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अपठित गद्यांश प्रश्न उत्तर (हिंदी गद्यांश MCQ)

UP पुलिस, SSC GD (हिंदी), बिहार पुलिस, राजस्थान पटवारी और HSSC CET की तैयारी के लिए हिंदी गद्यांश (रिक्त स्थान और बोध) पर उत्तर सहित 80 अभ्यास प्रश्न; ज़्यादातर के साथ व्याख्या या पूरा हल भी है। उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न खुद हल करें।

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  1. Q.1

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    अच्छी पुस्तकें मनुष्य की सबसे विश्वसनीय साथी होती हैं। वे न केवल हमें नई जानकारी देती हैं, (____) हमारी कल्पना को भी पंख लगा देती हैं। किसी यात्रा-वर्णन को पढ़ते हुए हम घर बैठे पहाड़ों, नदियों और दूर के नगरों की सैर कर लेते हैं। किसी कहानी के पात्र के दुख में हमारी आँखें भर आती हैं और उसकी सफलता पर हमारा मन भी खिल उठता है। इस प्रकार पढ़ना हमें दूसरों की भावनाएँ समझना भी सिखाता है। पुराने समय में पुस्तकें बहुत कम थीं और हाथ से लिखी जाती थीं, इसलिए लोग उन्हें बड़े जतन से सँभालकर रखते थे। आज छपाई की सुविधा के कारण पुस्तकें सरलता से मिल जाती हैं, पर उन्हें मन लगाकर पढ़ने वाले पाठक कम होते जा रहे हैं।

    गद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा योजक शब्द आएगा?

    1. A क्योंकि
    2. B इसलिए
    3. C बल्कि
    4. D यदि
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) बल्कि

    ‘न केवल...’ के साथ जोड़ी ‘बल्कि...भी’ आती है और वाक्य में आगे ‘कल्पना को भी’ है, इसलिए ‘बल्कि’ उचित है। ‘क्योंकि’ और ‘इसलिए’ कारण-परिणाम बताते हैं और ‘यदि’ शर्त; यहाँ इनमें से कोई भाव नहीं है।

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  2. Q.2

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सर्दियों की शुरुआत में हमारे जिले में नदी के ‘तीर’ पर एक बड़ा मेला लगता है। दूर-दूर से लोग बैलगाड़ियों, ट्रैक्टरों और बसों में भरकर यहाँ पहुँचते हैं। रेत पर सैकड़ों दुकानें सज जाती हैं, जहाँ मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के खिलौने, चूड़ियाँ और मिठाइयाँ बिकती हैं। एक ओर झूले और नट का खेल होता है, तो दूसरी ओर धनुष-बाण की प्रतियोगिता, जिसमें युवा धनुष से तीर चलाकर निशाना साधते हैं। शाम को नदी पर बने पुल से देखने पर पूरा मेला रोशनी से जगमगाता दिखाई देता है। लोग कहते हैं कि यह मेला केवल खरीदारी का नहीं, बल्कि मेल-मिलाप का अवसर है, जहाँ बरसों बाद बिछड़े परिचित भी मिल जाते हैं।

    गद्यांश के पहले वाक्य में उद्धरण-चिह्नों में दिए शब्द ‘तीर’ के स्थान पर कौन-सा शब्द रखने से अर्थ नहीं बदलेगा?

    1. A बाण
    2. B धारा
    3. C पुल
    4. D तट
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) तट

    ‘नदी के ‘तीर’ पर ... मेला’ और ‘रेत पर सैकड़ों दुकानें’ से स्पष्ट है कि यहाँ तीर का अर्थ नदी का तट (किनारा) है। ‘धनुष से तीर चलाकर’ वाला बाण का अर्थ उस वाक्य में नहीं बैठता।

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  3. Q.3

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे मोहल्ले का सार्वजनिक उद्यान सबके लिए खुला है। सुबह वहाँ बुजुर्ग टहलते हैं, दोपहर में माताएँ छोटे बच्चों को झूला झुलाने लाती हैं और शाम को बच्चे घास पर दौड़ते हैं। ऐसे स्थान पर हर व्यक्ति का अधिकार है, पर अधिकार के साथ कुछ कर्तव्य भी जुड़े होते हैं। कुछ लोग फूल तोड़ लेते हैं, झूलों पर आवश्यकता से अधिक बल लगाकर उन्हें तोड़ देते हैं या खाने के बाद पत्तल और थैलियाँ वहीं छोड़ जाते हैं। इससे उद्यान की सुंदरता नष्ट होती है और दूसरों का आनंद भी कम हो जाता है। यदि हर आने वाला यह सोचे कि इस उद्यान को अगले व्यक्ति के लिए वैसा ही छोड़ना है जैसा उसे मिला था, तो यह स्थान सदा हरा-भरा और सुंदर बना रहेगा।

    गद्यांश में आए ‘सार्वजनिक’ शब्द का प्रसंग के अनुसार अर्थ क्या है?

    1. A किसी एक परिवार का निजी
    2. B केवल बच्चों के लिए बना
    3. C सरकार द्वारा बेचा जाने वाला
    4. D सब लोगों के उपयोग के लिए
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) सब लोगों के उपयोग के लिए

    गद्यांश के पहले वाक्य में ही कहा गया है कि उद्यान ‘सबके लिए खुला है’ और आगे कहा गया है कि वहाँ ‘हर व्यक्ति का अधिकार है’; अतः ‘सार्वजनिक’ का अर्थ है सब लोगों के उपयोग के लिए।

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  4. Q.4

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    मेरे दादाजी अस्सी वर्ष के हो चुके हैं, फिर भी खेती से उनका लगाव कम नहीं हुआ है। वे हर सुबह सूरज निकलने से पहले लाठी लेकर खेतों की ओर टहलने (____) हैं। रास्ते में मिलने वाले हर व्यक्ति से वे रुककर बात करते हैं और फसलों का हाल पूछते हैं। मेड़ पर खड़े होकर वे दूर तक फैली हरियाली को देर तक निहारते हैं। मिट्टी को हाथ में लेकर ही वे बता देते हैं कि उसमें नमी कितनी है और बुवाई कब करनी चाहिए। गाँव के युवा किसान भी कई बार उनसे सलाह लेने आते हैं। दादाजी कहते हैं कि धरती माँ के समान है; जो उसकी सेवा करता है, उसे वह कभी भूखा नहीं रहने देती।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए उचित क्रिया-रूप कौन-सा है?

    1. A जाता
    2. B जाते
    3. C जाती
    4. D जातीं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) जाते

    आदर के लिए ‘दादाजी’ के साथ सर्वनाम ‘वे’ और बहुवचन क्रिया आती है, जैसे आगे ‘बात करते हैं’, ‘पूछते हैं’ में है; इसलिए ‘टहलने जाते हैं’ सही है। ‘जाता’ एकवचन है तथा ‘जाती’ और ‘जातीं’ स्त्रीलिंग रूप हैं।

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  5. Q.5

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे गाँव के बीचोंबीच एक पुराना कुआँ है, जिसके चारों ओर पत्थर का पक्का चबूतरा बना है। पहले पूरे गाँव की स्त्रियाँ सुबह-शाम यहीं से पानी भरने आती थीं और आपस में सुख-दुख की बातें करती थीं। अब घरों में नल लग गए हैं, फिर भी कुएँ का महत्त्व कम नहीं हुआ। जेठ की तपती दोपहर में भी उसका पानी (____) रहता है। खेतों से लौटते थके हुए किसान और राहगीर चबूतरे पर बैठकर दो घूँट पानी पीते हैं और राहत पाते हैं। गाँव के बड़े-बूढ़े हर वर्ष वर्षा से पहले मिलकर कुएँ की मरम्मत और देखभाल करवाते हैं, ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बची रहे।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए उचित शब्द कौन-सा है?

    1. A ठंडा
    2. B ठंडी
    3. C ठंडे
    4. D खौलता
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) ठंडा

    ‘पानी’ पुल्लिंग एकवचन है, इसलिए विशेषण ‘ठंडा’ होगा। ‘तपती दोपहर में भी’ और ‘पानी पीते हैं और राहत पाते हैं’ भी ठंडे पानी का संकेत देते हैं; ‘खौलता’ उलटा भाव है।

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  6. Q.6

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    शहरों के बढ़ने के साथ पक्षियों के रहने की जगह सिमटती जा रही है। पहले घरों में खुले आँगन, छज्जे और रोशनदान होते थे, जहाँ चिड़ियाँ आसानी से घोंसले बना लेती थीं। आज के बंद और चिकनी दीवारों वाले मकानों में उनके लिए कोई कोना नहीं बचा। बड़े पेड़ों की जगह ऊँची इमारतें खड़ी हो गई हैं और बागों की जगह पक्के फर्श बिछ गए हैं। फिर भी हम थोड़े-से प्रयास से पक्षियों को अपने आस-पास फिर बुला सकते हैं। बालकनी में लकड़ी का छोटा घोंसला-घर टाँगना, गमलों में देसी पौधे लगाना और छत पर थोड़ा दाना बिखेर देना ऐसे ही सरल उपाय हैं। जब सुबह खिड़की के बाहर चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई देती है, तो शहर का जीवन भी कुछ कम नीरस लगता है।

    इस गद्यांश के लिए सबसे उचित शीर्षक कौन-सा है?

    1. A ऊँची इमारतों वाला शहर
    2. B बालकनी में पौधे लगाने की कला
    3. C शहरों में पक्षियों के लिए ठिकाना
    4. D पक्षियों का जीवन और उनका भोजन
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) शहरों में पक्षियों के लिए ठिकाना

    गद्यांश शहरों में पक्षियों के घटते ठिकानों और उन्हें फिर ‘अपने आस-पास’ बुलाने के उपायों की बात करता है; इसलिए ‘शहरों में पक्षियों के लिए ठिकाना’ सबसे उपयुक्त शीर्षक है।

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  7. Q.7

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    जेठ की तपती दोपहरी में जब धरती तवे-सी जलने लगती है और पेड़-पौधे मुरझा जाते हैं, तब सबकी आँखें आकाश की ओर लगी रहती हैं। फिर एक दिन अचानक ठंडी हवा चलने लगती है और देखते-ही-देखते आकाश में काले घन उमड़ आते हैं। बिजली चमकती है, बादल गरजते हैं और पहली बूँदें सूखी मिट्टी पर पड़ते ही चारों ओर सोंधी सुगंध फैल जाती है। सूखे नाले फिर से बहने लगते हैं, तालाब भरने लगते हैं और मुरझाए पौधों में नई जान आ जाती है। पक्षी पंख फैलाकर भीगने का आनंद लेते हैं। वर्षा ऋतु धरती की प्यास ही नहीं बुझाती, वह पूरे वातावरण को धो-पोंछकर नया कर देती है।

    ‘आकाश में काले घन उमड़ आते हैं’ वाक्य में ‘घन’ शब्द का प्रसंग के अनुसार अर्थ क्या है?

