10 में से पाठ 8 · भारत का भूगोल: भौतिक, आर्थिक और मानव
भारत में कृषि: खरीफ, रबी और ज़ायद फसलें, अग्रणी राज्य और कृषि क्रांतियाँ
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फसल ऋतुएँ
भारतीय खेती मानसून के साथ चलती है, इसलिए फसलों को ऋतु के अनुसार बाँटा जाता है। खरीफ फसलें जून-जुलाई में मानसून के आगमन के साथ बोई और सितंबर-अक्टूबर में काटी जाती हैं: धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, तूर (अरहर), मूँग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली और सोयाबीन। रबी फसलें शीत ऋतु में अक्टूबर से दिसंबर तक बोई और अप्रैल से जून तक काटी जाती हैं: गेहूँ, जौ, चना, मटर और सरसों; पश्चिमी विक्षोभों से होने वाली शीतकालीन वर्षा इनकी सहायता करती है। ज़ायद रबी और खरीफ के बीच की छोटी ग्रीष्मकालीन ऋतु है, जिसमें तरबूज, खरबूजा, खीरा, सब्ज़ियाँ और चारा उगाए जाते हैं। गन्ना लगभग एक वर्ष खेत में रहता है। असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में वर्ष में धान की तीन फसलें उगाई जाती हैं: औस, अमन और बोरो। स्थानांतरी या कर्तन-दहन खेती पहाड़ों में अब भी होती है और पूर्वोत्तर में इसे झूम कहते हैं।
खाद्य फसलें और अग्रणी राज्य
मुख्य खाद्य फसल धान को 25°C से अधिक तापमान, उच्च आर्द्रता और 100 सेमी से अधिक वर्षा चाहिए; पश्चिम बंगाल परंपरागत रूप से इसका सबसे बड़ा उत्पादक रहा है, और पंजाब व हरियाणा इसे नहर और नलकूप सिंचाई से उगाते हैं। मुख्य रबी फसल गेहूँ को ठंडी वृद्धि ऋतु में फैली 50 से 75 सेमी वर्षा और पकते समय तेज़ धूप चाहिए; उत्तर प्रदेश इसका सबसे बड़ा उत्पादक है, और पंजाब व हरियाणा में प्रति हेक्टेयर उपज सबसे अधिक है। मोटे अनाजों में ज्वार में महाराष्ट्र, बाजरा में राजस्थान और रागी में कर्नाटक अग्रणी हैं। भारत विश्व में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है, और दालों, विशेषकर चने, में मध्य प्रदेश अग्रणी है। उष्णकटिबंधीय और उपोष्ण फसल गन्ना सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में, फिर महाराष्ट्र में उगाया जाता है।
वाणिज्यिक और बागानी फसलें
खरीफ फसल कपास दक्कन की काली मृदा पर सबसे अच्छी उगती है और इसे कम से कम 210 पाला-रहित दिन चाहिए; गुजरात और महाराष्ट्र इसके अग्रणी उत्पादक हैं। सुनहरा रेशा जूट गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा की बाढ़ से हर वर्ष नवीकृत होने वाली मृदा पर उगता है, और पश्चिम बंगाल इसका अधिकांश उत्पादन करता है। तिलहनों में मूँगफली में गुजरात और रेपसीड-सरसों में राजस्थान अग्रणी है। बागानी फसलें बड़े बागानों में भारी निवेश के साथ एकल फसल के रूप में उगाई जाती हैं; यह व्यवस्था अंग्रेज़ों ने शुरू की थी। चाय को अच्छे जल-निकास वाले पहाड़ी ढाल और लगातार बौछारों वाली गर्म, नम, पाला-रहित जलवायु चाहिए; असम इसका सबसे बड़ा उत्पादक है, उसके बाद पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग और डुआर्स)। कॉफी, जिसकी खेती यमन से लाए गए अरेबिका बीजों को बाबा बूदन पहाड़ियों में बोकर शुरू हुई, अधिकतर कर्नाटक से आती है। रबड़ मुख्यतः केरल से और केसर जम्मू और कश्मीर के पंपोर से आता है। चाय बोर्ड (कोलकाता), कॉफी बोर्ड (बेंगलुरु), रबड़ बोर्ड (कोट्टायम) और मसाला बोर्ड (कोच्चि) इन फसलों की देखरेख करते हैं।
हरित क्रांति
1960 के दशक के मध्य की खाद्य कमी के बाद भारत ने गेहूँ और धान के अधिक उपज वाली किस्म (HYV) के बीजों को सुनिश्चित सिंचाई, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के साथ अपनाया। बौनी गेहूँ किस्में मेक्सिको से आईं, जहाँ उन्हें 1970 में नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाले नॉर्मन बोरलॉग ने विकसित किया था। भारत में इस प्रयास का नेतृत्व वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन ने किया, जिन्हें भारत में हरित क्रांति का जनक कहा जाता है, और सी. सुब्रमण्यम कृषि मंत्री थे। गेहूँ का उत्पादन तेज़ी से बढ़ा, पहले पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, और भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना। इसकी कीमत क्षेत्रीय असंतुलन, गिरते भूजल, बिगड़ती मृदा और रसायनों के भारी उपयोग के रूप में चुकानी पड़ी।
