ईपीएफओ ने 74वां स्थापना दिवस मनाया; डॉ. मनसुख मांडविया ने व्हाट्सएप के माध्यम से ईपीएफओ सेवाएं शुरू कीं, पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों के ऑटोमेटिक सेटलमेंट की शुरुआत
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में अपना 74वां स्थापना दिवस मनाया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री और केंद्रीय न्यासी बोर्ड (ईपीएफ) के अध्यक्ष डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि अपनी 74 साल की यात्रा में ईपीएफओ देश के कार्यबल के लिए एक विश्वसनीय संस्था के रूप में उभरा है, और यह विश्वास 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के अंशदान से जमा हुए 32 लाख करोड़ रुपये के कोष में परिलक्षित होता है। “सेवा ही हमारा संस्कार है” कहते हुए उन्होंने अधिकारियों से ईपीएफओ के 75वें वर्ष के मद्देनज़र श्रमिक-केंद्रित नवाचारों पर ध्यान देने का आग्रह किया। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री रमेश कृष्णमूर्ति ने 1952 के स्थापना संकल्प से लेकर आज लगभग 8 करोड़ अंशदायी सदस्यों और 85 लाख पेंशनभोगियों को सेवा देने वाले राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थान तक ईपीएफओ की यात्रा का उल्लेख किया। सीआईटीईएस 2.01 के माध्यम से हुए तकनीकी बदलाव के प्रभाव को दर्शाते हुए बताया गया कि अक्टूबर 2026 में दावों के निपटारे की औसत अवधि घटकर 2.57 दिन रह गई। डॉ. मांडविया ने व्हाट्सएप के माध्यम से ईपीएफओ सेवाएं शुरू कीं, जिनसे सदस्य ईपीएफओ की सत्यापित व्हाट्सएप सेवा पर अपना पीएफ बैलेंस, पिछले पांच लेन-देन और पासबुक की जानकारी देख सकेंगे और पीएमवीबीआरवाई से संबंधित ज़रूरतों के लिए मार्गदर्शन पा सकेंगे; साथ ही पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों के ऑटोमेटिक सेटलमेंट की शुरुआत हुई: जिन सदस्यों के आधार-सत्यापित निष्क्रिय ईपीएफ खातों में 1,000 रुपये तक की राशि है, उन्हें अलग से दावा दायर नहीं करना होगा, और 5 करोड़ रुपये की राशि के लगभग एक लाख खातों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर सात प्रकाशन जारी किए गए, जिनमें ईपीएफओ स्टेट प्रोफाइल 2026 और 62 क्षेत्रीय कार्यालयों के 83 वास्तविक अध्ययनों वाला ‘शासन-विधि में करुणा’ शामिल हैं, और भविष्य निधि पुरस्कार 2026 प्रदान किए गए।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
ईपीएफओ ने 1 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अपना 73वां स्थापना दिवस मनाया था, जिसमें डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर उन्होंने कर्मचारी नामांकन योजना 2025 का शुभारंभ किया, जो 1 नवंबर 2025 से लागू हुई और जिसका उद्देश्य नियोक्ताओं को पात्र कर्मचारियों की स्वेच्छा से घोषणा और नामांकन के लिए प्रोत्साहित करना है: यदि पहले कटौती नहीं की गई है, तो नियोक्ताओं को कर्मचारी के हिस्से का अंशदान जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, और केवल 100 रुपये का नाममात्र दंड (पीनल डैमेज) लगेगा। उन्होंने उपयोगकर्ता-अनुकूल डोमेन नाम www.epfo.gov.in के साथ ईपीएफओ का नया होमपेज भी शुरू किया। श्रम एवं रोजगार सचिव ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) के क्रियान्वयन में ईपीएफओ की केंद्रीय भूमिका का उल्लेख किया, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को की थी और जिसका उद्देश्य 3.5 करोड़ नए रोजगारों को प्रोत्साहित करना है, और केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने कहा कि आगामी ईपीएफओ 3.0 प्लेटफॉर्म कार्यकुशलता और सुगमता को और बेहतर बनाएगा।
खुद जाँचें: ईपीएफओ के 73वें स्थापना दिवस पर डॉ. मांडविया ने कौन-सी योजना शुरू की, वह किस तारीख़ से लागू हुई, और उसके तहत कितना दंड लगता है?
कर्मचारी नामांकन योजना 2025; 1 नवंबर 2025 से; केवल 100 रुपये का नाममात्र दंड।
अभ्यास: इस रिलीज़ से स्थापना दिवस की संख्या, कोष और सदस्यता के आँकड़े, स्थापना वर्ष, दावों के निपटारे की औसत अवधि, शुरू की गई दो सेवाएँ, और ऑटोमेटिक सेटलमेंट की राशि-सीमा व संभावित लाभार्थी लिखें; नोट से 73वें स्थापना दिवस का स्थान, तब शुरू की गई योजना और उसकी शर्तें, तथा पीएमवीबीआरवाई का रोजगार लक्ष्य।
खुद को परखें
ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस पर शुरू किए गए पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों के ऑटोमेटिक सेटलमेंट के तहत, आधार-सत्यापित निष्क्रिय ईपीएफ खाते में अधिकतम कितनी राशि होने पर सदस्य को अलग से दावा दायर नहीं करना होगा?
उत्तर देखें
उत्तर: 1,000 रुपये
जिन सदस्यों के आधार-सत्यापित निष्क्रिय ईपीएफ खातों में 1,000 रुपये तक की राशि जमा है, उन्हें अलग से दावा दायर करने की ज़रूरत नहीं होगी; ईपीएफओ निर्धारित पहचान और बैंक खाता सत्यापन के बाद सेटलमेंट की प्रक्रिया अपने आप शुरू करेगा। इससे 5 करोड़ रुपये की राशि के लगभग एक लाख खातों को लाभ मिलने की उम्मीद है।