प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम में 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026' का उद्घाटन किया; आयोजन अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की नौवीं सभा के साथ
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026' (Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026) का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का शिखर सम्मेलन वैश्विक ऊर्जा झटकों के बीच हो रहा है और इसका दायरा बहुत व्यापक है, क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की नौवीं सभा के साथ हो रहा है और इसमें हरित हाइड्रोजन पर चौथे सम्मेलन के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। 'ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में ही निहित है' कहते हुए उन्होंने स्टार्टअप्स, आईआईटी, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों से ऐसे सौर मॉडल विकसित करने का आग्रह किया जो चौबीसों घंटे और हर मौसम में काम कर सकें और घरों की अधिकांश जरूरतें पूरी कर सकें, जैसे छत पर सौर ऊर्जा से खाना पकाना (रूफटॉप सोलर कुकिंग) और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों व कारों के लिए होम सोलर चार्जिंग। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' को मंजूरी दी है, जिसके तहत 5,000 मेगावाट की तैरने वाली (फ्लोटिंग) सौर क्षमता विकसित की जाएगी, और हाल ही में 1.86 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ 'हरित ऊर्जा गलियारा चरण-III' (Green Energy Corridor Phase-III) को मंजूरी दी है। श्री जोशी के अनुसार भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित क्षमता, जो सितंबर 2024 में 200 गीगावाट से अधिक हो गई थी, अब 310 गीगावाट तक पहुँच गई है, और 'पीएम सूर्य घर' के तहत 65 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हरित हाइड्रोजन की खरीद प्रतिबद्धताओं (ऑफटेक कमिटमेंट) के मामले में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है, और दुनिया भर के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा, 'भारत में निवेश करें। भारत में नवाचार करें। भारत के साथ आगे बढ़ें।'
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की 29 दिसंबर 2025 की वर्षांत समीक्षा के अनुसार कॉप-26 में प्रधानमंत्री द्वारा रखे गए दृष्टिकोण के अनुरूप सरकार 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुंचने के लिए काम कर रही है। भारत ने जून 2025 में अपनी कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने की उपलब्धि हासिल की, जो पेरिस समझौते के तहत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) में तय 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले है, और अगस्त 2025 में गैर-जीवाश्म स्थापित क्षमता 250 गीगावाट के पार पहुंची। समीक्षा में नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की आठवीं सभा में भारत की भागीदारी का भी उल्लेख है, जिसमें 137 देशों और 36 संगठनों ने उच्च स्तरीय भागीदारी की। समीक्षा के अनुसार फरवरी 2024 में शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगवाना है, जिसके लिए 75,021 करोड़ रुपये का परिव्यय है।
खुद जाँचें: भारत ने अपनी स्थापित विद्युत क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से किस महीने और वर्ष में हासिल किया, और यह एनडीसी के 2030 के लक्ष्य से कितना पहले था?
जून 2025 में; 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले।
अभ्यास: इस रिलीज़ से आयोजन स्थल, शिखर सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की किस सभा के साथ हुआ और किस सम्मेलन के प्रतिनिधि शामिल हुए, नवप्रवर्तकों से प्रधानमंत्री का आग्रह, तैरने वाली सौर क्षमता की योजना और उसका परिव्यय व क्षमता, मंजूर किया गया हरित ऊर्जा गलियारा चरण, और श्री जोशी द्वारा बताए गए गैर-जीवाश्म क्षमता के आंकड़े लिखें; नोट से कॉप-26 का लक्ष्य, 50 प्रतिशत की उपलब्धि का महीना, आठवीं आईएसए सभा में भागीदारी, और पीएम सूर्य घर का लक्ष्य व परिव्यय।
खुद को परखें
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026 में केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा मंजूर की गई किस योजना के तहत 5,000 मेगावाट की तैरने वाली (फ्लोटिंग) सौर क्षमता विकसित की जाएगी?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना
श्री जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 5,000 मेगावाट की तैरने वाली सौर क्षमता विकसित की जाएगी। हरित ऊर्जा गलियारा चरण-III का उल्लेख उन्होंने अलग से किया, जिसे हाल ही में 1.86 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना घरों में रूफटॉप सोलर के लिए एमएनआरई की योजना है, और पीएम-कुसुम के घटकों में सौर कृषि पंप शामिल हैं।