उपराष्ट्रपति ने कारवार में नौसेना के पहले स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत INS समर्थक को कमीशन किया
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के कारवार में भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत (मल्टी-पर्पज़ वेसल) INS समर्थक को कमीशन किया। पोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है और इसे लार्सन एंड टुब्रो ने बनाया है, जिसके योगदान के साथ उपराष्ट्रपति ने नौसेना के डिज़ाइनरों, शिपयार्ड पेशेवरों, आपूर्तिकर्ताओं और सहायक उद्योगों के प्रयासों को भी सराहा। यह पोत अगली पीढ़ी के हथियारों, सेंसरों और उभरती प्रौद्योगिकियों के परीक्षण और मूल्यांकन का मंच होगा, और समुद्री निगरानी व टोही, अपतटीय गश्त, लक्ष्यों के प्रक्षेपण व पुनर्प्राप्ति, मानवरहित प्रणालियों के संचालन तथा मानवीय सहायता व आपदा राहत में भी काम आएगा। उपराष्ट्रपति ने कारवार के गहरे प्राकृतिक बंदरगाह को भारत की समुद्री सुरक्षा संरचना का अहम हिस्सा बताया और वहाँ प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत बन रहे नौसैनिक बुनियादी ढाँचे का उल्लेख किया। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और पोत के कमांडिंग ऑफ़िसर कमांडर सुशील कुमार सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
कर्नाटक के कारवार में प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत बना नौसैनिक अड्डा INS कदंब है; इसका पहला चरण 31 मई 2005 को कमीशन हुआ था, और बाद के चरण इसे क्षेत्र के सबसे बड़े नौसैनिक अड्डों में से एक बना रहे हैं। भारतीय नौसेना का प्रमुख नौसेना प्रमुख (चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ) होता है और 1971 के ऑपरेशन ट्राइडेंट की याद में 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है। कमीशनिंग समारोह वह अवसर है जब कोई पोत औपचारिक रूप से नौसेना सेवा में शामिल होता है और उसे INS (इंडियन नेवल शिप) उपसर्ग मिलता है।
संदर्भ: भारतीय नौसेना की आधिकारिक वेबसाइट
खुद जाँचें: क्या INS समर्थक किसी सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड का बनाया है?
नहीं। रिलीज़ निजी पोत-निर्माता लार्सन एंड टुब्रो को श्रेय देती है, और उपराष्ट्रपति ने भारत के निजी पोत-निर्माण उद्योग की बढ़ती भूमिका की बात कही।
अभ्यास: इस रिलीज़ से पोत की भूमिकाएँ (परीक्षण मंच, निगरानी, गश्त, मानवरहित प्रणालियों का संचालन, HADR), उसकी स्वदेशी सामग्री और अड्डा नोट करें, और इन्हें कारवार और नौसेना के ऊपर दिए स्थायी तथ्यों से अलग रखें।
खुद को परखें
भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत INS समर्थक 16 अक्टूबर 2026 को किस नौसैनिक अड्डे पर कमीशन किया गया?
उत्तर देखें
उत्तर: कारवार, कर्नाटक
उपराष्ट्रपति ने INS समर्थक को कर्नाटक के कारवार में कमीशन किया; लार्सन एंड टुब्रो द्वारा निर्मित इस पोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है।