12 में से पाठ 9 · सामान्य विज्ञान (भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान)
धातु, अधातु और दैनिक जीवन का रसायन
AI की सहायता से तैयार किया गया और 28 अक्टूबर 2026 को तथ्यों की जाँच की गई; किसी मानव संपादक ने इसे अभी पंक्ति-दर-पंक्ति नहीं पढ़ा है। कोई गलती दिखे तो हमें बताइए। संपादकीय मानक और सुधार
धातु और अधातु
धातुएँ चमकीली, आघातवर्धनीय (malleable), तन्य (ductile), ध्वानिक (sonorous) और ऊष्मा तथा विद्युत की अच्छी चालक होती हैं; सोना सबसे अधिक तन्य है (1 ग्राम सोने से लगभग 2 किमी लंबा तार खींचा जा सकता है) और चाँदी के साथ सबसे अधिक आघातवर्धनीय भी। विद्युत की सबसे अच्छी चालक चाँदी है, फिर ताँबा। सोडियम और पोटैशियम इतने नरम हैं कि चाकू से काटे जा सकते हैं, पारा कमरे के ताप पर द्रव है, और गैलियम तथा सीज़ियम हथेली पर रखने से पिघल जाते हैं। अधातुएँ प्रायः भंगुर, चमकहीन और कुचालक होती हैं, पर आयोडीन चमकीला है, ग्रेफाइट विद्युत का चालक है और हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है; ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु है। धातुओं के ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं, कुछ (ऐलुमिनियम और जिंक के ऑक्साइड) उभयधर्मी (amphoteric); अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय या उदासीन होते हैं।
सक्रियता और निष्कर्षण
सक्रियता श्रेणी K, Na, Ca, Mg, Al, Zn, Fe, Pb, (H), Cu, Hg, Ag, Au में हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित करती हैं। सोडियम और पोटैशियम जल से तीव्र अभिक्रिया करते हैं, इसलिए मिट्टी के तेल में रखे जाते हैं; श्वेत फॉस्फोरस, जो वायु में आग पकड़ लेता है, जल में रखा जाता है। अयस्क वे खनिज हैं जिनसे धातु लाभप्रद ढंग से निकाली जा सके: बॉक्साइट (ऐलुमिनियम), हेमेटाइट और मैग्नेटाइट (लोहा), सिनेबार (पारा), गैलेना (सीसा), जिंक ब्लेंड (जस्ता)। सल्फाइड अयस्कों का अधिक वायु में भर्जन (roasting) और कार्बोनेट अयस्कों का सीमित वायु में निस्तापन (calcination) किया जाता है। सबसे अधिक क्रियाशील धातुएँ (K, Na, Ca, Mg, Al) उनके गलित यौगिकों के विद्युत अपघटन से, तथा जस्ता और लोहा कार्बन द्वारा अपचयन से निकाले जाते हैं, और ताँबे का परिष्करण विद्युत अपघटन से होता है। ऐलुमिनियम और आयरन ऑक्साइड की थर्मिट अभिक्रिया पिघला हुआ लोहा देती है, जिससे रेल की पटरियाँ वेल्ड की जाती हैं।
मिश्रधातुएँ
मिश्रधातु किसी धातु का अन्य धातुओं या किसी अधातु के साथ समांगी मिश्रण है; यह प्रायः शुद्ध धातु से अधिक कठोर और संक्षारण-रोधी होती है, तथा इसकी चालकता और गलनांक कम होते हैं। शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है और बहुत नरम होता है, इसलिए आभूषणों में ताँबा या चाँदी मिला 22 कैरेट सोना प्रयुक्त होता है। स्टेनलेस स्टील लोहे में क्रोमियम और निकेल मिलाकर बनता है; पीतल ताँबा और जस्ता है; काँसा ताँबा और टिन; जर्मन सिल्वर ताँबा, जस्ता और निकेल (इसमें चाँदी नहीं होती); सोल्डर सीसा और टिन (कम गलनांक, तार जोड़ने के लिए); ड्यूरालुमिन ऐलुमिनियम के साथ ताँबा, मैग्नीशियम और मैंगनीज (विमान); नाइक्रोम निकेल और क्रोमियम। पारे की किसी भी मिश्रधातु को अमलगम (संरस) कहते हैं।
कार्बन और उसके अपररूप
