नौसेना का नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल 'श्रेयस' GRSE कोलकाता में लॉन्च
भारतीय नौसेना के लिए यार्ड 3040 के रूप में बने नए नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) 'श्रेयस' को 10 अक्टूबर 2026 को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में लॉन्च किया गया। नौसेना की परंपरा के अनुसार जहाज़ का लॉन्च श्रीमती रेमन कोचर ने किया; इस मौके पर नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर मौजूद थे। 'श्रेयस' संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है 'सर्वश्रेष्ठ' या 'उत्कृष्ट'। NGOPV जहाज़ों का डिज़ाइन और निर्माण देश में ही हो रहा है, और इनका निर्माण दो शिपयार्ड — कोलकाता का GRSE और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) — मिलकर कर रहे हैं। बेड़े में शामिल होने के बाद ये जहाज़ नौसेना के मौजूदा ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स के साथ समुद्री निगरानी, खोज और बचाव, अपतटीय (ऑफशोर) संपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) और समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे काम संभालेंगे। नौसेना ने इस लॉन्च को आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में एक और कदम बताया। ध्यान रखें: 'लॉन्च' निर्माण का एक पड़ाव है, जब जहाज़ का ढांचा पहली बार पानी में उतरता है; जहाज़ बेड़े का हिस्सा उपकरण लगने, समुद्री परीक्षणों और औपचारिक कमीशनिंग के बाद ही बनता है।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
GRSE की शुरुआत 1884 में हुगली नदी किनारे एक जहाज़ निर्माण एवं मरम्मत कार्यशाला से हुई थी; इसे 1934 में गार्डन रीच वर्कशॉप्स लिमिटेड के रूप में निगमित किया गया, 1960 में राष्ट्रीयकृत कर रक्षा मंत्रालय के अधीन लाया गया, और 1976 में इसका नाम बदलकर गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स रखा गया। भारत के राष्ट्रपति के पूर्ण स्वामित्व वाली यह कंपनी अब रक्षा मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जिसका मुख्यालय कोलकाता में है।
संदर्भ: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) — आधिकारिक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पृष्ठ
खुद जाँचें: क्या GRSE हमेशा से केंद्र सरकार का जहाज़ निर्माण यार्ड रहा है?
नहीं। इसकी शुरुआत 1884 में एक जहाज़ निर्माण एवं मरम्मत कार्यशाला के रूप में हुई थी; सरकारी स्वामित्व और रक्षा मंत्रालय के अधीन आना 1960 के राष्ट्रीयकरण के साथ ही हुआ।
अभ्यास: इस खबर से नोट करें कि "श्रेयस" GRSE के चार जहाज़ों वाले नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल कार्यक्रम में कहाँ आता है (इससे पहले कौन-से जहाज़ आए, और कितने अंतराल पर), और इस कार्यक्रम-विशिष्ट विवरण को ऊपर दिए GRSE के स्थायी इतिहास से अलग रखें।
खुद को परखें
10 अक्टूबर 2026 को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता में लॉन्च किया गया 'श्रेयस' नौसेना के किस प्रकार का पोत है?
उत्तर देखें
उत्तर: नेक्स्ट जनरेशन ऑफ़शोर पेट्रोल वेसल (NGOPV)
श्रेयस (यार्ड 3040) नेक्स्ट जनरेशन ऑफ़शोर पेट्रोल वेसल है; NGOPV का निर्माण GRSE और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के बीच बँटा है। 'लॉन्च' केवल निर्माण का एक पड़ाव है — पोत साज-सज्जा, सी-ट्रायल और औपचारिक कमीशनिंग के बाद ही बेड़े में शामिल होता है।