10 में से पाठ 9 · कंप्यूटर ज्ञान
कंप्यूटर नेटवर्क, OSI मॉडल, इंटरनेट प्रोटोकॉल और ईमेल
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
नेटवर्क और उनके आकार
कंप्यूटर नेटवर्क दो या अधिक कंप्यूटरों का ऐसा जुड़ाव है जिससे डेटा, प्रिंटर और इंटरनेट कनेक्शन साझा किए जा सकें। PAN (पर्सनल एरिया नेटवर्क) एक व्यक्ति के आसपास कुछ मीटर तक फैला होता है, जैसे फ़ोन का ब्लूटूथ से ईयरफ़ोन से जुड़ना। LAN (लोकल एरिया नेटवर्क) एक कमरे, भवन या परिसर तक फैला होता है, तेज़ और निजी स्वामित्व वाला होता है, और ईथरनेट केबल (IEEE 802.3 मानक) या वाई-फ़ाई (IEEE 802.11) का उपयोग करता है। MAN (मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क) एक शहर तक फैला होता है, जैसे केबल टीवी नेटवर्क। WAN (वाइड एरिया नेटवर्क) लीज़्ड लाइनों और उपग्रहों के माध्यम से देशों और महाद्वीपों तक फैला होता है; इंटरनेट सबसे बड़ा WAN है। इंट्रानेट किसी संगठन के भीतर इंटरनेट तकनीक से बना निजी नेटवर्क है, और एक्स्ट्रानेट उसका एक भाग बाहरी साझेदारों के लिए खोलता है।
टोपोलॉजी और माध्यम
टोपोलॉजी नेटवर्क की बनावट (लेआउट) है। बस टोपोलॉजी में सभी कंप्यूटर एक ही बैकबोन केबल साझा करते हैं, इसलिए उसके टूटने पर पूरा नेटवर्क रुक जाता है। स्टार टोपोलॉजी में हर कंप्यूटर एक केंद्रीय हब या स्विच से जुड़ता है; यह LAN की सबसे सामान्य बनावट है और इसका विस्तार आसान है, पर केंद्र के विफल होने पर सब रुक जाता है। रिंग में हर कंप्यूटर दो पड़ोसियों से जुड़ता है और डेटा एक ही दिशा में घूमता है। मेश में हर युक्ति हर दूसरी युक्ति से जुड़ती है, जो सबसे विश्वसनीय और सबसे महँगी है; n युक्तियों के पूर्ण मेश के लिए n(n-1)/2 कड़ियाँ चाहिए। डेटा ट्विस्टेड-पेयर केबल (ईथरनेट के लिए RJ-45 कनेक्टर), कोएक्सियल केबल (केबल टीवी), ऑप्टिकल फ़ाइबर (प्रकाश स्पंदन, सबसे तेज़ और व्यतिकरण से सबसे कम प्रभावित) या बेतार (वायरलेस) कड़ियों से चलता है। संचरण सिम्प्लेक्स (एक ही दिशा में, जैसे रेडियो प्रसारण), हाफ़-डुप्लेक्स (दोनों दिशाओं में बारी-बारी से, जैसे वॉकी-टॉकी) या फ़ुल-डुप्लेक्स (दोनों दिशाओं में एक साथ, जैसे टेलीफ़ोन वार्ता) होता है।
नेटवर्क युक्तियाँ
NIC (नेटवर्क इंटरफ़ेस कार्ड) कंप्यूटर को नेटवर्क से जोड़ता है और उसमें उसका MAC पता होता है। रिपीटर कमज़ोर संकेत को फिर से सशक्त बनाता है। हब आने वाले डेटा को अपने सभी पोर्टों पर भेजता है, जबकि स्विच MAC पतों का उपयोग करके उसे केवल गंतव्य कंप्यूटर के पोर्ट पर भेजता है। ब्रिज दो LAN खंडों को जोड़ता है। राउटर अलग-अलग नेटवर्कों को जोड़ता है और IP पतों का उपयोग करके पैकेटों को सर्वोत्तम मार्ग से आगे भेजता है। मॉडेम (मॉड्यूलेटर-डीमॉड्यूलेटर) टेलीफ़ोन लाइनों के लिए डिजिटल संकेतों को एनालॉग में और फिर वापस बदलता है। गेटवे अलग-अलग प्रोटोकॉल वाले नेटवर्कों को जोड़ता है और प्रोटोकॉल परिवर्तक का काम करता है।
