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DAILY · 2026-10-12

सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 5.54%, खाद्य कीमतों ने बढ़ाया दबाव

BankingSSCGeneral

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय) द्वारा 12 अक्टूबर को जारी अनंतिम आँकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% हो गई। यह आँकड़ा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की नई शृंखला पर आधारित है, जिसका आधार वर्ष 2024 है, और यह अगस्त के अंतिम आँकड़े 4.83% से साफ तौर पर अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में कीमतें (6.08%) शहरी क्षेत्रों (4.88%) की तुलना में तेज़ी से बढ़ीं। सबसे ज़्यादा दबाव खाद्य वस्तुओं से आया: उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य महंगाई एक महीने पहले के 5.97% से उछलकर 7.74% पर पहुँच गई। प्याज़ सबसे आगे रहा, जिसकी कीमत एक साल में दोगुने से भी ज़्यादा (108.09%) बढ़ी, जबकि चांदी के आभूषण, अदरक, लहसुन और नींबू भी सबसे तेज़ वार्षिक बढ़ोतरी वाली वस्तुओं में रहे। दूसरी ओर आलू और टमाटर अब भी पिछले साल से सस्ते रहे। कीमतों के आँकड़े 1,407 शहरी बाज़ारों और 1,465 गाँवों से जुटाए गए। अक्टूबर 2026 का CPI 12 नवंबर 2026 को जारी होगा।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

भारत में 2016 में संशोधित भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढाँचा लागू है। धारा 45ZA के अनुसार केंद्र सरकार, RBI से परामर्श करके, हर पाँच साल में एक बार CPI आधारित मुद्रास्फीति लक्ष्य तय करती है। अगस्त 2016 में पहली बार अधिसूचित लक्ष्य 4% CPI मुद्रास्फीति था, जिसकी ऊपरी सहन सीमा 6% और निचली सीमा 2% है; इसे 2021 में और फिर 25 मार्च 2026 को अप्रैल 2026 से मार्च 2031 की अवधि के लिए बरकरार रखा गया। धारा 45ZB के तहत छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) इस लक्ष्य को पाने के लिए नीतिगत रेपो दर तय करती है।

संदर्भ: भारतीय रिज़र्व बैंक, मौद्रिक नीति का अवलोकन

खुद जाँचें: अगर किसी एक महीने में CPI महंगाई 6% से ऊपर चली जाए, तो क्या कानूनी तौर पर माना जाएगा कि RBI लक्ष्य पाने में 'विफल' रहा?

नहीं। अधिसूचित परिभाषा के अनुसार विफलता तब मानी जाती है जब लगातार तीन तिमाहियों तक औसत मुद्रास्फीति 6% की ऊपरी सीमा से ऊपर (या 2% की निचली सीमा से नीचे) रहे, न कि किसी एक महीने के आँकड़े पर।

अभ्यास: सितंबर 2026 की कुल, ग्रामीण, शहरी और खाद्य महंगाई के आँकड़े लिखें, और कुल महंगाई की तुलना 2%-6% की सहन सीमा से करें।

खुद को परखें

2024 को आधार वर्ष मानने वाली नई शृंखला के अनुसार सितंबर 2026 में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) कितनी रही?

  1. 4.83%
  2. 5.54%
  3. 6.08%
  4. 7.74%
उत्तर देखें

उत्तर: 5.54%

मुख्य CPI मुद्रास्फीति 5.54% रही, जबकि अगस्त में यह 4.83% थी; ग्रामीण मुद्रास्फीति 6.08% और शहरी 4.88% रही, तथा खाद्य मुद्रास्फीति (CFPI) बढ़कर 7.74% हो गई, जिसमें प्याज़ की कीमत सालाना आधार पर दोगुनी से अधिक हो गई।

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