    1. A वर्षा वाले बादल
    2. B लोहे के हथौड़े
    3. C धुएँ के गुबार
    4. D पक्षियों के झुंड
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) वर्षा वाले बादल

    ‘घन’ के कई अर्थ होते हैं, जैसे बादल, हथौड़ा और ठोस; यहाँ अगले वाक्य में ‘बादल गरजते हैं’ और ‘पहली बूँदें’ का उल्लेख है, इसलिए प्रसंग के अनुसार ‘घन’ का अर्थ बादल है।

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  8. Q.8

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    क्रोध एक ऐसी आग है जो सबसे पहले उसी को जलाती है जिसके भीतर वह जलती है। क्रोध के क्षण में मनुष्य की सोचने-समझने की शक्ति कम हो जाती है और वह ऐसे शब्द बोल देता है या ऐसा काम कर बैठता है जिस पर उसे बाद में पछताना पड़ता है। बिखरी वस्तुएँ तो फिर से समेटी जा सकती हैं, पर कड़वे शब्दों से टूटे संबंध आसानी से नहीं जुड़ते। इसका अर्थ यह नहीं कि मनुष्य को कभी बुरा ही न लगे; किसी अन्याय पर दुख या नाराजगी होना स्वाभाविक है। अंतर इस बात में है कि हम उस भाव को कैसे व्यक्त करते हैं। धैर्यवान व्यक्ति क्रोध आने पर कुछ क्षण रुकता है, गहरी साँस लेता है और शांत होकर अपनी बात रखता है। ऐसी बात का प्रभाव भी अधिक होता है।

    गद्यांश के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष सबसे उचित है?

    1. A किसी भी बात पर बुरा मानना मनुष्य की कमजोरी है।
    2. B क्रोध आने पर तुरंत अपनी बात कह देना ही सच्चाई है।
    3. C नाराजगी स्वाभाविक है, पर उसे शांत होकर व्यक्त करना चाहिए।
    4. D धैर्यवान व्यक्ति किसी अन्याय पर अपनी बात नहीं रखता।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) नाराजगी स्वाभाविक है, पर उसे शांत होकर व्यक्त करना चाहिए।

    गद्यांश कहता है कि ‘दुख या नाराजगी होना स्वाभाविक है’ और धैर्यवान व्यक्ति ‘शांत होकर अपनी बात रखता है’; इसलिए तीसरा निष्कर्ष उचित है, जबकि पहला और अंतिम विकल्प गद्यांश के विरुद्ध हैं।

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  9. Q.9

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    क्रिकेट, फुटबॉल या हॉकी जैसे टोली वाले खेलों में केवल एक अच्छा खिलाड़ी होने से जीत नहीं मिलती। ऐसे खेलों में जितना महत्त्व खिलाड़ियों की व्यक्तिगत कुशलता का है, (____) ही महत्त्व आपसी तालमेल का भी है। यदि गेंद पाने वाला खिलाड़ी अपने साथी को सही समय पर गेंद न दे, तो अच्छा अवसर हाथ से निकल जाता है। इसलिए अभ्यास के समय प्रशिक्षक खिलाड़ियों को साथ मिलकर खेलने, एक-दूसरे को पुकारने और मैदान पर अपनी जगह पहचानने की सीख बार-बार देते हैं। जो टोली एक-दूसरे पर भरोसा करती है और हर खिलाड़ी को उसकी भूमिका समझाती है, वह कम प्रसिद्ध खिलाड़ियों के साथ भी बड़ी-बड़ी टोलियों को हरा देती है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध शब्द कौन-सा है?

    1. A उतना
    2. B उतनी
    3. C जितना
    4. D इतने
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) उतना

    ‘जितना ... उतना’ जोड़ी में आते हैं और ‘महत्त्व’ पुल्लिंग एकवचन है, इसलिए ‘उतना ही महत्त्व’ सही है। ‘उतनी’ स्त्रीलिंग रूप है और दोबारा ‘जितना’ लगाने से वाक्य अधूरा रह जाता है।

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  10. Q.10

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    धैर्य का अर्थ हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहना नहीं है। धैर्यवान व्यक्ति पूरी लगन से अपना काम करता है, पर उसके परिणाम के लिए उतावला नहीं होता। माली पौधे को प्रतिदिन पानी देता है, उसकी देखभाल करता है, फिर भी वह जानता है कि पौधा अपने समय पर ही बढ़ेगा। यदि वह जल्दी के चक्कर में बार-बार पौधे को उखाड़कर उसकी जड़ें देखने लगे, तो पौधा सूख जाएगा। जीवन के बड़े लक्ष्यों के साथ भी ऐसा ही होता है। कई बार हम कुछ दिनों की मेहनत के बाद ही हार मान लेते हैं और कहते हैं कि कुछ नहीं हो रहा। सच यह है कि धैर्य से किए गए प्रयत्न का फल भले ही देर से मिले, पर मिलता अवश्य है।

    गद्यांश के अंतिम वाक्य में ‘फल’ शब्द का प्रसंग के अनुसार अर्थ क्या है?

    1. A पौधे पर लगने वाला खाद्य पदार्थ
    2. B किसी कार्य का परिणाम
    3. C किसी कार्य का आरंभ
    4. D किसी कार्य का कारण
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) किसी कार्य का परिणाम

    अंतिम वाक्य में ‘प्रयत्न का फल’ कहा गया है, अर्थात प्रयत्न से मिलने वाला परिणाम; माली का उदाहरण केवल समझाने के लिए है, यहाँ पेड़ पर लगने वाले फल की बात नहीं है।

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  11. Q.11

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    प्राचीन काल में शिक्षा का स्वरूप आज से बहुत भिन्न था। उस समय विद्यार्थी अपना घर छोड़कर वर्षों तक गुरु के आश्रम में रहते थे और वहीं शिक्षा (____) करते थे। वे पढ़ाई के साथ-साथ आश्रम के छोटे-बड़े काम भी स्वयं करते थे, जैसे लकड़ी लाना, पानी भरना और पशुओं की देखभाल करना। इससे उनमें परिश्रम, अनुशासन और आत्मनिर्भरता के गुण अपने-आप आ जाते थे। गुरु भी प्रत्येक शिष्य की रुचि और क्षमता को पहचानकर उसे आगे बढ़ाते थे। आज विद्यालयों, पुस्तकों और नई तकनीक के कारण पढ़ाई के साधन बहुत बढ़ गए हैं, पर यह बात आज भी उतनी ही सच है कि सच्ची शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, वह जीवन जीने का ढंग भी सिखाती है।

    रिक्त स्थान के लिए अर्थ और व्याकरण की दृष्टि से उचित शब्द कौन-सा है?

    1. A प्रदान
    2. B ग्रहण
    3. C त्याग
    4. D वितरित
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) ग्रहण

    ‘विद्यार्थी ... वहीं शिक्षा ___ करते थे’ में शिक्षा लेने का भाव है, इसलिए ‘ग्रहण’ सही है। ‘प्रदान’ (देना) का काम गुरु करते थे, ‘वितरित’ (बाँटना) भी देने का भाव है और ‘त्याग’ (छोड़ना) उलटा भाव देता है।

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  12. Q.12

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    कबड्डी हमारे देश का एक पुराना और लोकप्रिय खेल है, जो गाँवों की मिट्टी से जुड़ा है। इसे खेलने के लिए किसी महँगे सामान की (____) नहीं होती; बस एक समतल मैदान, कुछ रेखाएँ और दो टोलियाँ चाहिए। एक खिलाड़ी साँस रोककर लगातार ‘कबड्डी-कबड्डी’ बोलते हुए विरोधी पाले में जाता है और किसी को छूकर अपने पाले में लौटने की कोशिश करता है। विरोधी टोली के खिलाड़ी मिलकर उसे पकड़ने का प्रयास करते हैं। इस खेल में शरीर की फुर्ती, साँस पर नियंत्रण और साथियों के बीच तालमेल, तीनों की परीक्षा होती है। यही कारण है कि गाँव के मेलों से लेकर बड़े खेल-आयोजनों तक कबड्डी दर्शकों में भरपूर उत्साह जगाती है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए व्याकरण और अर्थ की दृष्टि से उचित शब्द कौन-सा है?

    1. A आवश्यकता
    2. B आवश्यक
    3. C उपलब्धि
    4. D अनिवार्य
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) आवश्यकता

    ‘सामान की ___ नहीं होती’ में ‘की’ के बाद स्त्रीलिंग संज्ञा चाहिए और आगे ‘बस एक समतल मैदान ... चाहिए’ बताता है कि महँगा सामान नहीं चाहिए, इसलिए ‘आवश्यकता’ सही है। ‘आवश्यक’ और ‘अनिवार्य’ विशेषण हैं तथा ‘उपलब्धि’ (कुछ पा लेना) का अर्थ यहाँ नहीं बैठता।

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  13. Q.13

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    दया दिखाने के लिए किसी बड़े अवसर या बहुत धन की आवश्यकता नहीं होती। बस में किसी बुजुर्ग को अपनी सीट दे देना, रास्ता भटके व्यक्ति को सही दिशा बता देना, किसी उदास साथी से दो मीठे बोल बोल लेना या पड़ोसी के बीमार होने पर उसका हाल पूछ आना, ये सब छोटे-छोटे काम दया के ही रूप हैं। ऐसे कामों में हमारा कुछ नहीं जाता, पर सामने वाले को लगता है कि वह अकेला नहीं है। दया की एक और विशेषता यह है कि वह आगे बढ़ती है। जिसे आज किसी से सहायता मिली है, वह कल किसी और की सहायता करने को प्रेरित होता है। इस तरह छोटे-छोटे दयालु काम मिलकर पूरे समाज को अधिक कोमल और सुखी बना देते हैं।

    इस गद्यांश का केंद्रीय भाव क्या है?

