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DAILY · 2026-10-27

संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम् मिशन के तहत भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

SSCRailwayGeneral

संस्कृति मंत्रालय ने 27 अक्टूबर 2026 को बताया कि पांडुलिपियों और दस्तावेजी विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को मज़बूत करने के लिए ज्ञान भारतम् मिशन के तहत 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस (बीएनएफ) (फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए और इसका आदान-प्रदान किया गया। इस समझौता ज्ञापन पर संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और बीएनएफ के अध्यक्ष गाइल्स पेकौट ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी में संस्कृति मंत्रालय (ज्ञान भारतम् के माध्यम से), नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार, कोलकाता स्थित राष्ट्रीय पुस्तकालय और बीएनएफ शामिल हैं, और यह पांच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का ढांचा तैयार करती है: डिजिटलीकरण; राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी पर साझाकरण (क्रॉस-शेयरिंग); प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान; संरक्षण; और अनुसंधान एवं विकास। संस्कृति मंत्रालय और बीएनएफ मिलकर बीएनएफ के पास मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियों एवं संग्रहों की पहचान करेंगे और उनका डिजिटलीकरण करेंगे, और समझौता ज्ञापन में डिजिटलीकरण एवं संरक्षण तकनीकों, कैटलॉगिंग संबंधी मानकों, भारतीय लिपियों के लिए ओसीआर/एचटीआर उपकरणों, डिजिटल मानविकी तथा पांडुलिपि संरक्षण जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता और ज्ञान के आदान-प्रदान का भी प्रावधान है; इस साझेदारी के तहत संयुक्त कार्यशालाओं, क्षमता-विकास कार्यक्रमों, शोध संबंधी पहलों, प्रकाशनों, प्रदर्शनियों और विद्वानों एवं विशेषज्ञों के आदान-प्रदान की योजना भी बनाई गई है। ज्ञान भारतम् मिशन संस्कृति मंत्रालय की प्रमुख पहल है, जो भारत की पांडुलिपि विरासत की पहचान, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण, अनुवाद, शोध और प्रसार के प्रति समर्पित है; इसकी राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी को भारत और दुनिया भर में मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियों और भारतीय ज्ञान प्रणालियों के एक सुरक्षित डिजिटल भंडार के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो शोध और अध्ययन के लिए व्यवस्थित, अनुमति-आधारित पहुंच प्रदान करे। मंत्रालय ने इस साझेदारी को भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, अध्ययन और व्यापक प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

केंद्रीय बजट 2025-26 के दौरान घोषित ज्ञान भारतम् मिशन (जीबीएम) संस्कृति मंत्रालय की पांडुलिपि संबंधी गतिविधियों को संचालित करने की एक पहल है। इसके उद्देश्यों में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और प्रलेखन की गति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना, पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और पंजीकरण करना, प्रशिक्षण, जागरूकता और वित्तीय सहायता के माध्यम से उनके संरक्षण और परिरक्षण को सुगम बनाना, भारतीय भाषाओं और पांडुलिपि विज्ञान के अध्ययन में विद्वत्ता और अनुसंधान को बढ़ावा देना, तथा राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी (एनडीआर) का निर्माण करना शामिल है। 3 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि स्थायी वित्त समिति (एसएफसी) ने इस पहल के लिए 2025-2031 की अवधि हेतु 491.66 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, और मार्च 2026 में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किए गए राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण में 1.19 करोड़ से अधिक पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई है। देश भर में उपलब्ध 8 लाख से अधिक डिजिटल पांडुलिपियों में से 4.40 लाख से अधिक तब ज्ञान भारतम् पोर्टल पर सार्वजनिक पहुंच के लिए उपलब्ध थीं; पांडुलिपियों की डिजिटल प्रतियों तक पहुंच संरक्षकों और अधिकार धारकों के अधिकारों के अनुरूप दी जाती है। यह मिशन क्लस्टर केंद्रों और स्वतंत्र केंद्रों के माध्यम से काम करता है, जिनमें विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान, पुस्तकालय, अभिलेखागार, निजी संरक्षक और धार्मिक संस्थान शामिल हैं।

संदर्भ: PIB (संस्कृति मंत्रालय), 'ज्ञान भारतम मिशन और पांडुलिपि विरासत का संरक्षण', 3 अगस्त 2026

खुद जाँचें: ज्ञान भारतम् मिशन की घोषणा किस केंद्रीय बजट में हुई थी, और स्थायी वित्त समिति ने इसके लिए कितनी राशि, किस अवधि के लिए स्वीकृत की है?

केंद्रीय बजट 2025-26 में; 491.66 करोड़ रुपये, 2025-2031 की अवधि के लिए।

अभ्यास: इस रिलीज़ से समझौता ज्ञापन कहाँ और कब हुआ, किसने हस्ताक्षर किए, साझेदारी में शामिल भारतीय संस्थान, सहयोग के पांच क्षेत्र और राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी की परिकल्पना लिखें; नोट से ज्ञान भारतम् मिशन की घोषणा कब हुई, उसके लिए स्वीकृत राशि और अवधि, तथा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण और पोर्टल के आँकड़े।

खुद को परखें

भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस (बीएनएफ) के साथ किस मिशन के तहत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए?

  1. ज्ञान भारतम् मिशन
  2. राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन
  3. प्रोजेक्ट मौसम
  4. राष्ट्रीय स्मारक एवं पुरावशेष मिशन
उत्तर देखें

उत्तर: ज्ञान भारतम् मिशन

समझौता ज्ञापन पर 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत हस्ताक्षर किए गए और इसका आदान-प्रदान किया गया; यह मिशन संस्कृति मंत्रालय की प्रमुख पहल है, जो भारत की पांडुलिपि विरासत की पहचान, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण, अनुवाद, शोध और प्रसार के प्रति समर्पित है। इस पर संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और बीएनएफ के अध्यक्ष गाइल्स पेकौट ने हस्ताक्षर किए, और यह पांच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का ढांचा तैयार करता है: डिजिटलीकरण; राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी पर साझाकरण; प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान; संरक्षण; और अनुसंधान एवं विकास।

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