कार्बन की संयोजकता 4 है और यह स्वयं से जुड़कर शृंखलाएँ, शाखाएँ और वलय बनाता है (शृंखलन, catenation), जिससे लाखों कार्बन यौगिक बनते हैं। हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य परमाणुओं से एक दृढ़ त्रिविमीय जाल में जुड़ा होता है, इसलिए यह सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और विद्युत का चालन नहीं करता; यह आभूषणों में और काँच काटने में प्रयुक्त होता है। ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन तीन अन्य परमाणुओं से षट्कोणीय परतों में जुड़ा होता है जो एक-दूसरे पर फिसलती हैं, इसलिए यह नरम, चिकना और चालक है; यह स्नेहक, इलेक्ट्रोड और पेंसिल की 'लेड' के रूप में प्रयुक्त होता है, जिसमें सीसा बिल्कुल नहीं होता। फुलरीन C-60, फुटबॉल के आकार का अणु जिसकी खोज 1985 में हुई, वास्तुकार बकमिंस्टर फुलर के नाम पर है।
हाइड्रोकार्बन
ऐल्केन में केवल एकल बंध होते हैं (CnH2n+2: मेथेन, एथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन) और ये संतृप्त हैं; ऐल्कीन में एक द्विबंध होता है (CnH2n, जैसे एथीन) और ऐल्काइन में एक त्रिबंध (CnH2n-2, जैसे एथाइन या ऐसीटिलीन, जो वेल्डिंग में प्रयुक्त होती है)। संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ नीली ज्वाला से और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कालिख वाली ज्वाला से जलते हैं। मेथेन मार्श गैस है और प्राकृतिक गैस, CNG तथा बायोगैस का मुख्य घटक है; LPG मुख्यतः ब्यूटेन और प्रोपेन है, जिसमें एथिल मरकैप्टन मिलाया जाता है ताकि रिसाव की गंध आ सके। एथेनॉइक (ऐसीटिक) अम्ल का 5 से 8 प्रतिशत विलयन सिरका है। निकेल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण से वनस्पति घी बनता है।
साबुन, अपमार्जक और प्लास्टिक
साबुन लंबी शृंखला वाले वसीय अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं, जो तेलों या वसा को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करके बनाए जाते हैं (साबुनीकरण, saponification)। साबुन के अणु का एक सिरा जलरागी आयनिक शीर्ष और दूसरा तेलरागी पूँछ होता है; पूँछें चिकनाई को मिसेल नामक गुच्छों में फँसा लेती हैं, जिन्हें पानी बहा ले जाता है। कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम लवण साबुन के साथ मैल (स्कम) बनाते हैं, पर अपमार्जक तब भी झाग देते हैं, यद्यपि कई अपमार्जक जैव-निम्नीकरणीय नहीं होते। रबर को गंधक के साथ गर्म करके कठोर बनाया जाता है (वल्कनीकरण, vulcanisation); रेयॉन लकड़ी की लुगदी से बना कृत्रिम रेशम है और नायलॉन पूर्णतः संश्लिष्ट रेशा। पॉलिथीन और PVC जैसे थर्मोप्लास्टिक गर्म करने पर नरम होते हैं और दोबारा ढाले जा सकते हैं; बैकेलाइट (स्विच, बर्तनों के हत्थे) और मेलामाइन जैसे थर्मोसेटिंग प्लास्टिक नहीं।
ईंधन और ऊष्मीय मान
किसी ईंधन के 1 किग्रा के पूर्ण दहन से निकली ऊष्मा उसका ऊष्मीय मान (calorific value) है, जो kJ/kg में मापा जाता है। NCERT के अनुसार: गोबर के उपले 6000 से 8000, लकड़ी 17000 से 22000, कोयला 25000 से 33000, बायोगैस 35000 से 40000, पेट्रोल, डीजल और मिट्टी का तेल 45000, CNG 50000, LPG 55000 और हाइड्रोजन 150000, जो सबसे अधिक है; इसीलिए द्रव हाइड्रोजन रॉकेट ईंधन के रूप में प्रयुक्त होती है। दहन के लिए ईंधन, ऑक्सीजन और ज्वलन ताप (ignition temperature) तक गर्म करना आवश्यक है; पेट्रोल और LPG आसानी से आग पकड़ लेते हैं क्योंकि उनका ज्वलन ताप कम है। अपूर्ण दहन से विषैली कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। मोमबत्ती की ज्वाला का सबसे बाहरी, अदीप्त क्षेत्र सबसे गर्म होता है।