    1. A छोटे-छोटे दयालु काम भी समाज को सुखी बनाते हैं।
    2. B बस में बुजुर्गों को सीट देना ही सबसे बड़ी दया है।
    3. C दया केवल धनी लोग ही दिखा सकते हैं, निर्धन नहीं।
    4. D बीमार पड़ोसी का हाल पूछना केवल परिवार का काम है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) छोटे-छोटे दयालु काम भी समाज को सुखी बनाते हैं।

    गद्यांश अनेक छोटे उदाहरण देकर अंत में कहता है कि ‘छोटे-छोटे दयालु काम मिलकर पूरे समाज को अधिक कोमल और सुखी बना देते हैं’; यही केंद्रीय भाव है।

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  14. Q.14

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    भोजन का लाभ केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि हम क्या खाते हैं, बल्कि इस पर भी कि हम कैसे खाते हैं। जल्दी-जल्दी निगला गया भोजन ठीक से चबाया नहीं जाता, जिससे पेट को उसे पचाने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। धीरे-धीरे चबाकर खाने से भोजन में लार अच्छी तरह मिल जाती है और पाचन मुँह से ही शुरू हो जाता है। ऐसे में हमें यह भी समय रहते पता चल जाता है कि पेट भर गया है, इसलिए हम आवश्यकता से अधिक नहीं खाते। भोजन करते समय मन शांत होना चाहिए; क्रोध, चिंता या हड़बड़ी में किया गया भोजन भी भारी लगता है। भोजन के तुरंत बाद लेट जाने की आदत भी पाचन के लिए अच्छी नहीं मानी जाती। उसके स्थान पर थोड़ा टहल लेना अधिक लाभदायक है।

    गद्यांश के आधार पर कौन-सा कथन सही नहीं है?

    1. A धीरे-धीरे चबाकर खाने से पाचन मुँह से ही शुरू हो जाता है।
    2. B धीरे खाने वाले को समय रहते पेट भरने का पता चल जाता है।
    3. C भोजन के बाद तुरंत लेटने के बजाय थोड़ा टहलना अच्छा है।
    4. D भोजन का लाभ केवल इस पर निर्भर है कि हम क्या खाते हैं।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) भोजन का लाभ केवल इस पर निर्भर है कि हम क्या खाते हैं।

    पहला वाक्य ही कहता है कि भोजन का लाभ ‘केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि हम क्या खाते हैं, बल्कि इस पर भी कि हम कैसे खाते हैं’; इसलिए अंतिम कथन गद्यांश के विरुद्ध है।

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  15. Q.15

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    पुराने समय में खेती का अधिकतर काम बैलों के सहारे होता था। किसान भोर होते ही बैलों की जोड़ी लेकर खेत में हल (____) जाते थे। हल की नोक मिट्टी को चीरती हुई आगे बढ़ती और पीछे-पीछे भुरभुरी मिट्टी की सीधी रेखाएँ बनती जातीं। दोपहर तक काम करके किसान पेड़ की छाँव में रोटी खाते, छाछ पीते और बैलों को भी पानी पिलाकर आराम देते। आज बहुत-से गाँवों में यह काम ट्रैक्टर से होने लगा है, जो कुछ ही घंटों में पूरा खेत जोत देता है। फिर भी छोटे खेतों वाले कई किसान आज भी बैलों से ही जुताई करते हैं, क्योंकि उनके लिए यह सस्ता और सुविधाजनक है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए सबसे उपयुक्त शब्द कौन-सा है?

    1. A चलाने
    2. B चलाना
    3. C बोने
    4. D काटने
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) चलाने

    ‘हल चलाना’ स्वाभाविक शब्द-जोड़ा है और ‘जाते थे’ से पहले क्रिया का तिर्यक रूप आता है (जैसे ‘पढ़ने जाते थे’), इसलिए ‘हल चलाने जाते थे’ सही है। बीज बोए जाते हैं और फसल काटी जाती है, हल नहीं।

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  16. Q.16

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    जेठ के महीने में गाँव का दिन बहुत जल्दी शुरू हो जाता है। किसान भोर में ही खेतों पर पहुँच जाते हैं, ताकि धूप तेज होने से पहले अधिकतर काम निपट जाए। सुबह की हवा में ठंडक रहती है, इसलिए काम फुर्ती से होता है। पर ज्यों-ज्यों सूरज ऊपर चढ़ता जाता है, (____) धरती तपती जाती है और काम करने वालों की चाल भी धीमी पड़ती जाती है। दोपहर होते-होते सब लोग पेड़ों की छाँव में या घरों के भीतर चले जाते हैं। पशु भी तालाब के किनारे या नीम के नीचे बैठे रहते हैं। शाम को जब धूप ढलती है, तब खेतों में फिर से हलचल शुरू होती है और देर तक काम चलता रहता है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा शब्द आएगा?

    1. A तब-तब
    2. B वहाँ-वहाँ
    3. C कभी-कभी
    4. D त्यों-त्यों
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) त्यों-त्यों

    ‘ज्यों-ज्यों’ की जोड़ी ‘त्यों-त्यों’ है, जो बताती है कि एक बात बढ़ने के साथ दूसरी भी बढ़ती है (सूरज चढ़ने के साथ धरती का तपना)। ‘तब-तब’ की जोड़ी ‘जब-जब’ से और ‘वहाँ-वहाँ’ की ‘जहाँ-जहाँ’ से बनती है, तथा ‘कभी-कभी’ से यह अर्थ नहीं बनता।

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  17. Q.17

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    वार्षिक परीक्षा का परिणाम आने वाला था। मीना ने पूरे वर्ष मन लगाकर पढ़ाई की थी, फिर भी उसका दिल धड़क रहा था। विद्यालय के सूचना-पट्ट पर जब परिणाम की सूची लगी, तो पता चला कि उसे गणित में पूरे अंक मिले हैं और वह अपनी कक्षा में प्रथम आई है। प्रधानाचार्य ने उसकी पीठ थपथपाई और कहा कि लगन से की गई पढ़ाई कभी व्यर्थ नहीं जाती। मीना दौड़ती हुई घर पहुँची। उसने परिणाम-पत्र माँ के हाथ में रख दिया। माँ की आँखें छलक आईं और उन्होंने बेटी को ‘अंक’ में भर लिया। शाम को पड़ोस के बच्चे बधाई देने आए, तो मीना ने उन्हें बताया कि वह प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करती थी और परीक्षा से ठीक पहले रटने पर निर्भर नहीं रहती थी।

    गद्यांश में उद्धरण-चिह्नों में दिए शब्द ‘अंक’ के स्थान पर कौन-सा शब्द रखने से वाक्य का अर्थ नहीं बदलेगा?

    1. A संख्या
    2. B भाग
    3. C गोद
    4. D प्राप्तांक
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) गोद

    ‘बेटी को ‘अंक’ में भर लिया’ में माँ प्रसन्न होकर बेटी को गले लगा रही हैं, इसलिए यहाँ अंक का अर्थ गोद है। ‘पूरे अंक मिले’ वाला प्राप्तांक का अर्थ इस वाक्य में नहीं बैठता।

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  18. Q.18

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    त्योहारों और शुभ अवसरों पर हमारे देश के अनेक भागों में घर के आँगन और द्वार पर रंगोली बनाने की परंपरा है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे अलग नामों से जाना जाता है, पर भाव एक ही है: घर को सुंदर बनाना और अतिथियों का स्वागत करना। सुबह-सुबह घर की महिलाएँ और लड़कियाँ चावल के आटे, सूखे रंगों और फूलों की पंखुड़ियों से आँगन में सुंदर आकृतियाँ (____) हैं। इनमें फूल-पत्तियाँ, मोर, दीये और ज्यामितीय आकार प्रमुख होते हैं। बिंदुओं को जोड़कर बनाई गई आकृतियों में गणित जैसी सटीकता दिखाई देती है। यह कला किसी विद्यालय में नहीं, बल्कि दादी-नानी और माँ को देखकर सीखी जाती है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए उचित क्रिया-रूप कौन-सा है?

    1. A बनाती
    2. B बनाते
    3. C बनती
    4. D बनाता
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) बनाती

    कर्ता ‘महिलाएँ और लड़कियाँ’ स्त्रीलिंग बहुवचन हैं और वे आकृतियाँ बनाने का काम करती हैं, इसलिए सकर्मक रूप ‘बनाती हैं’ सही है। ‘बनती’ अकर्मक है और ‘बनाते’ पुल्लिंग रूप है।

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  19. Q.19

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    जिला स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता के अंतिम दिन अखाड़े के चारों ओर दर्शकों की भारी भीड़ थी। मंच पर विजेताओं के लिए गेंदे के फूलों के हार और चमचमाते पदक सजाकर रखे गए थे। हमारे गाँव का पहलवान मोहन अंतिम कुश्ती तक पहुँचा, पर कड़े संघर्ष के बाद अपने प्रतिद्वंद्वी से कुछ ही अंकों से पीछे रह गया। उस दिन की ‘हार’ से वह कुछ देर उदास रहा, पर उसके गुरु ने उसे समझाया कि अखाड़े में गिरना शर्म की बात नहीं, गिरकर न उठना शर्म की बात है। अगले ही दिन से मोहन फिर से भोर में दौड़ने और दंड-बैठक लगाने लगा। अगले वर्ष उसी मंच पर उसके गले में भी फूलों की माला पड़ी।

    गद्यांश में उद्धरण-चिह्नों में दिए शब्द ‘हार’ के स्थान पर कौन-सा शब्द रखने से अर्थ नहीं बदलेगा?

