सुखना वेटलैंड (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश) के जुड़ने से भारत के रामसर स्थलों की संख्या 103 हुई
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 15 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि चंडीगढ़ के सुखना वेटलैंड और उत्तर प्रदेश की सौज झील को रामसर स्थल घोषित किए जाने के साथ भारत के रामसर स्थलों, यानी रामसर अभिसमय के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों, की संख्या 103 हो गई है। #AmritDharohar टैग वाली सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि ये स्थल जैव विविधता, जल एवं जलवायु सुरक्षा और स्थानीय आजीविका के लिए आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं; उन्होंने उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ को बधाई दी और यात्रियों को दोनों स्थलों पर जाने का निमंत्रण दिया।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
आर्द्रभूमियों पर रामसर अभिसमय 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर में अपनाया गया और 1975 में लागू हुआ; 2 फरवरी विश्व आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत 1 फरवरी 1982 को इसमें शामिल हुआ, और उसके पहले दो नामित स्थल चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) थे, जो 1981 में सूचीबद्ध हुए। रामसर सूची एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता है; किसी आर्द्रभूमि की रोज़मर्रा की सुरक्षा भारतीय कानून, जैसे आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017, से ही आती है।
संदर्भ: रामसर अभिसमय का भारत देश-प्रोफाइल
खुद जाँचें: क्या रामसर स्थल घोषित होने मात्र से कोई आर्द्रभूमि भारतीय कानून के तहत संरक्षित क्षेत्र बन जाती है?
नहीं। यह 1971 के अभिसमय के तहत अंतरराष्ट्रीय सूचीकरण है; भारत में कानूनी सुरक्षा आर्द्रभूमि नियम, 2017 जैसे घरेलू उपकरणों से और, जहाँ स्थल अभयारण्य या राष्ट्रीय उद्यान भी हो, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम से मिलती है।
अभ्यास: इस रिलीज़ से नई संख्या (103) और दोनों स्थल उनके राज्य या केंद्र-शासित प्रदेश सहित नोट करें, और इन्हें अभिसमय के ऊपर दिए स्थायी तथ्यों से अलग रखें।
खुद को परखें
15 अक्टूबर 2026 की घोषणा के अनुसार, किन दो स्थलों के जुड़ने से भारत के रामसर स्थलों की संख्या 103 हुई?
उत्तर देखें
उत्तर: सुखना वेटलैंड (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश)
दो नवीनतम रामसर स्थल चंडीगढ़ का सुखना वेटलैंड और उत्तर प्रदेश की सौज झील हैं, जिनसे संख्या 103 हुई; बाकी विकल्प पहले से रामसर स्थल हैं।