10 में से पाठ 4 · कंप्यूटर ज्ञान
सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम: प्रकार, कार्य, बूटिंग और फ़ाइलें
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
सॉफ्टवेयर और उसके प्रकार
हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक भाग है; सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का वह समूह है जो हार्डवेयर को बताता है कि क्या करना है। सिस्टम सॉफ्टवेयर स्वयं कंप्यूटर को चलाता और प्रबंधित करता है: ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर (जो ऑपरेटिंग सिस्टम को प्रिंटर या ग्राफ़िक्स कार्ड से संवाद करने देते हैं), भाषा अनुवादक और यूटिलिटी प्रोग्राम। एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता को कोई विशेष कार्य करने में सहायता करता है: वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, वेब ब्राउज़र, मीडिया प्लेयर, लेखांकन पैकेज और खेल। यह सामान्य-उद्देश्य (सबके लिए बिकने वाला) या किसी एक संगठन के लिए बनाया गया कस्टम सॉफ्टवेयर हो सकता है। फ़र्मवेयर वह सॉफ्टवेयर है जो हार्डवेयर पर ROM या फ़्लैश चिप में स्थायी रूप से संगृहीत रहता है, जैसे कंप्यूटर का BIOS या UEFI, और यह हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर के बीच की कड़ी है।
यूटिलिटी और लाइसेंस
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का रखरखाव और सुरक्षा करता है: एंटीवायरस, डिस्क क्लीनअप, डिस्क डीफ़्रैगमेंटर (जो हार्ड डिस्क पर बिखरे फ़ाइल के टुकड़ों को एक जगह करता है), बैकअप उपकरण, फ़ाइल संपीडन (ZIP) और डिस्क फ़ॉर्मेटिंग। लाइसेंस के आधार पर, प्रोपराइटरी या क्लोज़्ड-सोर्स सॉफ्टवेयर अपना सोर्स कोड गुप्त रखता है और स्वामी की शर्तों पर उपयोग होता है (Microsoft Windows, MS Office, macOS)। ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर अपना सोर्स कोड सार्वजनिक करता है ताकि कोई भी उसे पढ़, बदल और साझा कर सके (Linux, LibreOffice, Firefox, Apache)। फ़्रीवेयर उपयोग के लिए मुफ़्त होता है पर प्रायः क्लोज़्ड होता है, और शेयरवेयर परीक्षण के लिए दिया जाता है जिसका बाद में भुगतान करना होता है। रिचर्ड स्टॉलमैन ने 1983 में GNU प्रोजेक्ट और 1985 में फ़्री सॉफ्टवेयर फ़ाउंडेशन शुरू किया।
ऑपरेटिंग सिस्टम
ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) उपयोगकर्ता और हार्डवेयर के बीच का इंटरफ़ेस और सभी संसाधनों का प्रबंधक है। इसके कार्य हैं प्रोसेस प्रबंधन (कौन-सा प्रोग्राम CPU कब और कितनी देर पाएगा, यह तय करना), मेमोरी प्रबंधन (RAM आवंटित करना और वापस लेना), फ़ाइल प्रबंधन (फ़ाइलें बनाना, नाम देना, संगृहीत करना और सुरक्षित रखना), डिवाइस प्रबंधन (ड्राइवरों के माध्यम से इनपुट-आउटपुट युक्तियों का नियंत्रण), सुरक्षा (उपयोगकर्ता खाते और पासवर्ड) तथा यूज़र इंटरफ़ेस उपलब्ध कराना। OS का वह मूल भाग जो मेमोरी में बना रहता है, कर्नेल कहलाता है; शेल उपयोगकर्ता के कमांड कर्नेल तक पहुँचाता है। इंटरफ़ेस CLI (कमांड लाइन इंटरफ़ेस) हो सकता है, जिसमें MS-DOS की तरह कमांड टाइप किए जाते हैं, या GUI (ग्राफ़िकल यूज़र इंटरफ़ेस), जिसमें विंडो, आइकन, मेनू और पॉइंटर होते हैं।
ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार
बैच OS मिलते-जुलते कार्यों (जॉब) को बैचों में इकट्ठा करके उपयोगकर्ता की भागीदारी के बिना एक के बाद एक चलाता है, जैसा आरंभिक मेनफ़्रेम पर होता था। मल्टीप्रोग्रामिंग OS कई प्रोग्रामों को मेमोरी में रखता है ताकि CPU कभी खाली न बैठे। टाइम-शेयरिंग या मल्टीटास्किंग OS हर उपयोगकर्ता या कार्य को बारी-बारी से CPU का एक छोटा समय-खंड (टाइम स्लाइस) देता है, जिससे लगता है कि अनेक उपयोगकर्ता एक साथ काम कर रहे हैं; UNIX इसका प्रसिद्ध उदाहरण है। रियल-टाइम OS (RTOS) को निश्चित समय के भीतर प्रतिक्रिया देनी होती है और यह मिसाइल मार्गदर्शन, हवाई यातायात नियंत्रण, औद्योगिक रोबोट और चिकित्सा उपकरणों में प्रयुक्त होता है। मल्टी-यूज़र OS (UNIX, Linux) अनेक उपयोगकर्ताओं को एक कंप्यूटर के संसाधन साझा करने देता है, जबकि MS-DOS जैसा सिंगल-यूज़र OS एक ही उपयोगकर्ता को सेवा देता है। डिस्ट्रिब्यूटेड (वितरित) OS नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटरों के समूह को एक प्रणाली की तरह चलाता है।
Windows, Linux और Android
बिल गेट्स और पॉल एलन द्वारा 1975 में स्थापित Microsoft ने 1981 में कमांड-लाइन प्रणाली MS-DOS और 1985 में ग्राफ़िकल शेल Windows 1.0 जारी किया; Windows 95 में स्टार्ट बटन और टास्कबार आए। Windows डेस्कटॉप पर टास्कबार, स्टार्ट मेनू, आइकन, फ़ाइल एक्सप्लोरर, कंट्रोल पैनल और रीसायकल बिन होते हैं; रीसायकल बिन हटाई गई फ़ाइलों को तब तक रखता है जब तक उन्हें पुनर्स्थापित (रिस्टोर) न किया जाए या बिन खाली न किया जाए, और Shift+Delete फ़ाइल को वहाँ भेजे बिना हटा देता है। UNIX का विकास 1969 में बेल लैब्स में केन थॉम्पसन और डेनिस रिची ने किया। Linux, लिनुस टोरवाल्ड्स द्वारा 1991 में जारी कर्नेल पर आधारित एक मुफ़्त Unix-जैसी प्रणाली है, जो Ubuntu, Fedora और Debian जैसे डिस्ट्रिब्यूशन में आती है, और इसका शुभंकर (मैस्कट) पेंगुइन टक्स (Tux) है। Linux पर आधारित मोबाइल OS Android को 2005 में Google ने खरीदा, और पहला Android फ़ोन 2008 में आया; Apple का iOS आईफ़ोन को चलाता है।
बूटिंग
कंप्यूटर को चालू करके OS को डिस्क से RAM में लोड करना बूटिंग कहलाता है। कोल्ड बूटिंग बंद कंप्यूटर को बिजली देकर शुरू करना है; वार्म बूटिंग पहले से चालू कंप्यूटर को रीस्टार्ट से फिर शुरू करना है (DOS के समय में Ctrl+Alt+Del से)। बिजली मिलते ही BIOS हार्डवेयर की जाँच के लिए POST (पावर-ऑन सेल्फ़-टेस्ट) चलाता है, और फिर बूटस्ट्रैप लोडर OS को खोजकर लोड करता है।