    1. A पराजय
    2. B माला
    3. C जीत
    4. D थकान
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) पराजय

    मोहन ‘अपने प्रतिद्वंद्वी से ... पीछे रह गया’, इसलिए ‘उस दिन की ‘हार’’ का अर्थ पराजय है। ‘फूलों के हार’ वाला माला का अर्थ यहाँ नहीं बैठता और ‘जीत’ इसका विलोम है।

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  20. Q.20

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    रेलगाड़ी यात्रा का एक बहुत लोकप्रिय साधन है। यह यात्रियों को (____) दूरी तक कम खर्च में और आराम से पहुँचाती है। रात की गाड़ी में लोग अपनी बर्थ पर सोते हुए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी कर लेते हैं। खिड़की से बाहर झाँकें तो कभी हरे-भरे खेत दिखते हैं, कभी नदियों पर बने पुल और कभी पहाड़ों के बीच बनी सुरंगें। स्टेशन पर चाय बेचने वालों की पुकार, कुलियों की भाग-दौड़ और गाड़ी की सीटी मिलकर एक अलग ही संसार रचते हैं। मालगाड़ियाँ अनाज, कोयला और दूसरा सामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाती हैं। इस प्रकार रेलगाड़ी केवल लोगों को ही नहीं, देश के अलग-अलग भागों को भी आपस में जोड़ती है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए व्याकरण की दृष्टि से उचित शब्द कौन-सा है?

    1. A लंबा
    2. B लंबे
    3. C लंबाई
    4. D लंबी
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) लंबी

    ‘दूरी’ स्त्रीलिंग संज्ञा है, इसलिए उसका विशेषण ‘लंबी’ होगा। ‘लंबा’ और ‘लंबे’ पुल्लिंग रूप हैं और ‘लंबाई’ संज्ञा है, विशेषण नहीं।

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  21. Q.21

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हम अपने घर को तो सुबह-शाम झाड़-पोंछकर चमकाते हैं, पर घर का कचरा उठाकर गली के कोने में फेंक देते हैं। धीरे-धीरे वही कोना गंदगी का ढेर बन जाता है, जहाँ मक्खियाँ और मच्छर पनपते हैं और आस-पास दुर्गंध फैलती है। फिर यही मच्छर हमारे साफ-सुथरे घरों में घुसकर बीमारियाँ फैलाते हैं। इससे स्पष्ट है कि घर की सफाई तब तक अधूरी है, जब तक हमारा मोहल्ला गंदा है। यदि हर परिवार कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय कूड़ेदान या कचरा-गाड़ी में डाले और गीला तथा सूखा कचरा अलग रखे, तो मोहल्ले की तस्वीर बदल सकती है। स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या सफाई-कर्मचारी का काम नहीं; यह पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है।

    इस गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक कौन-सा है?

    1. A स्वच्छ मोहल्ला: सबकी जिम्मेदारी
    2. B मच्छरों से फैलने वाले रोग
    3. C घर को चमकाने के आसान उपाय
    4. D गीले और सूखे कचरे का अंतर
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) स्वच्छ मोहल्ला: सबकी जिम्मेदारी

    गद्यांश बताता है कि घर की सफाई ‘तब तक अधूरी है, जब तक हमारा मोहल्ला गंदा है’ और स्वच्छता ‘पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी’ है; अतः पहला शीर्षक पूरे गद्यांश को समेटता है।

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  22. Q.22

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    समय जानने की इच्छा मनुष्य में बहुत पुरानी है। प्राचीन काल में लोग सूरज की परछाईं देखकर दिन का पहर बताते थे। कहीं रेत-घड़ी का प्रयोग होता था, जिसमें ऊपर के खाने से नीचे के खाने में रेत गिरने से समय का अनुमान लगाया जाता था, तो कहीं पानी से भरे पात्र में छेद करके समय नापा जाता था। धीरे-धीरे यांत्रिक घड़ियाँ बनीं, जो पहले बहुत महँगी थीं और केवल बड़े भवनों में लगती थीं। आज घड़ी लगभग हर घर में (____) है; दीवार पर टँगी घड़ी के अतिरिक्त मोबाइल में भी समय दिखता है। समय का ठीक ज्ञान होने से रेलगाड़ियाँ, विद्यालय और कार्यालय नियम से चल पाते हैं।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए सबसे उपयुक्त शब्द कौन-सा है?

    1. A उपलब्धि
    2. B उपलब्ध
    3. C दुर्लभ
    4. D उपलब्धता
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) उपलब्ध

    ‘हर घर में ___ है’ में विशेषण चाहिए और आगे ‘मोबाइल में भी समय दिखता है’ बताता है कि घड़ी अब सबके पास है, इसलिए ‘उपलब्ध’ सही है। ‘उपलब्धि’ और ‘उपलब्धता’ संज्ञाएँ हैं तथा ‘दुर्लभ’ उलटा भाव है।

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  23. Q.23

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    रमेश और सुरेश एक ही कक्षा में पढ़ते थे। सुरेश बुद्धिमान था; कोई भी पाठ एक बार सुनकर समझ लेता था, पर अभ्यास से जी चुराता था और गृहकार्य को कल पर टालता रहता था। रमेश को नई बात समझने में कुछ अधिक समय लगता था, पर वह बड़ा परिश्रमी था। वह प्रतिदिन नियम से पढ़ता, जो समझ में न आता उसे शिक्षक से विनम्र होकर पूछ लेता और कठिन प्रश्नों को बार-बार हल करता। स्वभाव से वह शांत था और दूसरों की सफलता से जलता नहीं था। वर्ष के अंत में जब परिणाम आया, तो रमेश ने सुरेश से अधिक अंक पाए। शिक्षक ने कक्षा को समझाया कि प्रतिभा बीज के समान है; उसे नियमित परिश्रम का जल न मिले, तो वह फल नहीं देती।

    गद्यांश में आया कौन-सा शब्द ‘आलसी’ का विलोम है?

    1. A परिश्रमी
    2. B बुद्धिमान
    3. C विनम्र
    4. D शांत
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) परिश्रमी

    आलसी वह है जो काम से जी चुराए; गद्यांश में रमेश को ‘बड़ा परिश्रमी’ कहा गया है, जो ‘प्रतिदिन नियम से पढ़ता’ था। ‘बुद्धिमान’ तो सुरेश को कहा गया है, जो अभ्यास से जी चुराता था।

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  24. Q.24

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    बचपन में हमारे मोहल्ले का डाकिया सबका जाना-पहचाना चेहरा था। वर्दी पहने और कंधे पर चमड़े का थैला लटकाए वह हर दिन दोपहर से पहले साइकिल पर आता था और घर-घर जाकर चिट्ठियाँ (____) था। जिस घर के सामने उसकी साइकिल की घंटी बजती, वहाँ के लोग उत्सुकता से द्वार पर आ जाते। कोई परदेस गए बेटे की चिट्ठी की प्रतीक्षा में होता, तो कोई नौकरी के बुलावे की। जो लोग पढ़ नहीं पाते थे, उन्हें वह चिट्ठी पढ़कर भी सुना देता था। आज संदेश मोबाइल पर पल भर में पहुँच जाते हैं, पर डाकघर अब भी पार्सल, पत्रिकाएँ और सरकारी पत्र पहुँचाने का काम पूरी लगन से करता है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए अर्थ और व्याकरण की दृष्टि से उचित शब्द कौन-सा है?

    1. A बाँटती
    2. B बटोरता
    3. C बँटता
    4. D बाँटता
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) बाँटता

    कर्ता ‘डाकिया’ पुल्लिंग एकवचन है और वह चिट्ठियाँ घर-घर पहुँचाता था, इसलिए सकर्मक ‘बाँटता’ सही है। ‘बाँटती’ स्त्रीलिंग है, ‘बटोरता’ का अर्थ इकट्ठा करना है और ‘बँटता’ अकर्मक है।

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  25. Q.25

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने का एक अवसर है। बच्चा जब चलना सीखता है तो कितनी ही बार गिरता है, पर वह गिरने के डर से चलना नहीं छोड़ता। बड़े होकर हम यही सरल बात भूल जाते हैं। एक बार किसी काम में असफल होते ही हम मान लेते हैं कि यह काम हमारे बस का नहीं। सच यह है कि हर असफलता हमें बताती है कि हमारी तैयारी में कहाँ कमी रह गई। जो व्यक्ति उस कमी को पहचानकर उसे दूर करता है और फिर से प्रयास करता है, वह पहले से बेहतर तैयारी के साथ लौटता है। निराश होकर बैठ जाने से न तो कमी दूर होती है और न ही लक्ष्य पास आता है। इसलिए गिरकर उठना और भूल से सीखकर आगे बढ़ना ही सफलता का वास्तविक मार्ग है।

    गद्यांश का केंद्रीय विचार क्या है?

    1. A बच्चे बड़ों की तुलना में अधिक साहसी होते हैं।
    2. B असफलता से सीखकर फिर प्रयास करना ही सफलता का मार्ग है।
    3. C एक बार असफल होने पर वह काम छोड़ देना चाहिए।
    4. D असफलता से बचने के लिए नया काम आरंभ नहीं करना चाहिए।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) असफलता से सीखकर फिर प्रयास करना ही सफलता का मार्ग है।

    गद्यांश का पहला वाक्य असफलता को ‘सीखने का एक अवसर’ कहता है और अंतिम वाक्य ‘भूल से सीखकर आगे बढ़ना ही सफलता का वास्तविक मार्ग है’; बच्चे का उदाहरण केवल इसी बात को समझाने के लिए है।

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  26. Q.26

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    शीत ऋतु में दिन छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं। सुबह-सुबह घना कोहरा छाया रहता है और घास की नोकों पर ओस की बूँदें मोतियों-सी चमकती हैं। जो धूप गर्मियों में सबको सताती थी, वही इन दिनों सबसे प्यारी लगने लगती है; लोग छतों और आँगनों में बैठकर उसका आनंद लेते हैं। इस मौसम में भूख भी खुलकर लगती है और हरी सब्जियाँ तथा मौसमी फल भरपूर मिलते हैं। पर कड़ाके की ठंड गरीबों, बेघर लोगों और खुले में रहने वाले पशुओं के लिए कठिन परीक्षा बन जाती है। ऐसे में पुराने गर्म कपड़े और कंबल जरूरतमंदों तक पहुँचाना इस ऋतु का सबसे सुंदर उपयोग हो सकता है। सर्दी का आनंद तभी पूरा है, जब हमारे आस-पास कोई ठिठुरता न रहे।