दैनिक जीवन के रासायनिक नाम
कास्टिक सोडा सोडियम हाइड्रॉक्साइड है और कास्टिक पोटाश पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड; चूना पत्थर, खड़िया और संगमरमर, तीनों कैल्शियम कार्बोनेट हैं। नीला थोथा (ब्लू विट्रियल) कॉपर सल्फेट है, हरा कसीस (ग्रीन विट्रियल) फेरस सल्फेट और एप्सम लवण मैग्नीशियम सल्फेट; नौसादर अमोनियम क्लोराइड है; म्यूरिएटिक अम्ल हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है और ऑयल ऑफ विट्रियल सल्फ्यूरिक अम्ल; हँसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड है; पोटाश ऐलम (फिटकरी) जल शुद्ध करती है; और सिल्वर नाइट्रेट से चुनाव में प्रयुक्त अमिट स्याही बनती है।
मुख्य तथ्य
- 1 ग्राम सोने से लगभग 2 किमी लंबा तार खींचा जा सकता है; विद्युत की सबसे अच्छी चालक चाँदी, फिर ताँबा; पारा एकमात्र द्रव धातु और ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु है।
- सोडियम और पोटैशियम मिट्टी के तेल में, श्वेत फॉस्फोरस जल में रखे जाते हैं; सोना और प्लैटिनम प्रकृति में मुक्त अवस्था में मिलते हैं।
- अयस्क: बॉक्साइट - ऐलुमिनियम; हेमेटाइट, मैग्नेटाइट - लोहा; सिनेबार - पारा; गैलेना - सीसा; जिंक ब्लेंड, कैलामाइन - जस्ता।
- भर्जन: सल्फाइड अयस्क को अधिक वायु में गर्म करना; निस्तापन: कार्बोनेट अयस्क को सीमित वायु में गर्म करना; थर्मिट (ऐलुमिनियम + आयरन ऑक्साइड) से रेल पटरियाँ वेल्ड की जाती हैं।
- आभूषणों का सोना 22 कैरेट (शुद्ध 24 कैरेट सोना बहुत नरम); सोल्डर = Pb + Sn; ड्यूरालुमिन = Al + Cu + Mg + Mn; गन मेटल = Cu + Sn + Zn; अमलगम = पारे की कोई भी मिश्रधातु।
- हीरा: प्रत्येक कार्बन 4 अन्य से जुड़ा, सबसे कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट: 3 से जुड़ा, परतों में, चालक, स्नेहक, पेंसिल की 'लेड'; फुलरीन C-60 की खोज 1985 में।
- ऐल्केन CnH2n+2, ऐल्कीन CnH2n, ऐल्काइन CnH2n-2; सिरका 5-8% ऐसीटिक अम्ल है; रिसाव की गंध के लिए LPG में एथिल मरकैप्टन मिलाया जाता है।
- कठोर जल में साबुन मैल बनाता है, अपमार्जक नहीं; बैकेलाइट और मेलामाइन थर्मोसेटिंग, पॉलिथीन और PVC थर्मोप्लास्टिक; टेफ्लॉन नॉन-स्टिक बर्तनों पर लेपित होता है।
- ऊष्मीय मान (kJ/kg): गोबर के उपले 6000-8000, लकड़ी 17000-22000, कोयला 25000-33000, पेट्रोल 45000, CNG 50000, LPG 55000, हाइड्रोजन 150000 (सर्वाधिक)।
- नाम: नीला थोथा CuSO4.5H2O, हरा कसीस FeSO4.7H2O, एप्सम लवण MgSO4.7H2O, नौसादर NH4Cl, म्यूरिएटिक अम्ल HCl, ऑयल ऑफ विट्रियल H2SO4, लूनर कास्टिक AgNO3।
एक नज़र में दोहराव
सोना सबसे तन्य; चाँदी सर्वश्रेष्ठ चालक; पारा द्रव धातु, ब्रोमीन द्रव अधातु; Na और K मिट्टी के तेल में; सक्रियता K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au; बॉक्साइट Al, हेमेटाइट Fe, सिनेबार Hg, गैलेना Pb; थर्मिट से पटरियों की वेल्डिंग; आभूषण 22 कैरेट; सोल्डर Pb + Sn; हीरे में 4 बंध, ग्रेफाइट में 3 बंध और चालक; C-60 की खोज 1985; ऐल्केन CnH2n+2; सिरका 5-8% ऐसीटिक अम्ल; कठोर जल में साबुन विफल; बैकेलाइट थर्मोसेटिंग; हाइड्रोजन का ऊष्मीय मान सर्वाधिक, 150000 kJ/kg।