भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास अपहृत मछली पकड़ने वाले जहाज 'अजिनी' को सशस्त्र समुद्री लुटेरों से मुक्त कराया; चालक दल के सभी 20 सदस्य सुरक्षित
रक्षा मंत्रालय ने 3 नवंबर 2026 को बताया कि भारतीय नौसेना ने 48 घंटे से अधिक समय तक चले त्वरित और सुव्यवस्थित अभियान में सोमालिया के तट के पास मछली पकड़ने वाले जहाज अजिनी (Azini) को सशस्त्र समुद्री लुटेरों के कब्जे से मुक्त कराया; चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और कोई हताहत या घायल नहीं हुआ। अजिनी के पिछले महीने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास सशस्त्र समुद्री लुटेरों के एक समूह द्वारा अपहरण किए जाने की सूचना मिली थी; मंत्रालय के अनुसार यह अपहरण समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था, क्योंकि इस जहाज का इस्तेमाल क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर समुद्री लुटेरों के और हमलों के लिए 'मदर शिप' (मुख्य जहाज) के रूप में किया जा सकता था। नौसेना ने मिशन पर तैनात एक युद्धपोत को कार्रवाई के लिए भेजा, जिसे एक समुद्री निगरानी विमान का सहयोग मिला; लगातार निगरानी के बाद जहाज का पता लगाया गया, उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और उसकी गतिविधि को सीमित करने तथा उसे भागने से रोकने के लिए सुनियोजित गैर-घातक उपाय अपनाए गए। भारतीय वायु सेना के सी-17 विमान द्वारा सटीक एयरड्रॉप के माध्यम से मरीन कमांडो की अतिरिक्त तैनाती की गई, जिसके बाद नौसेना ने जहाज को अपने नियंत्रण में लिया, समुद्री लुटेरों के खतरे को निष्प्रभावी किया और चालक दल के सभी 20 सदस्यों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की। मंत्रालय के अनुसार यह अभियान नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता और सेनाओं के बीच निर्बाध समन्वय के माध्यम से जटिल समुद्री सुरक्षा अभियान चलाने की क्षमता को दर्शाता है, और हिंद महासागर क्षेत्र में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) और पसंदीदा सुरक्षा भागीदार बने रहने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
23 मार्च 2024 को PIB ने बताया था कि भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत अपने समुद्री सुरक्षा अभियानों के 100 दिन पूरे कर लिए हैं; समुद्री क्षेत्र में इज़राइल-हमास संघर्ष के असर को देखते हुए नौसेना ने दिसंबर 2023 के मध्य से इन अभियानों को नई दिशा दी थी और इनका दायरा काफी बढ़ाया था, और 14 दिसंबर 2023 को माल्टा के ध्वज वाले थोक मालवाहक जहाज (बल्क कैरियर) एमवी रुएन (MV Ruen) के अपहरण के दौरान सक्रिय कार्रवाई की थी। इन 100 दिनों में नौसेना ने तीन अभियान क्षेत्रों - अदन की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र, अरब सागर और सोमालिया के पूर्वी तट के पास - में 18 घटनाओं पर कार्रवाई की, जिसमें समुद्र में 5000 से अधिक कर्मी और 21 से अधिक जहाज तैनात किए गए (युद्धपोतों के 450 से अधिक कार्य दिवस) और समुद्री निगरानी विमानों ने 900 घंटे उड़ान भरी। रिलीज़ के अनुसार 110 से अधिक लोगों की जान बचाई गई, जिनमें 45 भारतीय नाविक थे, और नौसेना की भूमिका को हिंद महासागर क्षेत्र में 'प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता' (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) और 'पसंदीदा सुरक्षा भागीदार' के रूप में बताया गया; गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र - हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) सूचना के आदान-प्रदान का प्रमुख केंद्र रहा।
खुद जाँचें: 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत समुद्री सुरक्षा अभियानों के 14 दिसंबर 2023 से 23 मार्च 2024 तक के 100 दिनों में भारतीय नौसेना ने कितनी घटनाओं पर कार्रवाई की, और ये अभियान किन तीन क्षेत्रों में चलाए गए?
18 घटनाएं; अदन की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र, अरब सागर और सोमालिया के पूर्वी तट के पास।
अभ्यास: इस रिलीज़ से जहाज का नाम, उसका अपहरण कहाँ हुआ, अभियान की अवधि, बचाए गए चालक दल के सदस्यों की संख्या, इस्तेमाल किए गए प्लेटफॉर्म (युद्धपोत, समुद्री निगरानी विमान और मरीन कमांडो को एयरड्रॉप करने वाला भारतीय वायु सेना का विमान) और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बताई गई भूमिकाएं लिखें; नोट से अभियान का नाम, 14 दिसंबर 2023 को अपहृत जहाज, घटनाओं की संख्या, तीन अभियान क्षेत्र और बचाई गई जानें।
खुद को परखें
रक्षा मंत्रालय ने 3 नवंबर 2026 को बताया कि भारतीय नौसेना ने मछली पकड़ने वाले जहाज 'अजिनी' को सशस्त्र समुद्री लुटेरों से मुक्त कराया और चालक दल के सभी 20 सदस्यों को बचा लिया। इस जहाज का अपहरण किस देश के तट के पास हुआ था?
उत्तर देखें
उत्तर: सोमालिया
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अजिनी के सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास सशस्त्र समुद्री लुटेरों के एक समूह द्वारा अपहरण किए जाने की सूचना मिली थी। समुद्री निगरानी विमान के सहयोग से मिशन पर तैनात एक युद्धपोत ने जहाज का पता लगाकर उसकी गतिविधि सीमित की, भारतीय वायु सेना के सी-17 विमान से सटीक एयरड्रॉप द्वारा मरीन कमांडो की अतिरिक्त तैनाती की गई, और चालक दल के सभी 20 सदस्यों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की गई।