OSI मॉडल
अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO) द्वारा 1984 में प्रकाशित OSI (ओपन सिस्टम्स इंटरकनेक्शन) संदर्भ मॉडल नेटवर्क संचार को सात परतों (लेयर) में बाँटता है। नीचे से ये हैं 1 फ़िज़िकल (बिट, केबल, हब, रिपीटर), 2 डेटा लिंक (फ़्रेम, MAC पते, स्विच, ब्रिज), 3 नेटवर्क (पैकेट, IP पते, रूटिंग, राउटर), 4 ट्रांसपोर्ट (एंड-टू-एंड डिलीवरी और त्रुटि नियंत्रण, TCP और UDP), 5 सेशन (सत्र खोलना, प्रबंधित करना और बंद करना), 6 प्रेज़ेंटेशन (अनुवाद, एन्क्रिप्शन, संपीडन) और 7 एप्लिकेशन (HTTP, FTP, SMTP और DNS जैसी उपयोगकर्ता सेवाएँ)। स्वयं इंटरनेट सरल चार-परतीय TCP/IP मॉडल पर चलता है।
प्रोटोकॉल और पते
प्रोटोकॉल संचार के नियमों का समूह है। TCP (ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल) डेटा को विश्वसनीय रूप से और क्रम में पहुँचाता है, UDP उस गारंटी के बिना तेज़ी से भेजता है, और IP (इंटरनेट प्रोटोकॉल) पैकेटों को पता देता और उनका मार्ग तय करता है; TCP/IP की रचना विंट सर्फ़ और बॉब कान ने की, और ARPANET ने 1 जनवरी 1983 को इसे अपनाया। HTTP (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफ़र प्रोटोकॉल, पोर्ट 80) वेब पेज लाता है, और HTTPS (पोर्ट 443) उन्हें SSL/TLS से एन्क्रिप्ट करके लाता है। FTP (पोर्ट 21) फ़ाइलें स्थानांतरित करता है। SMTP (पोर्ट 25) ईमेल भेजता है, POP3 (पोर्ट 110) मेल को एक युक्ति पर डाउनलोड करता है और प्रायः सर्वर से हटा देता है, और IMAP (पोर्ट 143) मेल को सर्वर पर रखता है और हर युक्ति को समकालिक (सिंक) रखता है। IPv4 पता 32 बिट का होता है, जो 0 से 255 तक की चार संख्याओं में लिखा जाता है, जैसे 192.168.1.1, और IPv6 पता 128 बिट का होता है, जो हेक्साडेसिमल में लिखा जाता है। MAC पता नेटवर्क कार्ड में स्थायी 48-बिट भौतिक पता है। DNS (डोमेन नेम सिस्टम, पोर्ट 53) डोमेन नामों को IP पतों में बदलता है।
वेब, ब्राउज़र और सर्च
वर्ल्ड वाइड वेब, जिसका प्रस्ताव टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में CERN में रखा, HTML में लिखे आपस में जुड़े पृष्ठों की प्रणाली है। URL (यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर), जैसे https://www.example.com/index.html, में एक प्रोटोकॉल, एक डोमेन नाम और एक पाथ होता है; डोमेन .com, .org, .edu, .gov और देश-कोड .in जैसे प्रत्ययों पर समाप्त होते हैं। Chrome, Firefox, Edge या Safari जैसा वेब ब्राउज़र पृष्ठों को प्रदर्शित करता है; Mosaic (1993) पहला लोकप्रिय ग्राफ़िकल ब्राउज़र था। सर्च इंजन पृष्ठों को अनुक्रमित (इंडेक्स) करता है ताकि उन्हें खोजा जा सके; FTP फ़ाइलों को अनुक्रमित करने वाले Archie (1990) को पहला इंटरनेट सर्च इंजन माना जाता है, और Google की स्थापना 1998 में हुई।
ईमेल और इंटरनेट का इतिहास
