एक दशक में आयुष पेटेंट आवेदन आठ गुना: 2014-15 से 4,077 आवेदन और 711 पेटेंट मंज़ूर, महाराष्ट्र सबसे आगे
आयुष मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2026 को बताया कि DPIIT के अधीन पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय (CGPDTM) द्वारा प्रकाशित और 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह के दौरान जारी 'भारत में आयुष संबंधी आविष्कारों की स्थिति रिपोर्ट (2014-2026)' के अनुसार वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच आयुष से जुड़े क्षेत्रों में 4,077 पेटेंट आवेदन दाखिल हुए और 711 पेटेंट मंज़ूर हुए। वार्षिक आवेदन 2014-15 के 63 से बढ़कर 2025-26 में 590 हो गए, यानी लगभग 836.5 प्रतिशत की वृद्धि; 2022-23 में 606 के शिखर के बाद 2023-24 में घटकर 299 रहे थे। वार्षिक मंज़ूरियाँ 2015-16 के 3 से बढ़कर 2023-24 में 204 हुईं। कुल आवेदनों का 70 प्रतिशत (2,854) और कुल मंज़ूरियों का 92.4 प्रतिशत (657) वित्त वर्ष 2020-21 से शुरू कोविड-पश्चात अवधि में आया। व्यक्तियों ने 2,113 आवेदन (51.9 प्रतिशत) और शैक्षणिक संस्थानों ने 995 आवेदन किए, जो मिलकर 76.3 प्रतिशत हैं; कॉरपोरेट व अन्य इकाइयों ने 700, लघु इकाइयों ने 144 और स्टार्ट-अप ने 125 आवेदन किए। राज्यों में महाराष्ट्र 744 आवेदनों और 142 मंज़ूरियों के साथ सबसे आगे है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव और आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह वृद्धि क्षेत्र के बढ़ते अनुसंधान और नवाचार आधार को दर्शाती है।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
आयुष मंत्रालय का गठन 9 नवंबर 2014 को हुआ; आयुष का अर्थ है आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी। आयुर्वेद दिवस 2025 से हर वर्ष 23 सितंबर को मनाया जाता है (पहले यह धनतेरस के साथ बदलता था)। भारत में पेटेंट, पेटेंट अधिनियम, 1970 के तहत दाखिले से 20 वर्ष की अवधि के लिए दिए जाते हैं, उन पेटेंट कार्यालयों द्वारा जो पेटेंट, डिज़ाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक (CGPDTM) के अधीन काम करते हैं; CGPDTM वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT के अंतर्गत आता है।
संदर्भ: CGPDTM कार्यालय (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया)
खुद जाँचें: रिपोर्ट में अधिकांश आयुष पेटेंट 2020 से पहले मंज़ूर हुए या बाद में?
बाद में। रिपोर्ट कहती है कि सभी मंज़ूरियों का 92.4 प्रतिशत (711 में से 657) वित्त वर्ष 2020-21 से शुरू कोविड-पश्चात अवधि में आया, और आवेदनों का भी 70 प्रतिशत।
अभ्यास: इस रिलीज़ से कुल आँकड़े (4,077 आवेदन, 711 मंज़ूरियाँ), वार्षिक आवेदनों की 63 से 590 तक की वृद्धि और अग्रणी राज्य नोट करें, और इन्हें मंत्रालय व पेटेंट कानून के ऊपर दिए स्थायी तथ्यों से अलग रखें।
खुद को परखें
11वें आयुर्वेद दिवस समारोह के दौरान जारी 'भारत में आयुष संबंधी आविष्कारों की स्थिति रिपोर्ट (2014-2026)' के अनुसार आयुष पेटेंट आवेदनों में कौन-सा राज्य सबसे आगे है?
उत्तर देखें
उत्तर: महाराष्ट्र
महाराष्ट्र 744 आवेदनों और 142 मंज़ूरियों के साथ सबसे आगे है; राष्ट्रीय स्तर पर वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच 4,077 आवेदन दाखिल हुए और 711 पेटेंट मंज़ूर हुए।