    गद्यांश के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

    1. A एक ही वस्तु अलग-अलग ऋतुओं में अलग अनुभव दे सकती है।
    2. B शीत ऋतु सभी लोगों के लिए समान रूप से सुखद होती है।
    3. C सर्दियों में लोगों को सामान्य से कम भूख लगती है।
    4. D कोहरे के कारण सर्दियों में धूप बिल्कुल नहीं निकलती।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) एक ही वस्तु अलग-अलग ऋतुओं में अलग अनुभव दे सकती है।

    गद्यांश कहता है, ‘जो धूप गर्मियों में सबको सताती थी, वही इन दिनों सबसे प्यारी लगने लगती है’; इससे निष्कर्ष निकलता है कि एक ही वस्तु अलग ऋतु में अलग अनुभव देती है। ठंड को गरीबों के लिए ‘कठिन परीक्षा’ कहा गया है, इसलिए दूसरा विकल्प गलत है।

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  27. Q.27

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे गाँव के विद्यालय में एक छोटा-सा पुस्तकालय है। उसकी अलमारियों में कहानियों, कविताओं, विज्ञान और इतिहास की सैकड़ों पुस्तकें सजी रहती हैं। छुट्टी के दिन भी कई बच्चे वहाँ आकर चुपचाप पढ़ते हैं। पुस्तकालय की देखभाल करने वाले शिक्षक बच्चों को समझाते हैं कि जो विद्यार्थी नियमित रूप से पढ़ता है, उसकी भाषा सुधरती है, शब्द-भंडार बढ़ता है और सोचने-समझने की शक्ति धीरे-धीरे (____) होती है। इसी उद्देश्य से विद्यालय ने यह नियम बनाया है कि हर विद्यार्थी सप्ताह में कम से कम एक पुस्तक घर ले जाकर पढ़े और लौटाते समय उसके बारे में चार-पाँच पंक्तियाँ लिखे। शुरू में कुछ बच्चों को यह काम बोझ लगा, पर अब उनमें पढ़ने की ऐसी रुचि जाग गई है कि वे स्वयं नई पुस्तकों की माँग करने लगे हैं।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए सबसे उपयुक्त शब्द कौन-सा है?

    1. A विकास
    2. B नष्ट
    3. C स्थगित
    4. D विकसित
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) विकसित

    ‘भाषा सुधरती है, शब्द-भंडार बढ़ता है’ के साथ शक्ति का बढ़ना ही ठीक बैठता है और ‘होती है’ से पहले विशेषण चाहिए, इसलिए ‘विकसित’ सही है। ‘विकास’ संज्ञा (पुल्लिंग) है, ‘नष्ट’ उलटा भाव देता है और ‘स्थगित’ (टला हुआ) का यहाँ कोई अर्थ नहीं बनता।

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  28. Q.28

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    शास्त्रीय संगीत सीखना धैर्य की परीक्षा है। कोई भी शिष्य कुछ दिनों में राग गाना या वाद्य बजाना नहीं सीख सकता। गुरु पहले महीनों तक स्वरों का सही उच्चारण और ताल की पहचान करवाते हैं। शिष्य को सुबह उठकर एक ही स्वर को देर तक साधना पड़ता है, ताकि उसका कंठ स्थिर और मधुर हो सके। इसके लिए वर्षों तक (____) अभ्यास करना पड़ता है; एक दिन चार घंटे गाकर फिर सप्ताह भर छुट्टी कर लेने से कोई लाभ नहीं होता। जो शिष्य हर दिन थोड़ा-थोड़ा ही सही, पर बिना नागा अभ्यास करता है, उसकी उँगलियाँ और कंठ धीरे-धीरे सध जाते हैं। यही कारण है कि बड़े कलाकार भी मंच पर जाने से पहले अभ्यास करना नहीं छोड़ते।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए सबसे उपयुक्त शब्द कौन-सा है?

    1. A नियम
    2. B अनियमित
    3. C नियमित
    4. D नियमितता
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) नियमित

    ‘अभ्यास’ के लिए विशेषण चाहिए और आगे ‘हर दिन थोड़ा-थोड़ा ही सही, पर बिना नागा’ अभ्यास की बात है, इसलिए ‘नियमित’ सही है। ‘एक दिन चार घंटे गाकर फिर सप्ताह भर छुट्टी’ वाला अनियमित अभ्यास तो निष्फल बताया गया है।

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  29. Q.29

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    मेरी बड़ी बहन पढ़ाई के लिए दूसरे राज्य के एक नगर में रहती है। पहले जब घर के लोग किसी से दूर होते थे, तो महीनों तक केवल चिट्ठियों से ही हाल-चाल मिलता था। अब मोबाइल पर वीडियो-कॉल से हम हर रविवार उसे देख भी लेते हैं और उससे बात भी कर लेते हैं। माँ उसे स्क्रीन पर देखकर पूछती हैं कि वह ठीक से खाना खा रही है या नहीं, और पिताजी उसकी पढ़ाई की बातें करते हैं। बात पूरी होने के बाद भी लगता है जैसे दीदी कुछ देर हमारे पास बैठकर गई हो, और घर के भीतर देर तक उसकी हँसी गूँजती-सी लगती है। सच है कि तकनीक ने अपनों के बीच की दूरियाँ बहुत कम कर दी हैं, फिर भी उसके घर लौटने पर साथ बैठने का सुख अलग ही होता है।

    गद्यांश में आया कौन-सा शब्द ‘निकट’ का विलोम है?

    1. A पास
    2. B साथ
    3. C भीतर
    4. D दूर
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) दूर

    ‘निकट’ का अर्थ पास है, इसलिए उसका विलोम ‘दूर’ है, जो गद्यांश में ‘किसी से दूर होते थे’ में आया है। ‘पास’ तो निकट का समानार्थी है और ‘भीतर’ का विलोम ‘बाहर’ होता है।

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  30. Q.30

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हम प्रायः बड़ी बेईमानियों की चर्चा करते हैं और मान लेते हैं कि हम स्वयं पूरी तरह ईमानदार हैं। पर जरा अपने छोटे-छोटे व्यवहार पर ध्यान दीजिए। दुकानदार भूल से अधिक पैसे लौटा दे तो हम चुपचाप जेब में रख लेते हैं, टिकट लिए बिना यात्रा का अवसर मिले तो उसे चतुराई समझते हैं और समय पर काम न करके बहाने गढ़ लेते हैं। हम इन बातों को इतना छोटा मानते हैं कि इन पर सोचते भी नहीं। किंतु ईमानदारी कोई ऐसा वस्त्र नहीं जिसे बड़े अवसरों पर पहना जाए और साधारण दिनों में उतार दिया जाए। वह तो हमारे चरित्र का अंग है, जो छोटे-छोटे व्यवहार से ही बनता है। आइए, दूसरों को परखने से पहले एक बार अपने भीतर झाँककर देखें।

    इस गद्यांश में लेखक का स्वर कैसा है?

    1. A दूसरों की कठोर निंदा और क्रोध का
    2. B विचारशील, जो आत्म-निरीक्षण को प्रेरित करे
    3. C हल्के-फुल्के हास्य और मनोरंजन का
    4. D गहरी निराशा का, जिसमें सुधार की आशा न हो
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) विचारशील, जो आत्म-निरीक्षण को प्रेरित करे

    लेखक ‘हम’ कहकर स्वयं को भी शामिल करता है और अंत में कहता है, ‘दूसरों को परखने से पहले एक बार अपने भीतर झाँककर देखें’; इसलिए स्वर दूसरों की निंदा का नहीं, आत्म-निरीक्षण की प्रेरणा का है।

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  31. Q.31

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    दिन भर काम करने के बाद शरीर और मन दोनों को आराम चाहिए, और यह आराम सबसे अच्छे ढंग से गहरी नींद से मिलता है। सोते समय शरीर की थकान दूर होती है और मन दिन भर की बातों को सहेजकर अगले दिन के लिए तैयार हो जाता है। जो व्यक्ति पूरी नींद नहीं लेता, वह अगले दिन चिड़चिड़ा रहता है, उसका ध्यान काम में नहीं लगता और छोटी-छोटी भूलें होने लगती हैं। आजकल बहुत-से लोग देर रात तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठने की मजबूरी में अधूरी नींद के साथ दिन शुरू करते हैं। अच्छी नींद के लिए प्रतिदिन एक ही समय पर सोना, सोने से पहले भारी भोजन न करना और कमरे को शांत तथा अँधेरा रखना उपयोगी होता है। सच तो यह है कि अच्छी नींद कोई विलासिता नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की बुनियादी आवश्यकता है।

    इस गद्यांश के लिए सबसे उचित शीर्षक कौन-सा है?

    1. A स्वस्थ जीवन के लिए अच्छी नींद
    2. B देर रात तक जागने की आदत
    3. C मनुष्य का मन और उसकी स्मृति
    4. D स्वस्थ रहने के सभी उपाय
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) स्वस्थ जीवन के लिए अच्छी नींद

    पूरा गद्यांश नींद के लाभ, अधूरी नींद की हानि और अच्छी नींद के उपाय बताता है और अंत में नींद को ‘स्वस्थ जीवन की बुनियादी आवश्यकता’ कहता है; ‘देर रात तक जागना’ बहुत संकुचित और ‘सभी उपाय’ बहुत व्यापक है।

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  32. Q.32

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    पहाड़ी ढलानों पर उगे घने वृक्ष केवल सुंदरता नहीं बढ़ाते, वे एक प्रहरी की तरह मिट्टी की रक्षा भी करते हैं। उनकी जड़ें मिट्टी को कसकर पकड़े रहती हैं और पत्तियों की छतरी वर्षा की बौछार की चोट को कम कर देती है। जब सड़क या भवन बनाने के लिए इन ढलानों से पेड़ बड़ी संख्या में काट दिए जाते हैं, तो वर्षा का पानी ऊपरी उपजाऊ मिट्टी को बहा ले जाता है। कमजोर हुई ढलानें भारी वर्षा में खिसकने लगती हैं और नीचे बसी बस्तियों के लिए संकट बन जाती हैं। बहकर आई मिट्टी नदियों के तल में जमा होकर उन्हें उथला भी कर देती है। इसलिए पहाड़ों पर विकास के काम करते समय पेड़ों की कटाई को कम से कम रखना और नए पेड़ लगाना अत्यंत आवश्यक है।

    गद्यांश के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष सबसे उचित है?

