10 में से पाठ 2 · बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता
भारतीय रिज़र्व बैंक: स्थापना, संगठन, कार्य और अनुषंगी संस्थाएँ
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
केंद्रीय बैंक क्यों
किसी देश को एक ऐसी संस्था चाहिए जो मुद्रा जारी करे, सरकार के खाते रखे, बैंकों की आरक्षित निधि रखे, अचानक संकट में फँसे बैंक की मदद करे और मुद्रा के मूल्य की देखभाल करे। 1935 से पहले ये काम बँटे हुए थे: भारत सरकार अपने मुद्रा नियंत्रक (Controller of Currency) के माध्यम से नोट जारी करती थी, और इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया सरकार के बैंकर का काम करता था। 1926 के भारतीय मुद्रा और वित्त पर शाही आयोग, जिसे हिल्टन यंग आयोग कहा जाता है, ने एक अलग केंद्रीय बैंक की सिफारिश की, और 1934 में भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम पारित हुआ।
स्थापना और राष्ट्रीयकरण
RBI ने 1 अप्रैल 1935 को काम शुरू किया। आरंभ में यह शेयरधारकों का बैंक था, जिसकी 5 करोड़ रुपये की चुकता पूँजी निजी शेयरधारकों के पास थी। इसका केंद्रीय कार्यालय कलकत्ता में खुला और 1937 में स्थायी रूप से बंबई (अब मुंबई) चला गया। सर ओसबोर्न स्मिथ इसके पहले गवर्नर और सी.डी. देशमुख पहले भारतीय गवर्नर थे। RBI ने अप्रैल 1947 तक बर्मा और जून 1948 तक पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक का काम भी किया। स्वतंत्रता के बाद रिज़र्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण) अधिनियम 1948 के अंतर्गत 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण हुआ, और तब से यह पूरी तरह भारत सरकार के स्वामित्व में है।
संगठन
RBI का संचालन केंद्रीय निदेशक मंडल करता है, जिसे केंद्र सरकार RBI अधिनियम की धारा 8 के अंतर्गत नियुक्त करती है। आधिकारिक निदेशक गवर्नर और अधिकतम चार डिप्टी गवर्नर होते हैं। गैर-आधिकारिक निदेशकों में चार स्थानीय बोर्डों से नामित चार निदेशक, विभिन्न क्षेत्रों से सरकार द्वारा नामित दस निदेशक और दो सरकारी अधिकारी होते हैं। गवर्नर और डिप्टी गवर्नर अधिकतम पाँच वर्ष के लिए पद धारण करते हैं और पुनर्नियुक्त हो सकते हैं। स्थानीय बोर्ड पश्चिमी, पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों के लिए मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और नई दिल्ली से काम करते हैं। पर्यवेक्षण का मार्गदर्शन वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड (1994) करता है और भुगतान प्रणालियों का मार्गदर्शन भुगतान और निपटान प्रणाली विनियमन और पर्यवेक्षण बोर्ड। धारा 7 के अंतर्गत सरकार गवर्नर से परामर्श के बाद लोकहित में RBI को निर्देश दे सकती है।
मुद्रा का निर्गमन
RBI अधिनियम की धारा 22 RBI को भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार देती है। एक रुपये का नोट और सभी सिक्के भारत सरकार जारी करती है, यद्यपि उन्हें प्रचलन में RBI ही लाता है। न्यूनतम आरक्षित प्रणाली के अंतर्गत, जिसने 1956 में आनुपातिक आरक्षित प्रणाली का स्थान लिया, RBI को जारी नोटों के बदले कम से कम 200 करोड़ रुपये की आस्तियाँ रखनी होती हैं, जिनमें कम से कम 115 करोड़ रुपये का सोना हो; ये राशियाँ 1957 में तय की गईं। नोट चार मुद्रणालयों में छपते हैं: नासिक और देवास, जिन्हें सरकार का भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम चलाता है, और मैसूरु और सालबोनी, जिन्हें RBI की अनुषंगी भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण चलाती है। RBI के नोटों पर गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं, जबकि एक रुपये के नोट पर वित्त सचिव के।
सरकार और बैंकों का बैंकर
