक में डगलस एंगेलबार्ट द्वारा आविष्कृत माउस एक पॉइंटिंग युक्ति है; अन्य पॉइंटिंग युक्तियाँ ट्रैकबॉल, टचपैड, जॉयस्टिक (खेलों के लिए), लाइट पेन और स्टाइलस हैं। स्कैनर कागज़ के पन्नों और तस्वीरों को डिजिटल छवियों में बदलता है। टच स्क्रीन इनपुट और आउटपुट दोनों युक्ति के रूप में काम करती है। माइक्रोफ़ोन, वेबकैम और बायोमेट्रिक रीडर (फ़िंगरप्रिंट, आइरिस) भी इनपुट युक्तियाँ हैं।
विशेष रीडर
OMR (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) निश्चित स्थानों पर पेंसिल या पेन से लगाए गए निशानों को पहचानता है और वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं के उत्तर पत्रकों की जाँच में प्रयुक्त होता है। OCR (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) छपे या हाथ से लिखे पाठ की छवि को संपादन योग्य पाठ में बदलता है। MICR (मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन) चेक के निचले भाग में चुंबकीय आयरन-ऑक्साइड स्याही से छपे अक्षरों को पढ़ता है, जिससे बैंक चेक को शीघ्र प्रोसेस करते हैं; भारतीय चेक के 9 अंकों वाले MICR कोड में 3 अंक शहर, 3 बैंक और 3 शाखा के होते हैं। बारकोड रीडर दुकानों के काउंटर पर उत्पादों की काली-सफ़ेद पट्टियों को स्कैन करता है, और QR (क्विक रिस्पॉन्स) कोड एक द्वि-आयामी बारकोड है जिसे 1994 में जापान में विकसित किया गया।
आउटपुट युक्तियाँ
मॉनिटर या VDU (विज़ुअल डिस्प्ले यूनिट) सॉफ़्ट कॉपी दिखाता है। पुराने मॉनिटरों में CRT (कैथोड रे ट्यूब) होती थी; फ़्लैट स्क्रीन में LCD (लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले), LED-बैकलिट LCD या OLED पैनल होते हैं। स्क्रीन पिक्सेल (पिक्चर एलिमेंट) से बनी होती है; रिज़ॉल्यूशन चौड़ाई और ऊँचाई में पिक्सेलों की संख्या है, और स्क्रीन का आकार विकर्ण के अनुदिश इंच में मापा जाता है। स्पीकर और हेडफ़ोन ध्वनि आउटपुट देते हैं, और प्रोजेक्टर स्क्रीन की छवि को दीवार या पर्दे पर डालता है।
प्रिंटर और प्लॉटर
प्रिंटर हार्ड कॉपी देते हैं। इम्पैक्ट प्रिंटर स्याही वाले रिबन को कागज़ पर ठोकते हैं और कार्बन कॉपी बना सकते हैं: डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर (पिनों से बिंदु बनते हैं, गति अक्षर प्रति सेकंड में), डेज़ी व्हील प्रिंटर (लेटर क्वालिटी की छपाई, पर धीमा) और लाइन प्रिंटर (एक बार में पूरी पंक्ति, गति पंक्ति प्रति मिनट में)। नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर कागज़ पर प्रहार नहीं करते और कम शोर करते हैं: इंकजेट स्याही की सूक्ष्म बूँदों का छिड़काव करता है, लेज़र प्रिंटर लेज़र, आवेशित ड्रम और टोनर पाउडर का उपयोग करता है (गति पृष्ठ प्रति मिनट में), और थर्मल प्रिंटर ऊष्मा-संवेदी कागज़ का उपयोग करता है, जैसे ATM की पर्चियों और बिलिंग रसीदों में। छपाई की गुणवत्ता dpi (डॉट्स प्रति इंच) में मापी जाती है। प्लॉटर नक्शों, भवन-मानचित्रों और इंजीनियरिंग डिज़ाइनों जैसे बड़े और सटीक चित्र बनाता है।
मुख्य तथ्य
- मैग्नेटिक टेप में केवल क्रमिक पहुँच होती है और यह बैकअप में प्रयुक्त होता है; हार्ड डिस्क, SSD और ऑप्टिकल डिस्क में प्रत्यक्ष (रैंडम) पहुँच होती है।
- HDD: ट्रैक और सेक्टर में बँटी घूमती प्लेटें; SSD: NAND फ़्लैश चिप, कोई गतिशील भाग नहीं, अधिक तेज़ और झटकों को अधिक सहने वाली।
- मानक क्षमताएँ: 3.5 इंच फ़्लॉपी 1.44 MB; CD लगभग 700 MB; सिंगल-लेयर DVD 4.7 GB; डुअल-लेयर DVD 8.5 GB; सिंगल-लेयर ब्लू-रे 25 GB।
- CD-ROM केवल पढ़ी जा सकती है, CD-R पर एक बार लिखा जा सकता है, CD-RW को मिटाकर दोबारा लिखा जा सकता है।
- OMR उत्तर पत्रकों पर भरे गोले पढ़ता है; OCR पाठ की छवि को संपादन योग्य पाठ में बदलता है; MICR चेक पर चुंबकीय स्याही के अक्षर पढ़ता है।
- भारतीय चेक पर 9 अंकों का MICR कोड: पहले 3 अंक शहर, अगले 3 बैंक, अंतिम 3 शाखा।
- डगलस एंगेलबार्ट ने माउस का आविष्कार किया; QWERTY कीबोर्ड का नाम उसकी अक्षर-कुंजियों की सबसे ऊपरी पंक्ति के पहले छह अक्षरों पर है।
- टच स्क्रीन इनपुट और आउटपुट दोनों है; स्कैनर, माइक्रोफ़ोन, वेबकैम और बारकोड रीडर इनपुट हैं; मॉनिटर, प्रिंटर, प्लॉटर, स्पीकर और प्रोजेक्टर आउटपुट हैं।
- इम्पैक्ट प्रिंटर (डॉट मैट्रिक्स, डेज़ी व्हील, लाइन) रिबन पर प्रहार करते हैं और कार्बन कॉपी बना सकते हैं; नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर (इंकजेट, लेज़र, थर्मल) कम शोर वाले और तेज़ होते हैं।
- डॉट मैट्रिक्स की गति अक्षर प्रति सेकंड में, लाइन प्रिंटर की पंक्ति प्रति मिनट में, लेज़र प्रिंटर की पृष्ठ प्रति मिनट में मापी जाती है; छपाई का रिज़ॉल्यूशन dpi में।
एक नज़र में दोहराव
द्वितीयक भंडारण अवाष्पशील है: चुंबकीय (HDD, टेप - क्रमिक पहुँच), ऑप्टिकल (CD लगभग 700 MB, DVD 4.7 GB, ब्लू-रे 25 GB), फ़्लैश (SSD, पेन ड्राइव, SD कार्ड); HDD में ट्रैक, सेक्टर, rpm; इनपुट: कीबोर्ड (QWERTY), माउस (एंगेलबार्ट), स्कैनर, OMR (उत्तर पत्रक), OCR (पाठ), MICR (चेक, 9 अंकों का कोड), बारकोड, QR कोड; आउटपुट: मॉनिटर (पिक्सेल; CRT, LCD, LED), इम्पैक्ट प्रिंटर (डॉट मैट्रिक्स, डेज़ी व्हील, लाइन), नॉन-इम्पैक्ट (इंकजेट, लेज़र, थर्मल), प्लॉटर।