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DAILY · 2026-11-02

दस महीने का ट्रांसओशनिक नौकायन अभियान लोकायन 26 पूरा कर आईएनएस सुदर्शिनी कोच्चि लौटा

SSCRailwayDefenceGeneral

भारतीय नौसेना ने 2 नवंबर 2026 को आईएनएस सुदर्शिनी का औपचारिक स्वागत किया, जब यह जहाज 22,000 नॉटिकल मील से अधिक के दस महीने के ट्रांसओशनिक (अंतर-महासागरीय) नौकायन अभियान लोकायन 26 को सफलतापूर्वक पूरा करके कोच्चि लौटा; वापसी पर वॉटर कैनन से सलामी दी गई और नौसेना बैंड ने औपचारिक स्वागत किया। फ्लैग-इन समारोह की अध्यक्षता दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने की। 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से रवाना हुई इस यात्रा में एशिया, यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के 11 देशों में 17 अलग-अलग बंदरगाहों पर पड़ाव (पोर्ट कॉल) और दो बार अटलांटिक महासागर पार करना शामिल रहा। अभियान की प्रमुख झलकियों में फ्रांस में एस्केल ए सेट (Escale à Sète) समुद्री विरासत महोत्सव तथा अमेरिका में स्मरणोत्सव कार्यक्रमों के तहत सेल 250 (SAIL 250) और अंतरराष्ट्रीय नौसेना समीक्षा (International Naval Review) में जहाज की भागीदारी शामिल रही। नौसेना के अनुसार, चुनौतीपूर्ण मौसम और समुद्री परिस्थितियों के बीच 19 दिनों में 2,200 नॉटिकल मील की एक अटलांटिक पार यात्रा पूरी तरह पालों के सहारे तय की गई सबसे लंबी दूरी रही। चालक दल ने रॉयल मोरक्कन नौसेना, पुर्तगाली नौसेना, इतालवी नौसेना, मिस्र की नौसेना और स्पेनिश नौसेना के साथ पेशेवर संवाद, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और क्रॉस-ट्रेनिंग गतिविधियां कीं। नौसेना ने कहा कि यह तैनाती भारत के समुद्री विजन महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति) और वसुधैव कुटुंबकम की भावना को दर्शाती है, और इसका मुख्य उद्देश्य युवा अधिकारी प्रशिक्षुओं को पाल प्रशिक्षण (सेल ट्रेनिंग) देना रहा।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

जब दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने 20 जनवरी 2026 को कोच्चि के नौसैनिक बेस से आईएनएस सुदर्शिनी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, तब रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि दस महीने की इस तैनाती के दौरान जहाज लगभग 22,000 नॉटिकल मील की यात्रा करेगा और 13 देशों के 18 बंदरगाहों का दौरा करेगा; योजना के अनुसार जहाज को मार्च-अप्रैल 2026 में फ्रांस के एस्केल ए सेट (Escale à Sète) में पहली बार भाग लेना था और जुलाई 2026 में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय परेड ऑफ सेल्स के दौरान सेल 250 में शामिल होना था। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का 54 मीटर लंबा नौकायन प्रशिक्षण जहाज है; तीन मस्तूलों वाला यह जहाज 20 पालों से सुसज्जित है, जिनका पाल क्षेत्र 1,000 वर्ग मीटर से अधिक है। रवानगी के समय फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने भारत के 'एम्बेसडर एट लार्ज' (Ambassador at Large) के रूप में जहाज की भूमिका पर जोर दिया था।

संदर्भ: PIB (रक्षा मंत्रालय), 'भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप सुदर्शिनी लोकायन 26 के लिए रवाना', 20 जनवरी 2026

खुद जाँचें: आईएनएस सुदर्शिनी का निर्माण किस शिपयार्ड ने किया, जहाज की लंबाई कितनी है, और इसमें कितने पाल हैं?

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड; 54 मीटर; 20 पाल, जिनका पाल क्षेत्र 1,000 वर्ग मीटर से अधिक है।

अभ्यास: इस रिलीज़ से अभियान का नाम, अवधि और दूरी, वापसी का बंदरगाह और तारीख़, फ्लैग-इन समारोह की अध्यक्षता किसने की, रवानगी की तारीख़, पोर्ट कॉल और देशों की संख्या, प्रमुख झलकियां, केवल पालों के सहारे तय सबसे लंबी दूरी, जिन नौसेनाओं के साथ संवाद हुआ और तैनाती किस विजन को दर्शाती है, लिखें; नोट से नियोजित दूरी, बंदरगाह और देश, तथा आईएनएस सुदर्शिनी का निर्माता, लंबाई और पाल।

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दस महीने का ट्रांसओशनिक नौकायन अभियान लोकायन 26 पूरा करके भारतीय नौसेना का कौन-सा जहाज 2 नवंबर 2026 को कोच्चि लौटा?

  1. आईएनएस सुदर्शिनी
  2. आईएनएस तरंगिणी
  3. आईएनएसवी तारिणी
  4. आईएनएस विक्रांत
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उत्तर: आईएनएस सुदर्शिनी

आईएनएस सुदर्शिनी 2 नवंबर 2026 को लोकायन 26 पूरा करके कोच्चि लौटा; यह अभियान 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से रवाना हुआ था। इस यात्रा में 22,000 नॉटिकल मील से अधिक की दूरी, 11 देशों में 17 अलग-अलग पोर्ट कॉल और दो बार अटलांटिक पार करना शामिल रहा।

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