    1. A पहाड़ों पर सड़कें और भवन बनाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
    2. B नदियों के उथले होने का एकमात्र कारण पहाड़ों पर पेड़ों की कटाई है।
    3. C पहाड़ी ढलानों पर पेड़ केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए होते हैं।
    4. D पहाड़ों पर पेड़ काटने की हानि नीचे रहने वालों को भी उठानी पड़ती है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) पहाड़ों पर पेड़ काटने की हानि नीचे रहने वालों को भी उठानी पड़ती है।

    गद्यांश कहता है कि पेड़ कटने से ढलानें खिसककर ‘नीचे बसी बस्तियों के लिए संकट बन जाती हैं’; इसलिए अंतिम निष्कर्ष उचित है। लेखक विकास रोकने को नहीं, ‘कटाई को कम से कम रखना’ कहता है।

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  33. Q.33

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    नदियाँ सदियों से मानव सभ्यता की जीवन-रेखा रही हैं। उनके किनारों पर नगर बसे, उनके जल से लोगों की प्यास बुझी और उन्हीं के रास्ते नावों से व्यापार होता रहा। परंतु आज अनेक नदियाँ कचरे और गंदे पानी के बोझ से कराह रही हैं। कारखानों का दूषित जल, घरों से निकला गंदा पानी और प्लास्टिक की थैलियाँ सीधे नदियों में पहुँच जाती हैं। इससे पानी में रहने वाली मछलियाँ और अन्य जीव मरने लगते हैं और वही पानी पीने योग्य नहीं रहता। नदियों को बचाने का काम केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। यदि हर नागरिक नदी में कचरा न डालने का संकल्प ले और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करे, तो नदियाँ फिर से निर्मल हो सकती हैं।

    निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गद्यांश के अनुसार सत्य नहीं है?

    1. A नदियों के किनारों पर नगर बसे और उनके रास्ते व्यापार हुआ।
    2. B नदियों को स्वच्छ रखना केवल सरकार का ही काम है।
    3. C दूषित पानी के कारण नदी के जीव मरने लगते हैं।
    4. D प्लास्टिक की थैलियाँ भी नदियों तक पहुँच जाती हैं।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) नदियों को स्वच्छ रखना केवल सरकार का ही काम है।

    गद्यांश कहता है, ‘नदियों को बचाने का काम केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता’; इसलिए ‘केवल सरकार का काम’ वाला कथन असत्य है, शेष तीनों बातें गद्यांश में लिखी हैं।

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  34. Q.34

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    प्लास्टिक की थैलियाँ हल्की, सस्ती और सुविधाजनक होने के कारण हमारे जीवन का हिस्सा बन गई हैं। पर यही सुविधा पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या बन गई है। प्लास्टिक मिट्टी में मिलकर नष्ट नहीं होता और बरसों तक वैसा ही पड़ा रहता है। नालियों में फँसी थैलियाँ पानी का बहाव रोक देती हैं, जिससे वर्षा में सड़कों पर पानी भर जाता है। कचरे के ढेर में पड़ी थैलियों को खाने की वस्तु समझकर गाय जैसे पशु निगल लेते हैं और बीमार हो जाते हैं। इस समस्या का हल कठिन नहीं है। बाजार जाते समय कपड़े या जूट का थैला साथ ले जाना, एक ही थैली को बार-बार प्रयोग करना और प्लास्टिक को इधर-उधर न फेंकना ऐसे उपाय हैं जिन्हें हर कोई अपना सकता है।

    इस गद्यांश के लिए सबसे उचित शीर्षक कौन-सा है?

    1. A प्लास्टिक की थैलियों की समस्या और उसका हल
    2. B वर्षा के दिनों में सड़कों पर भरता पानी
    3. C गाय जैसे पालतू पशुओं की देखभाल
    4. D बाजार से सामान खरीदने का सही तरीका
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) प्लास्टिक की थैलियों की समस्या और उसका हल

    गद्यांश प्लास्टिक की थैलियों से होने वाली हानियाँ बताता है और अंत में कहता है, ‘इस समस्या का हल कठिन नहीं है’; समस्या और हल दोनों को समेटने के कारण पहला शीर्षक सबसे उचित है।

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  35. Q.35

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी जीवन भर का दुख दे सकती है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना और कार में सीट-बेल्ट लगाना हमारी अपनी सुरक्षा के लिए है, केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं। बहुत-से लोग पास की दूरी पर जाते समय हेलमेट को अनावश्यक मानते हैं, जबकि दुर्घटना दूरी देखकर नहीं होती। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना ध्यान को भटका देता है और पलक झपकते ही दुर्घटना हो सकती है। तीव्र गति का रोमांच कुछ पलों का होता है, पर उसका परिणाम कई परिवारों को भुगतना पड़ सकता है। लाल बत्ती पर रुकना और पैदल चलने वालों को पहले रास्ता देना भी अच्छे चालक की पहचान है। याद रखिए, घर पर कोई हमारी सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहा है।

    गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन असत्य है?

    1. A वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने से ध्यान भटकता है।
    2. B पैदल चलने वालों को पहले रास्ता देना अच्छे चालक की पहचान है।
    3. C पास की दूरी पर जाते समय हेलमेट पहनना आवश्यक नहीं है।
    4. D हेलमेट और सीट-बेल्ट हमारी अपनी सुरक्षा के लिए हैं।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) पास की दूरी पर जाते समय हेलमेट पहनना आवश्यक नहीं है।

    गद्यांश कहता है कि लोग पास की दूरी पर हेलमेट को अनावश्यक मानते हैं, ‘जबकि दुर्घटना दूरी देखकर नहीं होती’; अतः तीसरा कथन गद्यांश के विरुद्ध है।

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  36. Q.36

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सड़क केवल वाहनों की नहीं, पैदल चलने वालों की भी है। फिर भी सड़क पार करते समय सबसे अधिक खतरा पैदल यात्रियों को ही होता है। इसलिए पैदल चलने वालों को भी कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। सड़क सदा जेब्रा क्रॉसिंग से ही पार करनी चाहिए और पार करने से पहले दोनों ओर देख लेना चाहिए। जहाँ फुटपाथ बना हो, वहाँ सड़क के बीच में चलना अपने साथ-साथ वाहन चालकों को भी संकट में डालता है। बातों में खोए हुए या मोबाइल देखते हुए सड़क पार करना तो खतरे को खुला निमंत्रण देना है। चलती गाड़ियों के बीच से दौड़कर कुछ क्षण बचाने की जल्दी में लोग अपना जीवन दाँव पर लगा देते हैं। सावधानी से उठाया गया हर कदम हमें सुरक्षित घर पहुँचाता है।

    गद्यांश से कौन-सा निष्कर्ष निकलता है?

    1. A सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल वाहन चालकों की होती है।
    2. B सड़क सुरक्षा के लिए पैदल यात्रियों की सावधानी भी आवश्यक है।
    3. C फुटपाथ पर चलने से वाहन चालकों के लिए संकट पैदा होता है।
    4. D दौड़कर सड़क पार करने से समय की बहुत बड़ी बचत होती है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) सड़क सुरक्षा के लिए पैदल यात्रियों की सावधानी भी आवश्यक है।

    गद्यांश कहता है कि ‘पैदल चलने वालों को भी कुछ नियमों का पालन करना चाहिए’ और उनकी लापरवाही चालकों को भी संकट में डालती है; अतः दूसरा निष्कर्ष सही है। संकट सड़क के बीच चलने से है, फुटपाथ पर चलने से नहीं।

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  37. Q.37

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    फसल कटकर जब अनाज घर आ जाता है, तब कई गाँवों में लोकनृत्य का आयोजन होता है। शाम ढलते ही चौपाल पर ढोल और नगाड़े बजने लगते हैं। गाँव की स्त्रियाँ और पुरुष रंग-बिरंगे पारंपरिक वस्त्र पहनकर गोल घेरे में ढोल की थाप पर (____) हैं। उनके पैरों की लय, हाथों की तालियाँ और लोकगीतों के बोल मिलकर ऐसा समाँ बाँधते हैं कि देखने वाले भी झूम उठते हैं। इन गीतों में खेत, वर्षा, बैल और मेहनत की बातें होती हैं। बच्चे बड़ों को देखते-देखते किनारे पर ही नाचना सीख जाते हैं। इस तरह लोकनृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम भी है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए व्याकरण की दृष्टि से उचित क्रिया-रूप कौन-सा है?

    1. A नाचती
    2. B नाचता
    3. C नाचते
    4. D नचाते
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) नाचते

    कर्ता ‘स्त्रियाँ और पुरुष’ भिन्न लिंगों के हैं और ‘और’ से जुड़े हैं; ऐसे में क्रिया पुल्लिंग बहुवचन होती है (अंतिम कर्ता ‘पुरुष’ भी पुल्लिंग बहुवचन है), अतः ‘नाचते हैं’ सही है। ‘नचाते’ का अर्थ दूसरों को नचाना है।

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  38. Q.38

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    इस वर्ष आषाढ़ के आरंभ में ही अच्छी वर्षा हो गई। किसानों ने समय पर खेत जोते, बीज बोए और मेड़ें ठीक कीं। पूरे सावन रुक-रुककर पानी बरसता रहा; न बाढ़ आई और न सूखा पड़ा। वर्षा समय पर और उचित मात्रा में हुई, (____) इस बार धान की फसल बहुत अच्छी हुई। कटाई के समय खेतों में सुनहरी बालियाँ लहरा रही थीं और किसानों के चेहरों पर संतोष की चमक थी। अनाज घर आया तो गाँव में छोटा-सा उत्सव मनाया गया और सबने मिलकर भोजन किया। लोग कहते हैं कि खेती में मेहनत तो किसान की होती है, पर उसका पूरा फल तभी मिलता है जब मौसम भी साथ दे।

    गद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा योजक शब्द उचित है?