श्वेत, नीली और पीली क्रांति
श्वेत क्रांति ऑपरेशन फ्लड थी, जिसे 1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (1965 में आणंद में स्थापित) ने शुरू किया; इसने गुजरात के आणंद के अमूल मॉडल पर गाँवों की डेयरी सहकारी समितियों को एक राष्ट्रीय दुग्ध ग्रिड में जोड़ा। इसके सूत्रधार वर्गीज़ कुरियन को श्वेत क्रांति का जनक कहा जाता है, भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक बना, और उनका जन्मदिन, 26 नवंबर, राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। नीली क्रांति मत्स्य पालन और जलकृषि के माध्यम से मछली उत्पादन में वृद्धि है; कार्प मछली के प्रेरित प्रजनन के अग्रणी हीरालाल चौधरी और अरुण कृष्णन को इसका जनक कहा जाता है। पीली क्रांति ने 1986 के तिलहन प्रौद्योगिकी मिशन के अंतर्गत तिलहन उत्पादन बढ़ाया, और सैम पित्रोदा को इसका जनक कहा जाता है।
सिंचाई
वर्षा मौसमी और असमान होने के कारण सिंचाई अत्यंत आवश्यक है। भूजल खींचने वाले कुएँ और नलकूप शुद्ध सिंचित क्षेत्र के सबसे बड़े भाग को सींचते हैं, विशेषकर उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में। नहरें उत्तरी मैदानों में सबसे महत्त्वपूर्ण हैं, जहाँ सदानीरा नदियाँ उन्हें जल देती हैं; हरिके बैराज से जल पाने वाली राजस्थान की इंदिरा गांधी नहर भारत की सबसे लंबी नहर है। तालाब, यानी मिट्टी के बाँधों से रोके गए छोटे जलाशय, कठोर चट्टानों वाले ऊबड़-खाबड़ प्रायद्वीप में, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में आम हैं। टपक (ड्रिप) और फव्वारा (स्प्रिंकलर) सिंचाई जल बचाती हैं और शुष्क क्षेत्रों व बागों के लिए उपयुक्त हैं। पंजाब में फसली क्षेत्र का सबसे बड़ा अनुपात सिंचित है।
मुख्य तथ्य
- खरीफ (जून-जुलाई में बुवाई, सितंबर-अक्टूबर में कटाई): धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, तूर, मूँग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली, सोयाबीन।
- रबी (अक्टूबर-दिसंबर में बुवाई, अप्रैल-जून में कटाई): गेहूँ, जौ, चना, मटर, सरसों; ज़ायद (ग्रीष्म): तरबूज, खरबूजा, खीरा, सब्ज़ियाँ, चारा।
- औस, अमन और बोरो असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की धान की तीन फसलें हैं; पूर्वोत्तर में स्थानांतरी खेती को झूम कहते हैं।
- अग्रणी राज्य: धान - पश्चिम बंगाल; गेहूँ और गन्ना - उत्तर प्रदेश; ज्वार - महाराष्ट्र; बाजरा - राजस्थान; रागी - कर्नाटक; दालें (चना) - मध्य प्रदेश; जूट - पश्चिम बंगाल।
- बागान: चाय - असम (फिर पश्चिम बंगाल); कॉफी - कर्नाटक (यमन से अरेबिका, बाबा बूदन पहाड़ियाँ); रबड़ - केरल; केसर - पंपोर (जम्मू-कश्मीर); मूँगफली - गुजरात; सरसों - राजस्थान।
- फसल बोर्ड: चाय बोर्ड, कोलकाता; कॉफी बोर्ड, बेंगलुरु; रबड़ बोर्ड, कोट्टायम; मसाला बोर्ड, कोच्चि।
- हरित क्रांति (1960 के दशक का मध्य): HYV बीज, सिंचाई, उर्वरक; भारत में एम. एस. स्वामीनाथन, विश्व स्तर पर नॉर्मन बोरलॉग (नोबेल शांति पुरस्कार 1970); पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उ.प्र.।
- श्वेत क्रांति: ऑपरेशन फ्लड 1970, NDDB (1965, आणंद), वर्गीज़ कुरियन, राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर; नीली: मत्स्य पालन; पीली: तिलहन, प्रौद्योगिकी मिशन 1986, सैम पित्रोदा।
- सिंचाई: कुओं और नलकूपों का हिस्सा सबसे बड़ा; इंदिरा गांधी नहर (राजस्थान) सबसे लंबी नहर; प्रायद्वीप में तालाब; पंजाब सबसे अधिक सिंचित।
एक नज़र में दोहराव
खरीफ जून-अक्टूबर (धान, कपास, जूट, मूँगफली), रबी अक्टूबर-जून (गेहूँ, चना, सरसों), ज़ायद ग्रीष्म (तरबूज-खरबूजा); औस, अमन, बोरो धान; पश्चिम बंगाल धान और जूट, उ.प्र. गेहूँ और गन्ना, राजस्थान बाजरा, कर्नाटक कॉफी और रागी, असम चाय, केरल रबड़; हरित क्रांति 1960 के दशक के मध्य, स्वामीनाथन और बोरलॉग; ऑपरेशन फ्लड 1970, कुरियन; पीली क्रांति, तिलहन, 1986; सिंचाई में कुएँ और नलकूप आगे; इंदिरा गांधी नहर सबसे लंबी।