RBI कानून के अनुसार (धारा 20 और 21) केंद्र सरकार का और समझौते के आधार पर (धारा 21A) राज्य सरकारों का बैंकर है। यह उनके खाते रखता है, उनकी ओर से भुगतान करता और प्राप्त करता है, अस्थायी अर्थोपाय अग्रिम देता है और सरकारी प्रतिभूतियाँ जारी करके लोक ऋण का प्रबंधन करता है। बैंकों के बैंकर के रूप में यह उनकी नकद आरक्षित निधि रखता है, समाशोधन और निपटान चलाता है और अपनी रेपो खिड़की से उन्हें उधार देता है। जब किसी सुदृढ़ बैंक को अचानक नकदी की कमी होती है, तो वह अंतिम ऋणदाता के रूप में RBI की शरण ले सकता है, जिससे पूरी प्रणाली में घबराहट नहीं फैलती।
विनियामक, विदेशी मुद्रा प्रबंधक और निर्माता
बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 और RBI अधिनियम के अंतर्गत RBI बैंकों को लाइसेंस देता है, उनका निरीक्षण करता है, उन्हें निर्देश देता है और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का विनियमन करता है। यह विकास को ध्यान में रखते हुए कीमतों को स्थिर रखने के लिए मौद्रिक नीति बनाता है। विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (FEMA) 1999 के अंतर्गत, जिसने FERA 1973 का स्थान लिया, यह विदेशी मुद्रा का प्रबंधन करता है, देश का विदेशी मुद्रा भंडार रखता है और रुपये के तीखे उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए बाज़ार में हस्तक्षेप करता है। इसकी विकासात्मक भूमिका भी रही है: इसने निक्षेप बीमा निगम (1962), IDBI (1964), यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (1964) और NABARD (1982) की स्थापना में सहायता की।
अनुषंगी संस्थाएँ
RBI की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्थाओं में निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) शामिल है, जो 1978 में निक्षेप बीमा निगम और भारतीय प्रत्यय गारंटी निगम के विलय से बना; भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL, 1995), जो नोट छापती है; और रिज़र्व बैंक सूचना प्रौद्योगिकी प्राइवेट लिमिटेड (ReBIT, 2016), जो सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा का काम संभालती है। NABARD और राष्ट्रीय आवास बैंक कभी RBI के स्वामित्व में थे, पर उनमें उसकी हिस्सेदारी सरकार को हस्तांतरित कर दी गई है।
मुख्य तथ्य
- हिल्टन यंग आयोग (भारतीय मुद्रा और वित्त पर शाही आयोग, 1926) ने केंद्रीय बैंक की सिफारिश की; RBI अधिनियम 1934 में पारित हुआ।
- RBI ने 1 अप्रैल 1935 को 5 करोड़ रुपये की निजी चुकता पूँजी के साथ काम शुरू किया और 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण हुआ।
- RBI का केंद्रीय कार्यालय 1937 में कलकत्ता से स्थायी रूप से बंबई (मुंबई) स्थानांतरित हुआ।
- RBI के पहले गवर्नर: सर ओसबोर्न स्मिथ; पहले भारतीय गवर्नर: सी.डी. देशमुख।
- केंद्रीय निदेशक मंडल (धारा 8): गवर्नर, अधिकतम चार डिप्टी गवर्नर, स्थानीय बोर्डों से चार निदेशक, दस नामित निदेशक और दो सरकारी अधिकारी।
- RBI अधिनियम की धारा 22 RBI को बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार देती है; एक रुपये का नोट और सिक्के भारत सरकार जारी करती है और एक रुपये के नोट पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं।
- न्यूनतम आरक्षित प्रणाली (1956 में लागू, राशियाँ 1957 में तय): नोट निर्गम के पीछे कम से कम 200 करोड़ रुपये की आस्तियाँ, जिनमें 115 करोड़ रुपये का सोना हो।
- नोट मुद्रणालय: नासिक और देवास (SPMCIL, सरकारी); मैसूरु और सालबोनी (BRBNMPL, RBI की अनुषंगी)।
- RBI की अनुषंगी संस्थाएँ: DICGC (1978), BRBNMPL (1995) और ReBIT (2016)।
एक नज़र में दोहराव
हिल्टन यंग आयोग 1926; RBI अधिनियम 1934; RBI 1 अप्रैल 1935 से, 5 करोड़ रुपये निजी पूँजी; मुख्यालय 1937 में बंबई; राष्ट्रीयकरण 1 जनवरी 1949; पहले गवर्नर ओसबोर्न स्मिथ, पहले भारतीय गवर्नर सी.डी. देशमुख; धारा 8 के अंतर्गत केंद्रीय बोर्ड; एकमात्र नोट निर्गमकर्ता (धारा 22), 1 रुपये का नोट और सिक्के सरकार के; न्यूनतम आरक्षित प्रणाली 200 करोड़ रुपये, जिसमें 115 करोड़ रुपये सोना; सरकार और बैंकों का बैंकर, अंतिम ऋणदाता, विनियामक, विदेशी मुद्रा प्रबंधक (FEMA 1999); अनुषंगी DICGC, BRBNMPL, ReBIT।