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DAILY · 2026-10-13

नमामि गंगे: गंगा बेसिन में अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों का अनुपालन 2017 के 39% से बढ़कर 86%

SSCGeneral

जल शक्ति मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 को बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत औद्योगिक प्रदूषण पर कैसे काबू पाया जा रहा है। इसका केंद्र अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों (Grossly Polluting Industries, GPI) का वार्षिक निरीक्षण है, जो 2017 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सहयोग से शुरू हुआ। बेसिन के हर GPI की हर साल जांच स्वतंत्र तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञ, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ करते हैं — वे अपशिष्ट जल के नमूने लेते हैं, BOD और COD जैसे मानक जांचते हैं, ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था का जुड़ाव परखते हैं और चोरी-छिपे सीधे छोड़े जा रहे अपशिष्ट (बायपास) की तलाश करते हैं। 2025 के चक्र में 3,703 GPI की जांच हुई — गंगा बेसिन में 1,296 और यमुना बेसिन में 2,407 — जो छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के 113 ज़िलों में फैले हैं; 2026 के चक्र के लिए 40 संस्थान नामित किए गए हैं। नतीजे: गंगा बेसिन में अनुपालन 2017 के 39% से बढ़कर 2025 में 86% हो गया, और जैविक प्रदूषण (BOD) भार 26 से घटकर लगभग 7.16 टन प्रतिदिन रह गया, यानी करीब 72% की कमी। अब लुगदी व कागज़, चीनी, डिस्टिलरी, कपड़ा और चमड़ा (टैनरी) क्षेत्रों के लिए अलग-अलग चार्टर हैं; पहले के आकलन में ये पांच क्षेत्र कुल GPI का करीब 70% और प्रदूषण भार का 88% थे। 2025 में जांचे गए 41 साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (CETP) में से 27 मानकों पर खरे उतरे।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) 12 अगस्त 2011 को एक सोसाइटी के रूप में पंजीकृत हुआ। पहले यह राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA) की कार्यान्वयन इकाई था, जिसे 7 अक्टूबर 2016 से भंग कर दिया गया, जब पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत नई व्यवस्था बनाई गई। इस व्यवस्था में गंगा पुनरुद्धार की निगरानी पाँच स्तरों पर होती है: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय गंगा परिषद, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता वाला अधिकार प्राप्त कार्यबल (Empowered Task Force), NMCG, राज्य गंगा समितियाँ और ज़िला गंगा समितियाँ।

संदर्भ: राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन का 'About NMCG' पृष्ठ

खुद जाँचें: राष्ट्रीय गंगा परिषद की अध्यक्षता कौन करता है?

प्रधानमंत्री। इसके नीचे अधिकार प्राप्त कार्यबल की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री करते हैं, और NMCG कार्यान्वयन मिशन है।

अभ्यास: इस खबर में केवल गंगा बेसिन वाले आँकड़ों (अनुपालन 39% से 86%, BOD भार 26 से 7.16 TPD) को गंगा-यमुना के संयुक्त आँकड़ों (3,703 GPI की जाँच) से अलग करके लिखें, क्योंकि प्रश्नों में इन्हें मिलाया जा सकता है।

खुद को परखें

नमामि गंगे के तहत गंगा बेसिन में अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों (GPI) का अनुपालन 2017 के 39% से 2025 में कितना हो गया?

  1. 86%
  2. 66%
  3. 72%
  4. 95%
उत्तर देखें

उत्तर: 86%

अनुपालन 2017 के 39% से बढ़कर 2025 में 86% हो गया और जैविक प्रदूषण (BOD) भार 26 से घटकर लगभग 7.16 टन प्रतिदिन रह गया; 2025 के दौर में 3,703 अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों का आकलन हुआ।

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