    1. A इसलिए
    2. B परंतु
    3. C क्योंकि
    4. D यद्यपि
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) इसलिए

    पहला भाग कारण (‘वर्षा समय पर ... हुई’) है और दूसरा उसका परिणाम (‘फसल बहुत अच्छी हुई’), इसलिए परिणाम बताने वाला ‘इसलिए’ उचित है। ‘परंतु’ और ‘यद्यपि’ विरोध तथा ‘क्योंकि’ कारण बताते हैं।

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  39. Q.39

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    रमेश की कपड़ों की छोटी-सी दुकान थी। एक दिन एक वृद्ध ग्राहक जल्दबाजी में उसे सौ रुपये अधिक दे गए। रमेश ने यह बात शाम को हिसाब मिलाते समय देखी। उसके एक मित्र ने कहा कि ग्राहक को तो पता भी नहीं चलेगा, इसलिए यह पैसा रख लेना चाहिए। रमेश ने उत्तर दिया कि जो पैसा उसकी मेहनत का नहीं है, वह उसे चैन से नहीं रहने देगा। अगले दिन वह पता पूछते-पूछते उस वृद्ध के घर पहुँचा और पैसे लौटा आया। वृद्ध ने यह बात अपने परिचितों को बताई और कुछ ही महीनों में रमेश की दुकान पर ग्राहकों की संख्या बढ़ गई। लोग कहते थे कि वहाँ ठगे जाने का डर नहीं है। रमेश ने कभी नहीं सोचा था कि पैसे लौटाने से उसे कोई लाभ होगा; उसके लिए यह केवल सही काम था।

    गद्यांश से कौन-सा निष्कर्ष निकलता है?

    1. A रमेश ने अधिक ग्राहक पाने के लिए ही पैसे लौटाए थे।
    2. B ईमानदारी का व्यवहार लोगों का भरोसा जीत लेता है।
    3. C दुकानदारों को मित्रों की सलाह कभी नहीं माननी चाहिए।
    4. D वृद्ध ग्राहक प्रायः पैसों के हिसाब में भूल करते हैं।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) ईमानदारी का व्यवहार लोगों का भरोसा जीत लेता है।

    पैसे लौटाने के बाद ‘लोग कहते थे कि वहाँ ठगे जाने का डर नहीं है’ और ग्राहक बढ़ गए; इससे निष्कर्ष निकलता है कि ईमानदारी भरोसा जीतती है। रमेश ने लाभ के लिए ऐसा नहीं किया था, इसलिए पहला विकल्प गलत है।

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  40. Q.40

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    दिन की शुरुआत जिस ढंग से होती है, उसका प्रभाव प्रायः पूरे दिन पर दिखाई देता है। जो व्यक्ति सुबह हड़बड़ी में उठता है, बिना कुछ खाए-पिए भागता है और देर होने की चिंता में घिरा रहता है, वह दिन भर तनाव में रहता है। इसके विपरीत, जो व्यक्ति समय से उठकर कुछ देर टहल लेता है, शांत मन से तैयार होता है और दिन के कामों की योजना बना लेता है, वह अपने काम अधिक सहजता से पूरे कर लेता है। सुबह जल्दी उठने के लिए रात को समय से सोना भी आवश्यक है, वरना जल्दी उठना केवल नींद में कटौती बनकर रह जाता है। अच्छी सुबह कोई संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी आदतों का परिणाम है, जो बीती रात से ही शुरू हो जाती हैं।

    इस गद्यांश का मूल भाव क्या है?

    1. A सुबह टहलना ही स्वस्थ रहने का एकमात्र उपाय है।
    2. B देर से उठने वाले लोग अपने काम कभी पूरे नहीं करते।
    3. C रात को समय से सोने पर नींद में कटौती होती है।
    4. D सुव्यवस्थित सुबह पूरे दिन को सहज बना देती है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) सुव्यवस्थित सुबह पूरे दिन को सहज बना देती है।

    गद्यांश का पहला वाक्य कहता है कि शुरुआत का ‘प्रभाव प्रायः पूरे दिन पर दिखाई देता है’ और अंतिम वाक्य अच्छी सुबह को ‘सोची-समझी आदतों का परिणाम’ बताता है; यही मूल भाव है।

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  41. Q.41

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    परीक्षा के दिनों में बहुत-से विद्यार्थी देर रात तक पढ़ते हैं, पर पढ़ाई का लाभ केवल घंटों की गिनती से तय नहीं होता। पढ़ने की जगह कैसी है, इसका भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। शोर-शराबे से दूर, शांत और स्वच्छ वातावरण पढ़ाई के लिए बहुत (____) होता है। ऐसे स्थान पर मन जल्दी एकाग्र हो जाता है और पढ़ी हुई बात देर तक याद रहती है। पढ़ने के स्थान पर केवल वही पुस्तकें और कॉपियाँ रखनी चाहिए, जिनकी उस समय आवश्यकता हो। प्रकाश पर्याप्त हो, ताकि आँखों पर दबाव न पड़े। बीच-बीच में थोड़ी देर उठकर टहल लेना भी अच्छा रहता है। जो विद्यार्थी इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, वे कम समय में भी अधिक सीख लेते हैं।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए सबसे उपयुक्त शब्द कौन-सा है?

    1. A उपयोग
    2. B उपयोगिता
    3. C उपयोगी
    4. D बाधक
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) उपयोगी

    ‘बहुत ___ होता है’ में विशेषण चाहिए और अगला वाक्य ‘मन जल्दी एकाग्र हो जाता है’ शांत वातावरण का लाभ बताता है, इसलिए ‘उपयोगी’ सही है। ‘उपयोग’ और ‘उपयोगिता’ संज्ञाएँ हैं तथा ‘बाधक’ उलटा भाव देता है।

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  42. Q.42

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    वृक्ष मनुष्य के सबसे पुराने और सच्चे मित्र हैं। वे बिना कुछ माँगे हमें छाया, फल, लकड़ी और शुद्ध वायु देते हैं। गर्मी की तपती दोपहर में थका हुआ राही किसी पेड़ के नीचे बैठकर ही चैन की साँस लेता है। पक्षी उनकी डालियों पर घोंसले बनाते हैं और अनेक छोटे जीव उनकी जड़ों के आस-पास अपना घर बसाते हैं। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बाँधे रखती हैं, जिससे वर्षा का पानी उसे बहाकर नहीं ले जा पाता। इतना सब देने के बाद भी हम अपनी सुविधा के लिए उन्हें बेझिझक काट देते हैं। यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ भी स्वस्थ और सुखी रहें, तो हमें पेड़ों की रक्षा करनी होगी और हर अवसर पर नए पौधे लगाने होंगे।

    इस गद्यांश का मूल भाव क्या है?

    1. A पक्षियों के घोंसलों के लिए पेड़ों का होना आवश्यक है।
    2. B गर्मी की दोपहर में थके राही को पेड़ की छाया मिलती है।
    3. C पेड़ हमें बहुत कुछ देते हैं, इसलिए उनकी रक्षा आवश्यक है।
    4. D मनुष्य की सुविधा के लिए पेड़ काटना उचित ही है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) पेड़ हमें बहुत कुछ देते हैं, इसलिए उनकी रक्षा आवश्यक है।

    गद्यांश पेड़ों से मिलने वाले अनेक लाभ गिनाकर अंत में कहता है, ‘हमें पेड़ों की रक्षा करनी होगी’; यही पूरे गद्यांश का मूल भाव है। छाया और घोंसले केवल उसके उदाहरण हैं।

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  43. Q.43

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    किसी पुराने किले या सुंदर बाग में घूमने जाइए तो दीवारों पर कुरेदे गए नाम और निशान अक्सर दिख जाते हैं। पार्कों में टूटी बेंचें, बसों की फटी सीटें और सड़क किनारे उखाड़े गए पौधे भी इसी सोच का परिणाम हैं। बहुत-से लोग मानते हैं कि जो वस्तु सरकारी है, वह किसी की नहीं है, इसलिए उसकी देखभाल करना उनकी जिम्मेदारी नहीं। सच यह है कि सार्वजनिक संपत्ति हमारे ही दिए धन से बनती है और उसकी मरम्मत का खर्च भी अंततः हम सबको ही उठाना पड़ता है। जो बेंच आज टूटी है, उस पर कल हमारे ही परिवार का कोई बुजुर्ग बैठना चाहेगा। इसलिए सार्वजनिक वस्तुओं को अपने घर की वस्तुओं जैसा मानकर सँभालना हर नागरिक का कर्तव्य है।

    इस गद्यांश को लिखने में लेखक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    1. A सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए जागरूक करना
    2. B पुराने किलों और बागों की सुंदरता का वर्णन करना
    3. C सरकार से टूटी बेंचों की मरम्मत की माँग करना
    4. D बसों में यात्रा करने की असुविधाओं को बताना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए जागरूक करना

    लेखक सार्वजनिक वस्तुओं को नुकसान पहुँचाने वाली सोच की आलोचना करता है और अंत में कहता है कि उन्हें ‘अपने घर की वस्तुओं जैसा मानकर सँभालना हर नागरिक का कर्तव्य है’; यही उसका उद्देश्य है।

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  44. Q.44

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    रामदीन के पास दो खेत थे। नदी के पास वाला खेत उपजाऊ था; उसकी गहरी काली मिट्टी में जो भी बोया जाता, लहलहा उठता। गाँव के पीछे टीले वाला दूसरा खेत वर्षों से बंजर पड़ा था, जहाँ घास के सिवा कुछ नहीं उगता था। रामदीन ने हार नहीं मानी। उसने उस खेत में गोबर की खाद डाली, पत्थर बीनकर अलग किए और पानी रोकने के लिए चारों ओर मेड़ बनाई। पहले वर्ष उसने केवल दलहन की फसलें बोईं, जिनसे मिट्टी कुछ सुधरी। तीसरे वर्ष तक वह खेत भी हरा-भरा हो गया। आज गाँव के लोग उदाहरण देते हैं कि धैर्य और समझ से काम लिया जाए, तो वर्षों से खाली पड़ी भूमि भी अन्न देने लगती है।

    गद्यांश में आया कौन-सा शब्द ‘उपजाऊ’ का विलोम है?

