10 में से पाठ 5 · बिहार सामान्य ज्ञान

बिहार का भूगोल: स्थिति, सीमाएँ और भौतिक विभाग

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स्थिति और विस्तार

बिहार पूर्वी भारत में मध्य गंगा के मैदान में 24°20'10" उत्तरी अक्षांश से 27°31'15" उत्तरी अक्षांश तथा 83°19'50" पूर्वी देशांतर से 88°17'40" पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। इसका क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी है, जो भारत के क्षेत्रफल का लगभग 2.86 प्रतिशत है। यह स्थलरुद्ध है, आकार में मोटे तौर पर आयताकार है और उत्तर-दक्षिण की तुलना में पश्चिम-पूर्व दिशा में अधिक फैला है। कर्क रेखा बिहार से होकर नहीं गुजरती; यह इसके दक्षिण में झारखंड से होकर जाती है।

पड़ोसी

बिहार की उत्तर में नेपाल से अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, तथा पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में झारखंड और पश्चिम में उत्तर प्रदेश से राज्य सीमाएँ लगती हैं। नेपाल सीमा पश्चिम में पश्चिमी चंपारण से पूर्व में किशनगंज तक फैली है और खुली है: 1950 की भारत-नेपाल शांति और मैत्री संधि के अंतर्गत लोग बिना पासपोर्ट के आर-पार जाते हैं। प्रमुख सीमा-पार स्थल बीरगंज के सामने रक्सौल और विराटनगर के सामने जोगबनी हैं। बांग्लादेश बिहार को नहीं छूता, यद्यपि किशनगंज पश्चिम बंगाल के संकरे सिलीगुड़ी गलियारे के निकट है।

तीन भौतिक विभाग

भूगोलवेत्ता बिहार को तीन व्यापक भागों में बाँटते हैं: सुदूर उत्तर-पश्चिम में शिवालिक या उप-हिमालयी पट्टी, मध्य में विशाल गंगा का मैदान, और दक्षिण में पठारी सीमांत क्षेत्र। पश्चिम से पूर्व बहती गंगा इस मैदान को उत्तर बिहार के मैदान और दक्षिण बिहार के मैदान में बाँटती है, जो मिट्टी, नदियों और बाढ़ के स्वरूप में एक-दूसरे से भिन्न हैं।

शिवालिक की तलहटी

पश्चिमी चंपारण के उत्तर में नेपाल सीमा के साथ फैली एक संकरी पहाड़ी पट्टी राज्य का एकमात्र हिमालयी भाग है। इसमें रामनगर दून और सोमेश्वर श्रेणी शामिल हैं; सोमेश्वर श्रेणी में बिहार का सबसे ऊँचा स्थान है। ये पहाड़ियाँ वाल्मीकि के वनों से ढकी हैं और यहाँ भारी वर्षा होती है। इनके दक्षिण में तराई है, ऊँची घास और दलदल की नम पट्टी, जहाँ अनेक धाराएँ कंकड़-पत्थरों के नीचे से फूटकर निकलती हैं।

उत्तर बिहार का मैदान

गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, कोसी और महानंदा जैसी हिमालयी नदियों द्वारा निर्मित यह मैदान समतल, उपजाऊ और अत्यधिक बाढ़-प्रवण है। नदियों के निकट नई जलोढ़ मिट्टी (खादर) और उनसे दूर पुरानी जलोढ़ मिट्टी (बांगर) मिलती है। यहाँ जगह-जगह चौर हैं, यानी तश्तरी जैसे गड्ढे जिनमें वर्षा के बाद पानी भरा रहता है, और मौन हैं, यानी नदियों के छोड़े हुए मोड़ या गोखुर झीलें, जिनमें बेगूसराय की कावर झील सबसे प्रसिद्ध है। कोसी ने एक विशाल जलोढ़ पंख बनाया है और पिछली दो शताब्दियों में यह पश्चिम की ओर खिसकी है। दियारा बड़ी नदियों के किनारे के द्वीप और रेतीले तट हैं।

