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DAILY · 2026-10-09

NHRC 12 अक्टूबर 2026 को अपना 33वां स्थापना दिवस मनाएगा; भारत के मुख्य न्यायाधीश होंगे मुख्य अतिथि

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत 12 अक्टूबर 2026 को अपने 33 वर्ष पूरे कर रहा है, और नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले वर्षगाँठ समारोह में मुख्य अतिथि होंगे देश के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्य कांत। मंच पर NHRC के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम, आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति (डॉ.) बिद्युत रंजन सारंगी, श्रीमती विजया भारती सयानी और श्री प्रियंक कानूनगो तथा महासचिव श्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहेंगे। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 से बना और 12 अक्टूबर 1993 से कार्यरत यह आयोग अब तक 24 लाख से अधिक मामले देख चुका है, जिनमें लगभग 3,100 मामलों में उसने स्वतः संज्ञान लिया, और मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों के लिए 274 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक राहत की सिफारिश कर चुका है। केवल अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के एक वर्ष में आयोग ने 54,673 शिकायतें दर्ज कीं, 53,733 मामलों का निपटारा किया और 80 मामलों में मौके पर जाकर जाँच की। वर्षगाँठ समारोह के बाद एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसका विषय है 'जीवन के अमृत के रूप में जल: जल के अधिकार के माध्यम से मानव गरिमा को आगे बढ़ाना'।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

NHRC एक सांविधिक (statutory) निकाय है, संवैधानिक नहीं: इसकी स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत हुई, जिसमें 2019 में संशोधन किया गया। अधिनियम की धारा 3 के अनुसार अध्यक्ष वही हो सकता है जो भारत का मुख्य न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो; अन्य सदस्यों में सर्वोच्च न्यायालय के एक वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश, किसी उच्च न्यायालय के एक वर्तमान या पूर्व मुख्य न्यायाधीश, और मानवाधिकार की जानकारी रखने वाले तीन सदस्य होते हैं, जिनमें कम से कम एक महिला होनी चाहिए। कई राष्ट्रीय आयोगों के अध्यक्ष और दिव्यांगजन मुख्य आयुक्त इसके मानित (deemed) सदस्य होते हैं।

संदर्भ: NHRC की वेबसाइट पर आयोग की संरचना का पृष्ठ

खुद जाँचें: क्या 2019 के संशोधन के बाद भी NHRC अध्यक्ष के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश होना ज़रूरी है?

नहीं। संशोधित धारा 3 के अनुसार भारत के मुख्य न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश रह चुके व्यक्ति, दोनों अध्यक्ष बन सकते हैं। 2019 से पहले केवल पूर्व मुख्य न्यायाधीश ही पात्र थे।

अभ्यास: 1993 के अधिनियम से तय स्थायी तथ्य (स्थापना तिथि, सांविधिक आधार, अध्यक्ष की पात्रता) और इस खबर के बदलते आँकड़े (कुल मामले, राहत राशि, पिछले वर्ष की शिकायतें) अलग-अलग लिखें।

खुद को परखें

12 अक्टूबर 2026 को 33 वर्ष पूरे करने वाले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का गठन किस कानून के तहत हुआ?

  1. नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
  2. मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
  3. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
  4. अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989
उत्तर देखें

उत्तर: मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993

NHRC का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 से हुआ और यह 12 अक्टूबर 1993 से कार्यरत है; 33वें स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत थे।

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