ARIES के नेतृत्व वाले अध्ययन ने सूर्य के ध्रुवों की माइक्रोवेव चमक को ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र और कोरोनल होल से जोड़ा
कुछ खास माइक्रोवेव और रेडियो आवृत्तियों पर देखने पर सूर्य के ध्रुवीय क्षेत्र बाकी सतह से ज़्यादा चमकीले दिखते हैं; इसे 'माइक्रोवेव पोलर ब्राइटनिंग' कहते हैं, और इसका कारण अब तक स्पष्ट नहीं था। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने 12 अक्टूबर 2026 को बताया कि भारतीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने इसे बड़े और छोटे, दोनों पैमानों की चुंबकीय गतिविधि से जोड़ा है। यह अध्ययन DST के अधीन स्वायत्त संस्थान आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल; भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) की उदयपुर सौर वेधशाला; IIT दिल्ली और IIT रुड़की ने मिलकर किया। जापान के नोबेयामा रेडियोहेलियोग्राफ के लगभग तीस साल के 17 GHz आंकड़ों को NASA की सोलर डायनेमिक्स ऑब्ज़र्वेटरी की तस्वीरों और विल्कॉक्स सोलर ऑब्ज़र्वेटरी के चुंबकीय मापों के साथ मिलाकर टीम ने पाया कि ध्रुवीय चमक ध्रुवीय कोरोनल होल के आकार के साथ और उससे भी अधिक सूर्य के ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र की ताकत के साथ घटती-बढ़ती है। अलग-अलग चमकीले धब्बे अक्सर कोरोनल ब्राइट पॉइंट्स और कोरोनल जेट्स से मेल खाते थे। शोधकर्ताओं ने लंबे समय के व्यवहार में उत्तर और दक्षिण ध्रुव के बीच अंतर भी दर्ज किया। 'द एस्ट्रोफिज़िकल जर्नल' में प्रकाशित ये नतीजे सूर्य के ध्रुवीय वातावरण की स्थितियों और सौर पवन (solar wind) की उत्पत्ति को समझने में मदद करेंगे।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
मनोरा पीक, नैनीताल में मुख्यालय वाला ARIES, उत्तर प्रदेश राज्य वेधशाला के रूप में शुरू हुआ था, जिसने 20 अप्रैल 1954 को वाराणसी में काम करना शुरू किया। 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद यह कुछ समय के लिए ‘राज्य वेधशाला’ बना, और फिर 22 मार्च 2004 को इसका नाम आर्यभट्ट प्रेक्षणात्मक विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) रखा गया, जब यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान बना।
संदर्भ: ARIES की आधिकारिक वेबसाइट (इतिहास)
खुद जाँचें: क्या ARIES अपनी स्थापना के समय से ही इस नाम से जाना जाता रहा है?
नहीं — इसकी स्थापना 1954 में उत्तर प्रदेश राज्य वेधशाला के रूप में हुई थी; ARIES नाम और DST के स्वायत्त संस्थान का दर्जा केवल 2004 से मिला, यानी ठीक 50 साल बाद।
अभ्यास: आज की विशेष खोज (सूर्य के माइक्रोवेव-उज्ज्वल ध्रुवों का कोरोनल होल से संबंध) को इस खबर में बताए गए संस्थान के स्थायी तथ्य से अलग रखें।
खुद को परखें
ARIES, नैनीताल के नेतृत्व में हुए अध्ययन ने सूर्य की 'माइक्रोवेव ध्रुवीय चमक' को सबसे अधिक किससे जोड़ा?
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उत्तर: सूर्य के ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता
लगभग तीस वर्षों के 17 GHz नोबेयामा रेडियोहेलियोग्राफ़ डेटा से टीम ने पाया कि ध्रुवीय चमक ध्रुवीय कोरोनल होल के आकार के साथ और उससे भी निकटता से ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता के साथ घटती-बढ़ती है; ARIES विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान है।