12 में से पाठ 1 · सामान्य विज्ञान (भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान)
भौतिक राशियाँ, मात्रक और गति (न्यूटन के नियम, संवेग, घर्षण)
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
SI मूल और व्युत्पन्न मात्रक
भौतिक राशि वह है जिसे मापा जा सके और किसी मात्रक के साथ संख्या के रूप में व्यक्त किया जा सके। 1960 में अपनाई गई अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली (SI) 7 मूल राशियों पर टिकी है: लंबाई (मीटर), द्रव्यमान (किलोग्राम), समय (सेकंड), विद्युत धारा (ऐम्पियर), ताप (केल्विन), पदार्थ की मात्रा (मोल) और ज्योति तीव्रता (कैंडेला)। शेष सभी मात्रक इन्हीं से व्युत्पन्न हैं: बल का मात्रक न्यूटन (1 N = 1 kg m/s^2), कार्य और ऊर्जा का जूल (1 J = 1 N m), शक्ति का वाट (1 W = 1 J/s) और दाब का पास्कल (1 Pa = 1 N/m^2)। परीक्षा में प्रायः पूछा जाता है कि दी गई सूची में कौन-सा मूल मात्रक नहीं है; न्यूटन, जूल, वाट और पास्कल सभी व्युत्पन्न मात्रक हैं। अति सूक्ष्म लंबाइयों के लिए ऐंगस्ट्रॉम (10^-10 मीटर) और नैनोमीटर (10^-9 मीटर) प्रयुक्त होते हैं; खगोलीय दूरियों के लिए प्रकाश वर्ष (लगभग 9.46 x 10^15 मीटर), जो दूरी का मात्रक है, समय का नहीं, और पारसेक (लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष) प्रयुक्त होते हैं।
अदिश, सदिश और विस्थापन
अदिश (scalar) राशि में केवल परिमाण होता है (द्रव्यमान, समय, दूरी, चाल, कार्य, ऊर्जा, दाब); सदिश (vector) राशि में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं (विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, भार, संवेग)। विद्युत धारा के प्रवाह की दिशा होती है, फिर भी वह अदिश है क्योंकि वह सदिश योग के नियम का पालन नहीं करती; यह परीक्षा का प्रिय जाल-प्रश्न है। दूरी तय किए गए पथ की कुल लंबाई है; विस्थापन आरंभिक और अंतिम बिंदुओं के बीच सीधी रेखा की दूरी है, दिशा सहित। दूरी कभी विस्थापन से कम नहीं होती, और दूरी शून्य न होने पर भी विस्थापन शून्य हो सकता है: त्रिज्या r वाले वृत्ताकार ट्रैक का एक पूरा चक्कर लगाने वाला धावक 2πr दूरी तय करता है पर उसका विस्थापन शून्य रहता है, जबकि आधे चक्कर के बाद विस्थापन व्यास, यानी 2r, के बराबर होता है।
चाल, वेग और त्वरण
चाल दूरी को समय से भाग देने पर मिलती है; वेग विस्थापन को समय से भाग देने पर, इसलिए चाल या दिशा में से किसी के भी बदलने पर वेग बदल जाता है। अतः एकसमान वृत्तीय गति, जैसे वृत्ताकार कक्षा में उपग्रह की गति, स्थिर चाल होते हुए भी त्वरित गति है। वेग में परिवर्तन की दर त्वरण है (मी/से^2); ऋणात्मक त्वरण को मंदन (retardation) कहते हैं। रूपांतरण के लिए 1 किमी/घंटा = 5/18 मी/से, अतः 72 किमी/घंटा = 20 मी/से। स्पीडोमीटर तात्क्षणिक चाल और ओडोमीटर तय की गई दूरी दिखाता है। दूरी-समय ग्राफ का ढलान चाल देता है, वेग-समय ग्राफ का ढलान त्वरण देता है, और वेग-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
गति के समीकरण और मुक्त पतन
एकसमान त्वरण के लिए v = u + at, s = ut + (1/2)at^2 और v^2 = u^2 + 2as, जहाँ u प्रारंभिक वेग और v अंतिम वेग है। मुक्त रूप से गिरती वस्तु g, अर्थात लगभग 9.8 मी/से^2, के त्वरण से गिरती है, इसलिए विराम से छोड़ा गया पत्थर 2 सेकंड बाद 19.6 मी/से के वेग से चलता है। जैसा गैलीलियो ने तर्क दिया था, वायु-प्रतिरोध न हो तो भारी और हल्की वस्तुएँ साथ-साथ गिरती हैं; जिस नली से वायु निकाल दी गई हो उसमें पंख और सिक्का एक ही क्षण नीचे पहुँचते हैं।
न्यूटन के तीन नियम