    1. A हरा-भरा
    2. B बंजर
    3. C काली
    4. D गहरी
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) बंजर

    दूसरे खेत को ‘वर्षों से बंजर पड़ा’ बताया गया है, ‘जहाँ घास के सिवा कुछ नहीं उगता था’; उपजाऊ का विलोम यही ‘बंजर’ है। ‘हरा-भरा’ तो उपजाऊ खेत का गुण है।

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  45. Q.45

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की हो, अस्पताल का पर्चा काउंटर हो या बैंक, जहाँ बहुत-से लोग एक ही सेवा लेने आते हैं, वहाँ पंक्ति में खड़े होना सबसे सरल और न्यायपूर्ण व्यवस्था है। पंक्ति का नियम यह है कि जो पहले आया, उसकी बारी पहले आएगी। जब कोई व्यक्ति धक्का-मुक्की करके आगे घुसता है, तो वह केवल नियम नहीं तोड़ता, बल्कि उन सब लोगों का समय भी छीनता है जो धैर्य से अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसी धक्का-मुक्की में बुजुर्गों और बच्चों को चोट लगने का डर भी रहता है। पंक्ति में खड़े लोग यदि शांति बनाए रखें, तो काम जल्दी और बिना झगड़े के पूरा हो जाता है। बुजुर्गों, बीमारों और दिव्यांगजनों के लिए अलग पंक्ति की व्यवस्था करना भी इसी न्याय का एक संवेदनशील हिस्सा है।

    गद्यांश के अनुसार पंक्ति का मूल नियम क्या है?

    1. A बुजुर्गों और बच्चों को सबसे पहले सेवा मिलेगी।
    2. B जो सबसे अधिक जल्दी में हो, उसे पहले भेजा जाएगा।
    3. C हर व्यक्ति को सेवा के लिए बराबर समय दिया जाएगा।
    4. D जो व्यक्ति पहले आया है, उसकी बारी पहले आएगी।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) जो व्यक्ति पहले आया है, उसकी बारी पहले आएगी।

    गद्यांश स्पष्ट कहता है, ‘पंक्ति का नियम यह है कि जो पहले आया, उसकी बारी पहले आएगी’। बुजुर्गों आदि के लिए अलग पंक्ति को गद्यांश इसी न्याय का ‘एक संवेदनशील हिस्सा’ कहता है, मूल नियम नहीं; बच्चों को पहले सेवा देने की बात तो उसमें है ही नहीं।

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  46. Q.46

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे गाँव का विद्यालय छोटा है, उसमें केवल चार कमरे हैं। गर्मियों में जब कमरों के भीतर बैठना कठिन हो जाता है, तब शिक्षक कुछ कक्षाएँ आँगन में लगाते हैं। आँगन के बीचोंबीच एक पुराना बरगद खड़ा है। बच्चे टाट-पट्टियाँ बिछाकर बरगद (____) घनी छाया में बैठ जाते हैं। ठंडी हवा के झोंकों के बीच पढ़ाई में भी मन लगता है। विज्ञान के शिक्षक कभी-कभी इसी पेड़ को दिखाकर पत्तियों, जड़ों और शाखाओं के बारे में समझाते हैं। बच्चे पत्तियाँ गिनते हैं, उनकी नसें देखते हैं और कॉपी में उनका चित्र बनाते हैं। इस तरह यह बरगद बच्चों को केवल छाया ही नहीं देता, बल्कि उनकी पढ़ाई को भी जीवंत बना देता है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा परसर्ग (कारक-चिह्न) उचित है?

    1. A की
    2. B का
    3. C के
    4. D को
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) की

    ‘छाया’ स्त्रीलिंग संज्ञा है, इसलिए उससे पहले संबंध-कारक का स्त्रीलिंग रूप ‘की’ आएगा: ‘बरगद की घनी छाया’। ‘का’ और ‘के’ पुल्लिंग शब्दों के साथ आते हैं और ‘को’ संबंध नहीं बताता।

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  47. Q.47

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे गाँव के उत्तर में आम का एक पुराना बाग है। गर्मियों में जब पेड़ों पर बौर के बाद कच्ची अमियाँ लटकने लगती हैं, तब बच्चों की टोलियाँ दिन भर वहीं डेरा डाले रहती हैं। सावन आते ही पेड़ों की मोटी डालियों पर झूले पड़ जाते हैं। हमारे यहाँ बरसात में झूला झूलना और साथ में लोकगीत गाना एक ‘आम’ बात है; शायद ही कोई घर ऐसा हो, जिसकी बेटियाँ इसमें भाग न लेती हों। बाग के रखवाले काका पके हुए आम तोड़कर पहले पूरे गाँव में बाँटते हैं और फिर बचे हुए फल शहर की मंडी में भेजते हैं। उनका कहना है कि बाग की मिठास तभी पूरी होती है, जब उसका स्वाद सबको मिले।

    गद्यांश में उद्धरण-चिह्नों में दिए ‘आम’ शब्द के स्थान पर कौन-सा शब्द रखा जा सकता है, जिससे अर्थ न बदले?

    1. A रसीली
    2. B साधारण
    3. C विशेष
    4. D फलदार
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) साधारण

    ‘एक ‘आम’ बात है; शायद ही कोई घर ऐसा हो...’ बताता है कि यह सब जगह होने वाली बात है, इसलिए यहाँ आम का अर्थ साधारण (सामान्य) है, फल वाला अर्थ नहीं। ‘विशेष’ इसका उलटा भाव है।

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  48. Q.48

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    बहुत-से लोग किसी की सफलता देखकर कह देते हैं कि उसका भाग्य अच्छा था। वे यह नहीं देखते कि उस सफलता के पीछे कितने वर्षों का परिश्रम, कितनी असफलताएँ और कितनी रातों का जागना छिपा है। यह सच है कि जीवन में कभी-कभी संयोग भी साथ देता है, पर संयोग का लाभ भी वही उठा पाता है जो पहले से तैयार हो। अवसर अचानक आता है और तैयारी न हो तो उसी तरह चला भी जाता है। इसलिए भाग्य को दोष देने या उसकी प्रतीक्षा करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना अधिक समझदारी है। परिश्रम हर बार मनचाहा परिणाम दे, यह आवश्यक नहीं, परंतु परिश्रम करने वाला व्यक्ति हर प्रयास से कुछ न कुछ सीखता अवश्य है और अगली बार अधिक मजबूत होकर खड़ा होता है।

    गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन असत्य है?

    1. A संयोग का लाभ वही उठा पाता है जो पहले से तैयार हो।
    2. B किसी की सफलता के पीछे प्रायः लंबा परिश्रम छिपा होता है।
    3. C परिश्रम करने वाला व्यक्ति हर प्रयास से कुछ सीखता है।
    4. D परिश्रम करने वाले को हर बार मनचाहा परिणाम मिलता है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) परिश्रम करने वाले को हर बार मनचाहा परिणाम मिलता है।

    गद्यांश स्पष्ट कहता है, ‘परिश्रम हर बार मनचाहा परिणाम दे, यह आवश्यक नहीं’; इसलिए अंतिम कथन गद्यांश के अनुसार असत्य है, भले ही वह सुनने में अच्छा लगे।

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  49. Q.49

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सड़क पर कोई दुर्घटना हो जाए तो अक्सर भीड़ जमा हो जाती है। लोग घायल व्यक्ति को घेरकर खड़े हो जाते हैं, आपस में बातें करते हैं, पर आगे बढ़कर सहायता करने वाले बहुत कम होते हैं। कई लोग इस डर से पीछे हट जाते हैं कि कहीं उन्हें पूछताछ के चक्कर न लगाने पड़ें। ऐसे समय में भीड़ का मूकदर्शक बने रहना घायल के लिए बहुत भारी पड़ सकता है, क्योंकि दुर्घटना के बाद का थोड़ा-सा समय भी उसकी जान बचाने में निर्णायक होता है। एक जिम्मेदार नागरिक तुरंत एंबुलेंस को सूचना देता है, घायल के आस-पास से भीड़ हटाकर उसे हवा मिलने देता है और जहाँ तक संभव हो, उसे जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुँचाने में सहायता करता है। किसी की जान बचाने में हाथ बँटाना ही सच्ची नागरिकता है।

    गद्यांश में आए ‘मूकदर्शक बने रहना’ का प्रसंग के अनुसार अर्थ क्या है?

    1. A घायल को देखकर ऊँचे स्वर में रोना
    2. B पुलिस को घटना की पूरी सूचना देना
    3. C चुपचाप देखते रहना और कुछ न करना
    4. D भीड़ को घायल व्यक्ति से दूर हटाना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) चुपचाप देखते रहना और कुछ न करना

    गद्यांश में भीड़ के लोग घायल को घेरकर खड़े रहते हैं, पर ‘आगे बढ़कर सहायता करने वाले बहुत कम होते हैं’; इसी व्यवहार को ‘मूकदर्शक बने रहना’ कहा गया है, अर्थात चुपचाप देखते रहना।

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  50. Q.50

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    गर्मियों में जब धूप कड़ी होती है और तालाब-पोखर सूखने लगते हैं, तब गली के कुत्ते, गायें और पक्षी पानी के लिए भटकते रहते हैं। ऐसे में यदि हम अपने घर की छत या दरवाजे के बाहर मिट्टी के एक बरतन में पानी भरकर रख दें, तो अनेक प्यासे जीवों को राहत मिल सकती है। पानी को प्रतिदिन बदलना चाहिए ताकि उसमें गंदगी न जमे और मच्छर न पनपें। इसी प्रकार घायल या बीमार पशु को देखकर मुँह फेर लेने के बजाय पशु-चिकित्सालय या किसी पशु-सेवा संस्था को सूचना देना भी दया का काम है। दया के लिए बहुत धन या समय नहीं चाहिए, केवल एक संवेदनशील मन चाहिए जो दूसरों का दुख समझ सके, चाहे वह दूसरा कोई मूक जीव ही क्यों न हो।

    गद्यांश के अनुसार जीवों के लिए रखे बरतन का पानी प्रतिदिन क्यों बदलना चाहिए?

    1. A ताकि पानी दिन भर अधिक ठंडा बना रहे
    2. B ताकि पक्षी उस बरतन को पहचान सकें
    3. C ताकि उसमें गंदगी न जमे और मच्छर न पनपें
    4. D ताकि मिट्टी का बरतन जल्दी न टूटे
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) ताकि उसमें गंदगी न जमे और मच्छर न पनपें

    गद्यांश में लिखा है, ‘पानी को प्रतिदिन बदलना चाहिए ताकि उसमें गंदगी न जमे और मच्छर न पनपें’।

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