भारत-अमेरिका अभ्यास युद्ध अभ्यास औली और महाजन में शुरू
भारत और अमेरिका की सेनाओं के संयुक्त अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' का 22वां संस्करण 15 सितंबर 2026 को उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड में उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुआ, जबकि इसी दौरान राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी प्रशिक्षण चला। दोनों पक्षों से 600-600 कर्मी इसमें शामिल हैं। प्रतिभागी दलों को 14 इन्फैंट्री डिवीज़न के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरेश गुंजन और अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीज़न की पहली इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने संबोधित किया। अभ्यास का उद्देश्य पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय इलाकों में एकीकृत युद्ध समूहों (IBG) के इस्तेमाल की दोनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता बढ़ाना है, जिसमें पैदल सेना आधारित अभियानों, आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) और संयुक्त योजना पर ज़ोर है। तकनीक इसका मुख्य केंद्र है: निगरानी और टोही के लिए ड्रोन व स्वायत्त प्रणालियों का उपयोग हो रहा है, महाजन में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जा रहा है, और दोनों सेनाओं के विशेषज्ञ उभरती तकनीकों और बहु-क्षेत्रीय युद्ध पर विचार साझा कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आतंकवाद-रोधी अभ्यासों में हमलावर दलों ने ड्रोन, प्रशिक्षित श्वानों, रोबोटिक प्रणालियों और स्नाइपरों की मदद से नज़दीकी लड़ाई में इमारतों और कमरों को खाली कराने का अभ्यास किया। औली के ऊंचाई वाले हिमालयी इलाके और महाजन के रेगिस्तानी क्षेत्र को साथ रखने से दोनों सेनाओं को बिल्कुल अलग परिस्थितियों में समन्वित अभियानों का अभ्यास करने का मौका मिलता है।
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पढ़ाई के लिए संदर्भ
युद्ध अभ्यास भारत-अमेरिका थल सेनाओं के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास है, जिसकी शुरुआत 2004 में प्लाटून-स्तरीय आदान-प्रदान के रूप में हुई थी, और यह अमेरिकी सेना प्रशांत कमान द्वारा प्रायोजित थिएटर सुरक्षा सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत आता है। यह हर साल आयोजित होता है, जिसका स्थान भारत और अमेरिका के बीच बदलता रहता है, और दो दशकों में यह ड्रोन व लाइव-फायर तत्वों सहित ब्रिगेड-स्तर के बड़े अभ्यासों तक विकसित हो गया है।
संदर्भ: युद्ध अभ्यास पर अमेरिकी सेना का आधिकारिक लेख
खुद जाँचें: क्या युद्ध अभ्यास की शुरुआत एक बड़े, ब्रिगेड-स्तरीय अभ्यास के रूप में हुई थी?
नहीं। इसकी शुरुआत 2004 में प्लाटून-स्तरीय आदान-प्रदान से हुई थी, और दो दशकों में यह धीरे-धीरे बड़े, जटिल अभ्यासों तक विकसित हुआ।
अभ्यास: इस खबर से स्थायी तथ्यों (युद्ध अभ्यास की 2004 में शुरुआत, इसका वार्षिक और बदलते स्थान वाला स्वरूप) को इस वर्ष की विशिष्ट बातों — दो एक साथ हो रहे स्थान (औली और महाजन) और हर स्थान का फोकस — से अलग लिखें।
खुद को परखें
उत्तराखंड के औली में 15 सितंबर 2026 को शुरू हुआ 'युद्ध अभ्यास' (22वाँ संस्करण) भारतीय सेना और किस देश की सेना का संयुक्त अभ्यास है?
उत्तर देखें
उत्तर: संयुक्त राज्य अमेरिका
दोनों पक्षों ने 600-600 कर्मी तैनात किए हैं; इस अभ्यास का उद्देश्य पर्वतीय इलाकों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप के उपयोग की क्षमता बढ़ाना है, और प्रशिक्षण उत्तराखंड के औली और राजस्थान के महाजन फ़ील्ड फ़ायरिंग रेंज में हो रहा है।