आइज़क न्यूटन ने 1687 में 'प्रिंसिपिया' में गति के नियम प्रकाशित किए। पहला नियम (जड़त्व का नियम, law of inertia) कहता है कि कोई वस्तु विराम में या सीधी रेखा में एकसमान गति में तब तक बनी रहती है जब तक उस पर कोई असंतुलित बल न लगे; द्रव्यमान जड़त्व का माप है। बस के अचानक ब्रेक लगाने पर यात्री आगे की ओर झुकते हैं और अचानक चलने पर पीछे गिरते हैं, तथा कालीन को पीटने पर धूल निकल जाती है। दूसरा नियम बल को संवेग परिवर्तन की दर के बराबर बताता है, जिससे F = ma मिलता है; 1 न्यूटन बल 1 किग्रा द्रव्यमान में 1 मी/से^2 का त्वरण उत्पन्न करता है। बल और समय का गुणनफल आवेग (impulse) है, जो संवेग परिवर्तन के बराबर होता है; इसलिए टक्कर का समय बढ़ाने से बल घटता है: क्षेत्ररक्षक कैच लेते समय हाथ पीछे खींचता है, ऊँची कूद के खिलाड़ी फोम या रेत पर गिरते हैं, और वाहनों में शॉक एब्ज़ॉर्बर लगे होते हैं। तीसरा नियम कहता है कि प्रत्येक क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है जो दूसरी वस्तु पर लगती है, इसलिए यह जोड़ा कभी एक-दूसरे को निरस्त नहीं करता; चलना, तैरना, बंदूक का पीछे हटना और रॉकेट का प्रणोदन इसके उदाहरण हैं।
संवेग और उसका संरक्षण
संवेग (momentum) द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है (p = mv), यह एक सदिश राशि है जिसका मात्रक kg m/s है। संवेग संरक्षण का नियम कहता है कि बाह्य बल न लगने पर किसी निकाय का कुल संवेग स्थिर रहता है। गोली चलाने से पहले बंदूक और गोली का संवेग शून्य होता है; बाद में हल्की गोली तेजी से आगे जाती है और भारी बंदूक धीरे से पीछे हटती है, जिससे कुल संवेग फिर भी शून्य रहता है। रॉकेट गर्म गैसों को पीछे फेंकता है और उतना ही संवेग आगे की ओर पाता है, इसीलिए वह खाली अंतरिक्ष में भी त्वरित हो सकता है।
घर्षण
घर्षण संपर्क में रखी सतहों के बीच आपेक्षिक गति का विरोध करता है और सतहों की सूक्ष्म अनियमितताओं के आपस में फँसने से उत्पन्न होता है। स्थैतिक (static) घर्षण सर्पी (sliding) घर्षण से अधिक होता है, और सर्पी घर्षण लोटनिक (rolling) घर्षण से अधिक, इसलिए पहिए और बॉल बेयरिंग गति को आसान बनाते हैं। घर्षण ऊर्जा को ऊष्मा के रूप में व्यर्थ करता है और जूतों के तले तथा मशीन के पुर्जे घिसता है, फिर भी इसके बिना हम न चल सकते, न लिख सकते, न माचिस जला सकते और न वाहन रोक सकते। स्नेहक (तेल, ग्रीस, ग्रेफाइट चूर्ण), पॉलिश और बॉल बेयरिंग इसे घटाते हैं; टायरों पर खाँचे और धावकों के जूतों में कीलें पकड़ बढ़ाती हैं। वायु और जल के घर्षण को कर्षण (ड्रैग) कहते हैं, इसीलिए पक्षियों, मछलियों, नावों और विमानों की आकृति धारारेखित होती है।
मुख्य तथ्य
- SI के 7 मूल मात्रक: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल और कैंडेला; न्यूटन, जूल, वाट और पास्कल व्युत्पन्न मात्रक हैं।
- प्रकाश वर्ष (लगभग 9.46 x 10^15 मीटर) दूरी का मात्रक है, समय का नहीं; 1 पारसेक लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष; 1 ऐंगस्ट्रॉम = 10^-10 मीटर।
- अदिश: द्रव्यमान, चाल, दूरी, कार्य, ऊर्जा, दाब, विद्युत धारा। सदिश: विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, भार, संवेग।
- वृत्ताकार ट्रैक का एक पूरा चक्कर: दूरी = परिधि, विस्थापन = शून्य। एकसमान वृत्तीय गति त्वरित होती है क्योंकि दिशा लगातार बदलती रहती है।
- 1 किमी/घंटा = 5/18 मी/से, अतः 36 किमी/घंटा = 10 मी/से और 72 किमी/घंटा = 20 मी/से।
- गति के समीकरण (केवल एकसमान त्वरण में): v = u + at; s = ut + (1/2)at^2; v^2 = u^2 + 2as। मुक्त पतन का त्वरण g लगभग 9.8 मी/से^2 है।
- पहला नियम = जड़त्व (बस के ब्रेक लगाने पर यात्री आगे झुकते हैं); दूसरा नियम F = ma (कैच को नरम करने के लिए क्षेत्ररक्षक हाथ पीछे खींचता है); तीसरा नियम = दूसरी वस्तु पर समान और विपरीत प्रतिक्रिया (रॉकेट, बंदूक का पीछे हटना, तैरना)।
- संवेग p = mv (kg m/s) बाह्य बल न होने पर संरक्षित रहता है: बंदूक के पीछे हटने और रॉकेट प्रणोदन का यही आधार है।
- घर्षण: स्थैतिक > सर्पी > लोटनिक; बॉल बेयरिंग और स्नेहक इसे घटाते हैं, टायर के खाँचे और कीलदार जूते बढ़ाते हैं; वायु और जल में घर्षण को कर्षण कहते हैं।
एक नज़र में दोहराव
SI (1960) के 7 मूल मात्रक: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल, कैंडेला; न्यूटन, जूल, वाट, पास्कल व्युत्पन्न; प्रकाश वर्ष दूरी मापता है; धारा अदिश है; विस्थापन शून्य हो सकता है; 1 किमी/घंटा = 5/18 मी/से; v = u + at, s = ut + 1/2 at^2, v^2 = u^2 + 2as; g लगभग 9.8 मी/से^2; पहला नियम जड़त्व; F = ma; क्रिया-प्रतिक्रिया अलग-अलग वस्तुओं पर; p = mv संरक्षित; स्थैतिक > सर्पी > लोटनिक घर्षण।