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DAILY · 2026-10-06

कैबिनेट ने MSME के लिए 'फ्यूचर चैंपियंस' बनाने हेतु 10,000 करोड़ रुपये के SME ग्रोथ फंड को मंजूरी दी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 6 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने SME ग्रोथ फंड (SGF) की स्थापना के लिए भारत सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी। यह राशि SGF ढांचे के तहत बनाए गए एक वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) में जाएगी, जो विनिर्माण, सेवा, प्रौद्योगिकी, नवाचार-आधारित क्षेत्रों और रणनीतिक मूल्य श्रृंखलाओं में संभावनाशील लघु एवं मध्यम उद्यमों को दीर्घकालिक विकास इक्विटी देगा; आवंटन का बड़ा हिस्सा विनिर्माण-केंद्रित उद्यमों के लिए होगा, और टियर-II व टियर-III शहरों के औद्योगिक क्लस्टरों में काम करने वाले उद्यमों पर भी विचार किया जाएगा। यह फैसला केंद्रीय बजट 2026-27 के पैरा 28 को अमल में लाता है, जो MSME क्षेत्र को इक्विटी, तरलता और पेशेवर सहायता देने वाली बजट घोषणाओं के समूह का हिस्सा है। ज़रूरत समझाते हुए सरकार ने कहा कि अधिकांश मौजूदा इक्विटी फंड शुरुआती चरण के और मुख्यतः सूक्ष्म उद्यमों में निवेश करते हैं, इसलिए जो स्थापित लघु और मध्यम उद्यम विस्तार, नई तकनीक अपनाने या विदेशी बाज़ारों में जाने के लिए पूंजी चाहते हैं, उनके लिए विकास-चरण की इक्विटी की कमी रह जाती है — SGF इसी कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

1 अप्रैल 2025 से उद्यमों को सूक्ष्म, लघु या मध्यम श्रेणी में संयंत्र-मशीनरी या उपकरण में निवेश और वार्षिक टर्नओवर — दोनों की संयुक्त कसौटी पर वर्गीकृत किया जाता है: सूक्ष्म — निवेश 2.5 करोड़ रुपये तक और टर्नओवर 10 करोड़ रुपये तक; लघु — 25 करोड़ और 100 करोड़ रुपये तक; मध्यम — 125 करोड़ और 500 करोड़ रुपये तक। पंजीकरण MSME मंत्रालय के उद्यम पोर्टल पर ऑनलाइन होता है।

संदर्भ: MSME मंत्रालय का उद्यम पंजीकरण पोर्टल (वर्गीकरण मानदंड)

खुद जाँचें: अगर किसी लघु उद्यम का टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से ऊपर चला जाए, पर निवेश 25 करोड़ रुपये से कम रहे, तो क्या वह 'लघु' ही रहेगा?

नहीं। संयुक्त कसौटी के तहत किसी भी एक मानदंड की सीमा पार होते ही उद्यम अगली ऊँची श्रेणी (यहाँ मध्यम) में चला जाता है; निचली श्रेणी में वह तभी आता है जब दोनों मानदंडों में सीमा से नीचे हो।

अभ्यास: यह फैसला बजट के किस पैरा (2026-27 का पैरा 28) को लागू करता है और 10,000 करोड़ रुपये किस माध्यम (वैकल्पिक निवेश कोष) से जाएँगे — इन्हें ऊपर दिए स्थायी MSME मानदंडों से अलग लिखें।

खुद को परखें

मंत्रिमंडल ने SME ग्रोथ फंड (SGF) की स्थापना के लिए, जो संभावनाशील छोटे और मध्यम उद्यमों को दीर्घकालिक ग्रोथ इक्विटी देगा, कितनी राशि की प्रतिबद्धता को मंज़ूरी दी?

  1. ₹2,000 करोड़
  2. ₹5,000 करोड़
  3. ₹10,000 करोड़
  4. ₹25,000 करोड़
उत्तर देखें

उत्तर: ₹10,000 करोड़

मंत्रिमंडल ने भारत सरकार की ₹10,000 करोड़ की प्रतिबद्धता को मंज़ूरी दी, जो SGF ढाँचे के तहत बनने वाले वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) को जाएगी; यह निर्णय केंद्रीय बजट 2026-27 के पैरा 28 को लागू करता है और स्थापित छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए ग्रोथ-स्टेज इक्विटी की कमी को पूरा करने के लिए है।

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