फ़ाइलें और फ़ोल्डर
फ़ाइल डिस्क पर संगृहीत डेटा का नामित संग्रह है; इसके नाम के अंत में बिंदु के बाद एक्सटेंशन होता है जो उसका प्रकार बताता है, जैसे report.docx या photo.jpg। फ़ोल्डर, जिन्हें डायरेक्टरी भी कहते हैं, फ़ाइलों और अन्य फ़ोल्डरों को एक वृक्ष-संरचना में रखते हैं। सबसे ऊपर का स्तर रूट डायरेक्टरी है, जिसे Windows में C:\ और Linux में / लिखा जाता है, और पाथ (पथ) किसी फ़ाइल का पूरा स्थान बताता है। OS डिस्क को एक फ़ाइल सिस्टम से व्यवस्थित करता है, जैसे Windows में FAT32 या NTFS और Linux में ext4।
मुख्य तथ्य
- सिस्टम सॉफ्टवेयर (OS, डिवाइस ड्राइवर, अनुवादक, यूटिलिटी) कंप्यूटर को चलाता है; एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (MS Word, ब्राउज़र, लेखांकन सॉफ्टवेयर, खेल) उपयोगकर्ता के कार्य करता है।
- फ़र्मवेयर वह सॉफ्टवेयर है जो ROM या फ़्लैश में स्थायी रूप से संगृहीत रहता है, जैसे BIOS या UEFI।
- ओपन सोर्स: Linux, LibreOffice, Firefox, Apache; प्रोपराइटरी: Windows, MS Office, macOS; फ़्रीवेयर मुफ़्त होता है, शेयरवेयर पहले आज़माएँ फिर भुगतान करें।
- OS के कार्य: प्रोसेस, मेमोरी, फ़ाइल, डिवाइस और सुरक्षा प्रबंधन तथा यूज़र इंटरफ़ेस; कर्नेल OS का मूल भाग है, शेल उपयोगकर्ता के कमांड उस तक पहुँचाता है।
- रियल-टाइम OS निश्चित समय में प्रतिक्रिया देता है (मिसाइल, हवाई यातायात नियंत्रण); टाइम-शेयरिंग OS हर उपयोगकर्ता को CPU समय का एक खंड देता है (UNIX); बैच OS समूहित कार्यों को बिना भागीदारी के चलाता है।
- MS-DOS (1981) कमांड लाइन पर चलता था; Windows 1.0 (1985) एक ग्राफ़िकल शेल था; Windows 95 में स्टार्ट बटन और टास्कबार आए।
- UNIX: बेल लैब्स, 1969, केन थॉम्पसन और डेनिस रिची; Linux कर्नेल: लिनुस टोरवाल्ड्स, 1991; Linux का शुभंकर: पेंगुइन टक्स।
- Android, Linux पर आधारित मोबाइल OS है जिसे Google ने 2005 में खरीदा; पहला Android फ़ोन 2008 में आया।
- कोल्ड बूट बंद अवस्था से शुरू होता है, वार्म बूट चालू कंप्यूटर को फिर शुरू करता है; स्टार्ट-अप पर BIOS, POST (पावर-ऑन सेल्फ़-टेस्ट) चलाता है।
- Shift+Delete फ़ाइल को रीसायकल बिन में भेजे बिना स्थायी रूप से हटाता है; रूट डायरेक्टरी Windows में C:\ और Linux में / है।
एक नज़र में दोहराव
सॉफ्टवेयर = सिस्टम (OS, ड्राइवर, अनुवादक, यूटिलिटी) + एप्लिकेशन (Word, ब्राउज़र); ROM में फ़र्मवेयर (BIOS); ओपन सोर्स (Linux, Firefox) बनाम प्रोपराइटरी (Windows, MS Office); OS प्रोसेस, मेमोरी, फ़ाइल, डिवाइस और सुरक्षा संभालता है; कर्नेल और शेल; CLI बनाम GUI; बैच, टाइम-शेयरिंग, रियल-टाइम, मल्टी-यूज़र, डिस्ट्रिब्यूटेड OS; MS-DOS 1981, Windows 1.0 1985; UNIX 1969; Linux 1991; Android को Google ने 2005 में खरीदा; बूटिंग: POST, बूटस्ट्रैप लोडर; कोल्ड बनाम वार्म बूट।