खादी और ग्रामोद्योग की बिक्री 2025-26 में रिकॉर्ड ₹1.87 लाख करोड़: सरकारी पृष्ठभूमि नोट
13 अक्टूबर 2026 को, हर साल 2 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले खादी महोत्सव के दौरान, PIB के एक पृष्ठभूमि नोट में बताया गया कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) पारंपरिक हुनर को ग्रामीण उद्यमों में कैसे बदल रहा है। 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री ₹1.87 लाख करोड़ तक पहुंची, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है और 2013-14 की तुलना में 501% अधिक (लगभग छह गुना) है; उत्पादन 380% बढ़कर ₹1,25,296 करोड़ हुआ और इस क्षेत्र में रोज़गार 56% बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया। कारीगरों का पारिश्रमिक ₹4 से बढ़कर ₹15 प्रति हैंक हो गया है (एक हैंक यानी 840 गज़ सूत)। लगभग पांच लाख खादी कारीगरों में 80% से अधिक महिलाएं हैं। KVIC के 35 प्रशिक्षण केंद्रों में 2025-26 के दौरान 79,682 लोगों को प्रशिक्षण मिला। मार्च 2008 से KVIC के माध्यम से चल रहे प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) से लगभग 97.95 लाख लोगों को रोज़गार मिला है। नोट में अन्य योजनाओं का भी ज़िक्र है: ग्रामोद्योग विकास योजना, जिसके तहत 3.23 लाख से अधिक मशीनें व टूलकिट बांटे गए; खादी विकास योजना की बाज़ार विकास सहायता; खादी संस्थाओं को 4% की रियायती ब्याज दर पर ऋण; और कारीगरों के लिए वर्कशेड योजना।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
KVIC (खादी और ग्रामोद्योग आयोग) एक सरकारी विभाग नहीं, बल्कि एक सांविधिक (स्टैच्युटरी) निकाय है - इसकी स्थापना खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम, 1956 के तहत हुई थी, और यह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अधीन कार्य करता है। इसका कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में खादी और ग्रामोद्योगों की योजना बनाना, बढ़ावा देना और सहायता करना है।
संदर्भ: MSME मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट
खुद जाँचें: क्या KVIC स्वयं एक मंत्रालय है?
नहीं - KVIC अपने 1956 के अधिनियम द्वारा बनाया गया एक सांविधिक निकाय है; यह MSME मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, जो एक अलग केंद्रीय मंत्रालय है।
अभ्यास: ध्यान दें कि यह विज्ञप्ति KVIC के बिक्री प्रदर्शन के बारे में है, किसी नई नीति की घोषणा के बारे में नहीं - प्रदर्शन अपडेट और वास्तविक योजना या अधिनियम परिवर्तन के बीच अंतर पहचानें।
खुद को परखें
PIB पृष्ठभूमि नोट के अनुसार 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री किस रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची?
उत्तर देखें
उत्तर: ₹1.87 लाख करोड़
2025-26 में बिक्री ₹1.87 लाख करोड़ रही — अब तक की सर्वाधिक और 2013-14 के स्तर का लगभग छह गुना; उत्पादन ₹1,25,296 करोड़ और रोज़गार 2.04 करोड़ तक पहुँचा।