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अपठित गद्यांश प्रश्न उत्तर (हिंदी गद्यांश MCQ)

UP पुलिस, SSC GD (हिंदी), बिहार पुलिस, राजस्थान पटवारी और HSSC CET की तैयारी के लिए हिंदी गद्यांश (रिक्त स्थान और बोध) पर उत्तर सहित 80 अभ्यास प्रश्न; ज़्यादातर के साथ व्याख्या या पूरा हल भी है। उत्तर खोलने से पहले हर प्रश्न खुद हल करें।

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  1. Q.51

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    स्वस्थ दाँत केवल सुंदर मुस्कान के लिए ही नहीं, अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक हैं, क्योंकि भोजन को चबाने का पहला काम दाँत ही करते हैं। दाँतों की देखभाल के लिए सुबह और रात को सोने से पहले ब्रश करना चाहिए। रात का ब्रश विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि दिन भर खाए भोजन के कण यदि दाँतों में फँसे रह जाएँ, तो रात भर में वे सड़न पैदा कर सकते हैं। मीठी और चिपचिपी वस्तुएँ खाने के बाद कुल्ला अवश्य करना चाहिए। दाँतों को नुकीली वस्तुओं से कुरेदना या उनसे बोतल का ढक्कन खोलना उन्हें हानि पहुँचाता है। यदि दाँतों में दर्द हो या मसूड़ों से खून आए, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय दाँतों के डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

    गद्यांश के अनुसार रात को सोने से पहले ब्रश करना विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण क्यों है?

    1. A क्योंकि इससे सुबह जल्दी और आसानी से नींद खुलती है
    2. B क्योंकि रात में ही मसूड़ों से अधिक खून आता है
    3. C क्योंकि इससे दाँत अधिक चमकीले और सुंदर लगते हैं
    4. D क्योंकि फँसे हुए कण रात भर में सड़न पैदा कर सकते हैं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) क्योंकि फँसे हुए कण रात भर में सड़न पैदा कर सकते हैं

    गद्यांश में लिखा है कि दिन भर के ‘भोजन के कण यदि दाँतों में फँसे रह जाएँ, तो रात भर में वे सड़न पैदा कर सकते हैं’।

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  2. Q.52

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    पिछले महीने हमारे विद्यालय के पुस्तकालय को एक पूर्व छात्र की ओर से बहुत-सी नई पुस्तकें भेंट में मिलीं। पुस्तकालयाध्यक्ष ने सबसे पहले हर पुस्तक पर विद्यालय की मुहर लगाई और रजिस्टर में उसका नाम, लेखक और क्रमांक लिखा। फिर उन्होंने सभी नई पुस्तकों को विषय के अनुसार अलग-अलग अलमारियों में (____)। कहानी और कविता की पुस्तकें एक ओर रहीं, विज्ञान और गणित की दूसरी ओर, और शब्दकोश तथा ज्ञानकोश एक अलग खाने में। हर अलमारी पर एक पर्ची चिपका दी गई, ताकि विद्यार्थी अपनी मनचाही पुस्तक बिना भटके ढूँढ़ सकें। इस व्यवस्था से अब पुस्तकें इधर-उधर नहीं बिखरतीं और पढ़ने वालों का समय भी बचता है।

    रिक्त स्थान के लिए व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध क्रिया-रूप कौन-सा है?

    1. A रखीं
    2. B रखी
    3. C रखे
    4. D रखा
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) रखा

    ‘उन्होंने’ के साथ ‘ने’ है और कर्म ‘पुस्तकों’ के साथ ‘को’ लगा है; ऐसे में क्रिया न कर्ता के अनुसार बदलती है, न कर्म के अनुसार, बल्कि पुल्लिंग एकवचन ‘रखा’ में रहती है।

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  3. Q.53

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    कुछ वर्ष पहले तक हमारे गाँव में बिजली नहीं थी। सूरज ढलते ही घरों में लालटेन और दीये जलाए जाते थे, जिनकी धीमी रोशनी में बच्चों को पढ़ने में बड़ी कठिनाई होती थी। गर्मियों की रातें बिना पंखे के करवटें बदलते बीतती थीं और खेतों की सिंचाई के लिए किसान पूरी तरह वर्षा पर निर्भर रहते थे। जब से गाँव में बिजली के खंभे लगे हैं और घर-घर तक तार पहुँचे हैं, तब से यहाँ का जीवन बहुत (____) गया है। अब बच्चे रात में बल्ब की रोशनी में आराम से पढ़ लेते हैं, गर्मियों में पंखे चलते हैं और खेतों के लिए बिजली के पंप भी लग गए हैं। लोग कहते हैं कि बिजली ने गाँव की रातों को भी दिन जैसा बना दिया है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए सबसे उपयुक्त शब्द कौन-सा है?

