जनजातीय कार्य मंत्रालय 1 से 15 नवंबर 2026 तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा मनाएगा, जिसका समापन भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस के साथ होगा
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 27 अक्टूबर 2026 को बताया कि वह 1 से 15 नवंबर 2026 तक देश भर में जनजातीय गौरव पखवाड़ा मनाएगा, जिसका समापन 15 नवंबर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस (JJGD) के साथ होगा। मंत्रालय के अनुसार यह पखवाड़ा उसके प्रमुख कार्यक्रमों में तेज़ी लाने, उनके लाभ अंतिम छोर तक जनजातीय परिवारों तक पहुँचाने और योजनाओं व अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक केंद्रित, समयबद्ध अभियान है। भारत सरकार ने 2021 में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया; पिछले 5 वर्षों में यह दिवस रांची (2021), खूंटी (2022 और 2023), जमुई (2024) और डेडियापाड़ा (2025) में मनाया गया। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती 2024-25 में जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाई गई, जिसमें 28 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम और 2 लाख से अधिक गतिविधियाँ हुईं, जिनमें 3.8 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस वर्ष के लिए तय कार्यक्रमों में 12 नवंबर को राष्ट्रपति भवन में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) के लगभग 200 विद्यार्थियों का राष्ट्रपति से संवाद, 12 और 13 नवंबर को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव, और 14 नवंबर को रानी दुर्गावती आदिवासी महिला सम्मेलन शामिल हैं, जिसमें 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की 500 जनजातीय महिला उद्यमी एक साथ आएँगी। जनजातीय गौरव दिवस पर जनजातीय समुदायों के लिए 300 से अधिक परियोजनाएँ शुरू की जानी हैं - 228 उद्घाटन के लिए और 74 शिलान्यास के लिए तैयार हैं। दो राष्ट्रीय डिजिटल पहलें भी शुरू की जानी हैं: ICMR के साथ विकसित जन-हित (जनजातीय स्वास्थ्य इंटेलिजेंस और प्रौद्योगिकी) पोर्टल, जिसे मंत्रालय जनजाति-वार स्वास्थ्य आँकड़ों के लिए भारत का पहला प्लेटफ़ॉर्म बताता है, और राष्ट्रीय FRA डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जो वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत वन अधिकार दावों की प्रक्रिया को एक ही प्रणाली पर लाएगा।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
10 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वीर आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को समर्पित करते हुए 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने को मंज़ूरी दी और कहा कि यह दिवस हर वर्ष मनाया जाएगा। यह तिथि बिरसा मुंडा की जयंती है, जिन्हें देश भर के जनजातीय समुदाय भगवान के रूप में पूजते हैं; उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक व्यवस्था की शोषक प्रणाली के ख़िलाफ़ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और 'उलगुलान' (क्रांति) का आह्वान करते हुए ब्रिटिश दमन के ख़िलाफ़ आंदोलन का नेतृत्व किया। मंत्रिमंडल की रिलीज़ में उल्लेख था कि संथाल, तामार, कोल, भील, खासी और मिज़ो जैसे जनजातीय समुदायों के आंदोलनों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूत किया, और वर्ष 2016 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के भाषण के अनुरूप भारत सरकार ने देश भर में 10 जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों को मंज़ूरी दी थी; रिलीज़ में यह भी कहा गया था कि प्रधानमंत्री रांची में उस जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे, जहाँ बिरसा मुंडा ने अंतिम साँस ली थी। 15 से 22 नवंबर 2021 तक सप्ताह भर के समारोह की योजना बनाई गई थी।
खुद जाँचें: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने को कब मंज़ूरी दी, और ब्रिटिश दमन के ख़िलाफ़ बिरसा मुंडा का आह्वान क्या था?
10 नवंबर 2021 को; 'उलगुलान' (क्रांति)।
अभ्यास: इस रिलीज़ से जनजातीय गौरव पखवाड़ा 2026 की तारीख़ें, 15 नवंबर किसकी जयंती है, यह दिवस कब घोषित हुआ, पिछले वर्षों में यह कहाँ मनाया गया, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती कैसे मनाई गई और शुरू की जाने वाली दो डिजिटल पहलें लिखें; नोट से मंत्रिमंडल ने इस दिवस को कब मंज़ूरी दी, बिरसा मुंडा का 'उलगुलान' का आह्वान और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय।
खुद को परखें
भारत सरकार ने 15 नवंबर, यानी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती, को किस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया?
उत्तर देखें
उत्तर: 2021
भारत सरकार ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के स्मरण में 2021 में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। पिछले 5 वर्षों में यह दिवस रांची (2021), खूंटी (2022 और 2023), जमुई (2024) और डेडियापाड़ा (2025) में मनाया गया; इस वर्ष जनजातीय कार्य मंत्रालय 1 से 15 नवंबर 2026 तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा मनाएगा।