रे टॉमलिंसन ने 1971 में पहला नेटवर्क ईमेल भेजा और @ चिह्न चुना, इसलिए पते user@domain के रूप में होते हैं। To फ़ील्ड में मुख्य प्राप्तकर्ता होते हैं, CC (कार्बन कॉपी) ऐसी प्रतियाँ भेजता है जिन्हें हर प्राप्तकर्ता देख सकता है, और BCC (ब्लाइंड कार्बन कॉपी) ऐसी प्रतियाँ भेजता है जिनके प्राप्तकर्ता दूसरों से छिपे रहते हैं। इंटरनेट का विकास ARPANET से हुआ, जिसे अमेरिकी रक्षा विभाग की एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी ने बनाया; इसका पहला संदेश 29 अक्टूबर 1969 को UCLA से स्टैनफ़ोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा गया। भारत में ERNET ने 1986 से शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को जोड़ा, और VSNL ने 15 अगस्त 1995 को सार्वजनिक इंटरनेट सेवा शुरू की।
मुख्य तथ्य
- PAN (ब्लूटूथ, कुछ मीटर), LAN (भवन, ईथरनेट, वाई-फ़ाई), MAN (शहर), WAN (देश); इंटरनेट सबसे बड़ा WAN है।
- स्टार टोपोलॉजी में केंद्रीय हब या स्विच होता है; बस में एक बैकबोन केबल; रिंग में डेटा एक दिशा में चलता है; मेश सबसे विश्वसनीय है और उसमें n(n-1)/2 कड़ियाँ चाहिए।
- हब सभी पोर्टों पर भेजता है; स्विच MAC पतों से एक पोर्ट पर भेजता है; राउटर IP पतों से अलग नेटवर्कों को जोड़ता है; गेटवे अलग प्रोटोकॉल वाले नेटवर्कों को जोड़ता है।
- OSI परतें नीचे से ऊपर: फ़िज़िकल, डेटा लिंक, नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट, सेशन, प्रेज़ेंटेशन, एप्लिकेशन (याद रखने का वाक्य: Please Do Not Throw Sausage Pizza Away)।
- राउटर नेटवर्क परत पर, स्विच और ब्रिज डेटा लिंक परत पर, और हब तथा रिपीटर फ़िज़िकल परत पर काम करते हैं।
- पोर्ट: HTTP 80, HTTPS 443, FTP 21, SMTP 25, POP3 110, IMAP 143, DNS 53।
- SMTP मेल भेजता है; POP3 उसे एक युक्ति पर डाउनलोड करता है; IMAP उसे सर्वर पर रखकर सभी युक्तियों में सिंक करता है।
- IPv4: 32 बिट, 0 से 255 तक की चार संख्याएँ (192.168.1.1); IPv6: हेक्साडेसिमल में 128 बिट; MAC पता: 48 बिट, नेटवर्क कार्ड में स्थायी।
- CC प्राप्तकर्ता सभी को दिखते हैं; BCC प्राप्तकर्ता अन्य सभी प्राप्तकर्ताओं से छिपे रहते हैं।
- ARPANET का पहला संदेश: 29 अक्टूबर 1969, UCLA से स्टैनफ़ोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट; रे टॉमलिंसन का ईमेल और @ चिह्न: 1971; भारत में VSNL की सार्वजनिक इंटरनेट सेवा: 15 अगस्त 1995।
एक नज़र में दोहराव
PAN, LAN (ईथरनेट 802.3, वाई-फ़ाई 802.11), MAN, WAN; बस, स्टार, रिंग, मेश (n(n-1)/2 कड़ियाँ); हब, स्विच (MAC), राउटर (IP), मॉडेम, गेटवे; OSI (ISO, 1984) की 7 परतें: फ़िज़िकल, डेटा लिंक, नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट, सेशन, प्रेज़ेंटेशन, एप्लिकेशन; TCP/IP (सर्फ़, कान); HTTP 80, HTTPS 443, SMTP 25, POP3 110, IMAP 143; IPv4 32-बिट, IPv6 128-बिट, MAC 48-बिट; DNS; ARPANET 1969; ईमेल 1971; VSNL 1995; CC दिखता है, BCC छिपा रहता है।