दक्षिण बिहार का मैदान और पठारी सीमांत

उत्तरी मैदान से संकरा दक्षिण बिहार का मैदान उत्तर में गंगा की ओर ढलान वाला है और इसे सोन, पुनपुन, फल्गु और किउल नदियाँ पार करती हैं। गंगा के किनारे मोकामा और बाढ़ के बीच टाल क्षेत्र है, एक निचला बेसिन जो मानसून में डूब जाता है और जाड़े में मसूर व चना उगाता है। दक्षिणी सीमा पर विंध्य श्रेणियों और छोटानागपुर पठार की बाहरी पहाड़ियाँ उठती हैं: दक्षिण-पश्चिम में कैमूर पठार, जो विंध्य का विस्तार है और जिस पर रोहतासगढ़ का किला है; राजगीर की पहाड़ियाँ; बराबर की पहाड़ियाँ; मुंगेर की खड़गपुर पहाड़ियाँ; तथा जमुई, नवादा और बाँका की पहाड़ियाँ। राजगीर (ब्रह्मकुंड) और मुंगेर के सीताकुंड व भीमबांध के गर्म जल-स्रोत चट्टानों में गहरे भ्रंशों का संकेत देते हैं।

भूकंप और जनसंख्या

उत्तर बिहार उस क्षेत्र के निकट है जहाँ भारतीय प्लेट हिमालय के नीचे धँसती है, और नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र भारत के सबसे अधिक भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में हैं। 15 जनवरी 1934 के बिहार-नेपाल भूकंप ने मुंगेर, दरभंगा और मोतिहारी को तबाह कर दिया, और 21 अगस्त 1988 को एक और भूकंप ने उत्तर बिहार को झकझोरा। जनगणना 2011 में बिहार की जनसंख्या 10,40,99,452 दर्ज हुई, जो उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद तीसरी सबसे बड़ी है; जनसंख्या घनत्व 1,106 प्रति वर्ग किमी (राज्यों में सर्वाधिक), लिंगानुपात 918 और साक्षरता दर 61.8 प्रतिशत (राज्यों में सबसे कम) रही।

मुख्य तथ्य

  • अक्षांश 24°20'10" उत्तर से 27°31'15" उत्तर; देशांतर 83°19'50" पूर्व से 88°17'40" पूर्व।
  • क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी, भारत का लगभग 2.86 प्रतिशत; स्थलरुद्ध, और उत्तर-दक्षिण की तुलना में पश्चिम-पूर्व दिशा में अधिक फैला।
  • पड़ोसी: नेपाल (उत्तर), पश्चिम बंगाल (पूर्व), झारखंड (दक्षिण), उत्तर प्रदेश (पश्चिम); कर्क रेखा बिहार से नहीं गुजरती।
  • नेपाल से लगे सीमा-पार स्थल: रक्सौल के सामने बीरगंज और जोगबनी के सामने विराटनगर; 1950 की भारत-नेपाल संधि के तहत सीमा खुली है।
  • तीन भौतिक विभाग: शिवालिक की तलहटी (पश्चिमी चंपारण का उत्तरी भाग), गंगा का मैदान (नदी के उत्तर और दक्षिण) और दक्षिणी पठारी सीमांत (कैमूर, राजगीर, खड़गपुर पहाड़ियाँ)।
  • सबसे ऊँचा स्थान: नेपाल सीमा पर पश्चिमी चंपारण की सोमेश्वर श्रेणी; रामनगर दून भी इसी शिवालिक पट्टी में है।
  • चौर: तश्तरीनुमा गड्ढा; मौन: गोखुर झील; दियारा: नदी के द्वीप और रेतीले तट; टाल: मोकामा और बाढ़ के बीच का निचला बेसिन जो मानसून में डूबता है।
  • कैमूर पठार: बिहार के दक्षिण-पश्चिम में विंध्य का विस्तार, जिस पर रोहतासगढ़ का किला है।
  • गर्म जल-स्रोत: राजगीर का ब्रह्मकुंड; मुंगेर के सीताकुंड और भीमबांध।
  • जनगणना 2011: जनसंख्या 10,40,99,452 (तीसरा स्थान), घनत्व 1,106 प्रति वर्ग किमी (राज्यों में सर्वाधिक), लिंगानुपात 918, साक्षरता 61.8 प्रतिशत (राज्यों में सबसे कम)।

एक नज़र में दोहराव

24°20'10" उ.-27°31'15" उ., 83°19'50" पू.-88°17'40" पू.; क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी (2.86 प्रतिशत); उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में झारखंड, पश्चिम में उत्तर प्रदेश; कर्क रेखा नहीं गुजरती; रक्सौल-बीरगंज, जोगबनी-विराटनगर; शिवालिक पट्टी में सोमेश्वर (सर्वोच्च स्थान) और रामनगर दून; उत्तर बिहार मैदान: चौर, मौन, कोसी का पंख, दियारा; दक्षिणी मैदान: मोकामा-बाढ़ टाल; कैमूर पठार; गर्म जल-स्रोत राजगीर, सीताकुंड; भूकंप 15 जनवरी 1934; जनगणना 2011 घनत्व 1,106, साक्षरता 61.8।

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