श्री दिनेश वी. गणवीर ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 55वें महानिदेशक के रूप में पदभार संभाला
खान मंत्रालय ने 1 नवंबर 2026 को बताया कि श्री दिनेश विठ्ठलराव गणवीर ने खान मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय (attached office) भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 55वें महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया है। आरटीएमएनयू विश्वविद्यालय, नागपुर से भूविज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री के बाद उन्होंने 1 जुलाई 1994 को जीएसआई में कार्यभार ग्रहण किया था, और 32 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में जीएसआई के मध्य, पूर्वोत्तर और उत्तरी क्षेत्रों में विभिन्न वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है; महानिदेशक का पदभार संभालने से ठीक पहले वे नागपुर स्थित मध्य क्षेत्र में अपर महानिदेशक और विभागाध्यक्ष थे और राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-II का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। उनके कार्यों में पश्चिमी बस्तर क्रेटन में विषयगत मानचित्रण, महाराष्ट्र के साकोली फोल्ड बेल्ट में सोने और हीरे का अन्वेषण, तथा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों भीमबेटका शैलाश्रयों और एलोरा गुफाओं के संरक्षण से जुड़े भूवैज्ञानिक अध्ययन शामिल हैं, और उन्होंने भारत-पेरू संयुक्त कार्य समूह, रूस-भारत खनन उप-समूह और ऑस्ट्रेलिया में आईएमएआरसी 2022 सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जीएसआई का प्रतिनिधित्व किया है। राष्ट्रीय मिशन प्रमुख-II के रूप में उन्होंने हाल के समय में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण संबंधी जांच में पांच गुना वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई, और इस कार्यकाल में उन्होंने 359 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और 377 भूवैज्ञानिक ज्ञापन सौंपे जाने में योगदान दिया: इनमें से 202 ब्लॉक महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित थे, जिनमें से 40 की नीलामी हो चुकी है, जबकि अन्वेषण लाइसेंस (ईएल) व्यवस्था के तहत 56 ब्लॉक सौंपे गए, जिनमें से 11 की नीलामी चरण-I और चरण-II के अंतर्गत हो चुकी है। पदभार ग्रहण करने पर उन्होंने कहा कि एक प्रमुख प्राथमिकता महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण में तेज़ी लाना और नीलामी के लिए तैयार खनिज ब्लॉक तैयार करना होगी, जिससे खनिज सुरक्षा मज़बूत करने, आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को बल मिलेगा; उभरती प्रौद्योगिकियों और उन्नत डेटा विश्लेषण का उपयोग, प्रयोगशाला अवसंरचना को मज़बूत करना और अपतटीय अन्वेषण भी प्रमुख कार्यक्षेत्र होंगे, और जीएसआई भूस्खलन की पूर्व चेतावनी, हिमनद और हिममंडल संबंधी अध्ययन, प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं तथा आपदा जोखिम आकलन में अपना योगदान जारी रखेगा।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
31 जुलाई 2026 की PIB रिलीज़ के अनुसार श्रीमती वर्षा अशोक अगलावे ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की 54वीं महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया था; वे इस संगठन के 176 वर्षों के इतिहास में इसकी प्रमुख बनने वाली पहली महिला हैं। उन्होंने श्री असित साहा का स्थान लिया, जिन्होंने 27 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2026 तक महानिदेशक के रूप में काम किया। भारतीय खान ब्यूरो में सेवा देने के बाद उन्होंने 1992 में जीएसआई में कार्यभार ग्रहण किया था, और महानिदेशक बनने से पहले वे पूर्वी क्षेत्र, कोलकाता में अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष थीं। जीवाश्म विज्ञान एवं परागकण विज्ञान की विशेषज्ञ श्रीमती अगलावे ने मध्य भारत में सालबर्डी-घोरपेंड क्षेत्र को डायनासोर के घोंसले के नए स्थल के रूप में दर्ज किया। पदभार ग्रहण करने पर उन्होंने गहराई में मौजूद एवं छिपे हुए खनिज भंडारों के अन्वेषण में तेज़ी लाने और अपतटीय खनिज अन्वेषण के विस्तार पर ज़ोर दिया।
खुद जाँचें: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की प्रमुख बनने वाली पहली महिला कौन हैं, वे क्रम में कौन-सी महानिदेशक थीं, और उन्होंने पदभार कब ग्रहण किया?
श्रीमती वर्षा अशोक अगलावे; 54वीं महानिदेशक; 31 जुलाई 2026 को।
अभ्यास: इस रिलीज़ से नए महानिदेशक का क्रम, जीएसआई किस मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय है, उन्होंने जीएसआई में कब कार्यभार ग्रहण किया और ठीक पहले उनका पद क्या था, तथा भूवैज्ञानिक रिपोर्ट, ज्ञापन, महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक और अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉक के आँकड़े लिखें; नोट से जीएसआई की प्रमुख बनने वाली पहली महिला, उनका क्रम, पदभार ग्रहण की तारीख़ और वहाँ बताई गई जीएसआई के इतिहास की अवधि।
खुद को परखें
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), जिसके 55वें महानिदेशक के रूप में दिनेश वी. गणवीर ने पदभार ग्रहण किया है, किस मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय (attached office) है?
उत्तर देखें
उत्तर: खान मंत्रालय
खान मंत्रालय ने बताया कि श्री दिनेश विठ्ठलराव गणवीर ने भारत सरकार के खान मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय जीएसआई के 55वें महानिदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया है। इससे ठीक पहले वे नागपुर स्थित मध्य क्षेत्र में अपर महानिदेशक और विभागाध्यक्ष थे।