    1. A बिगड़
    2. B बदल
    3. C थम
    4. D बदलकर
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) बदल

    आगे के वाक्य (‘बच्चे रात में ... आराम से पढ़ लेते हैं’, ‘बिजली के पंप भी लग गए हैं’) अच्छे परिवर्तन बताते हैं, इसलिए ‘बहुत बदल गया है’ सही है। ‘बिगड़’ उलटा भाव देता है, ‘थम’ (रुक जाना) प्रसंग से मेल नहीं खाता और ‘बदलकर गया है’ व्याकरण से अशुद्ध है।

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  4. Q.54

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे नगर में हर वर्ष सर्दियों के अंत में पतंग-उत्सव मनाया जाता है। उस दिन सुबह से ही छतों पर बच्चों, युवाओं और बड़ों की भीड़ जुट जाती है। आसमान में (____) पतंगें इधर-उधर लहराती दिखाई देती हैं: कोई लाल, कोई पीली, कोई हरी, तो कोई तिरंगे जैसी। चारों ओर से पेंच लड़ाने वालों की हँसी और शोर गूँजता रहता है। पतंग उड़ाने में धैर्य और हाथ की कुशलता, दोनों चाहिए, क्योंकि हवा की दिशा पहचानकर ही डोर ढीली या कसी जाती है। शाम को सब मिलकर तिल और गुड़ के लड्डू खाते हैं। बड़े लोग बच्चों को समझाते हैं कि पतंग उड़ाते समय छत के किनारे से दूर रहें और बिजली के तारों के पास कभी न जाएँ।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए उचित विशेषण-रूप कौन-सा है?

    1. A रंग-बिरंगा
    2. B रंग-बिरंगी
    3. C रंग-बिरंगे
    4. D रंगीनी
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) रंग-बिरंगी

    ‘पतंगें’ स्त्रीलिंग बहुवचन संज्ञा है और आकारांत विशेषण स्त्रीलिंग में ईकारांत हो जाता है, इसलिए ‘रंग-बिरंगी पतंगें’ सही है; आगे ‘कोई लाल, कोई पीली’ भी इसी अर्थ की पुष्टि करता है। ‘रंगीनी’ संज्ञा है, विशेषण नहीं।

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  5. Q.55

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    बाजार में मिलने वाले तले-भुने और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ देखने में आकर्षक और खाने में स्वादिष्ट लगते हैं। चिप्स, नूडल्स, मीठे पेय और तरह-तरह के नमकीन बच्चों की पहली पसंद बन गए हैं। पर इनमें प्रायः नमक, चीनी और तेल बहुत अधिक होता है, जबकि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्त्व बहुत कम होते हैं। इन्हें प्रतिदिन खाने से पेट तो भर जाता है, पर शरीर को सही पोषण नहीं मिलता। धीरे-धीरे मोटापा, दाँतों की सड़न और पाचन की गड़बड़ी जैसी समस्याएँ घेरने लगती हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि कभी-कभार इनका स्वाद लेना अपराध है, पर इन्हें घर के बने दाल-चावल, रोटी-सब्जी, फल और दूध का स्थान नहीं लेने देना चाहिए।

    इस गद्यांश को लिखने का लेखक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    1. A डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के स्वाद की प्रशंसा करना
    2. B बाजार के भोजन पर पूरी तरह रोक लगाने की माँग करना
    3. C ऐसे भोजन की अधिकता से होने वाली हानि से सावधान करना
    4. D घर पर नूडल्स और नमकीन बनाने की विधि बताना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) ऐसे भोजन की अधिकता से होने वाली हानि से सावधान करना

    लेखक इन पदार्थों से होने वाली समस्याएँ गिनाता है और कहता है कि इन्हें घर के भोजन का ‘स्थान नहीं लेने देना चाहिए’; वह ‘कभी-कभार’ खाने को अपराध नहीं मानता, इसलिए उसका उद्देश्य पूरी रोक नहीं, सावधान करना है।

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  6. Q.56

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे गाँव के पूर्वी छोर पर एक बड़ा ‘ताल’ है, जिसमें बरसात के दिनों में लबालब पानी भर जाता है। उसके किनारे पीपल और जामुन के पेड़ हैं और पानी में कमल के फूल खिलते हैं। गर्मियों में जब कुओं का पानी नीचे चला जाता है, तब यही ताल पशुओं की प्यास बुझाता है। शाम के समय गाँव के बच्चे इसके किनारे खेलते हैं और ढोल-मंजीरे के साथ ताल मिलाकर लोकगीत गाते हुए लोग खेतों से लौटते हैं। गाँव वालों ने मिलकर नियम बनाया है कि इसमें कोई कूड़ा नहीं डालेगा और हर वर्ष गर्मियों में इसकी मिट्टी निकालकर इसे गहरा किया जाएगा, ताकि अगली बरसात में यह और अधिक पानी सहेज सके।

    गद्यांश के पहले वाक्य में उद्धरण-चिह्नों में दिए शब्द ‘ताल’ के स्थान पर कौन-सा शब्द रखने से अर्थ नहीं बदलेगा?

    1. A लय
    2. B ताली
    3. C किनारा
    4. D तालाब
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) तालाब

    ‘एक बड़ा ‘ताल’ है, जिसमें बरसात के दिनों में लबालब पानी भर जाता है’ से स्पष्ट है कि यहाँ ताल का अर्थ तालाब है। आगे ‘ताल मिलाकर’ में आया लय वाला अर्थ इस वाक्य में नहीं बैठता।

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  7. Q.57

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    लोकगीत किसी भी क्षेत्र की आत्मा होते हैं। हमारे गाँवों में विवाह, जन्म, फसल-कटाई और ऋतु-परिवर्तन, हर अवसर के लिए अलग-अलग गीत हैं। ये गीत किसी एक कवि ने नहीं लिखे; ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी कंठ से कंठ तक चलते आए हैं, इसलिए इनमें पारंपरिक जीवन की झलक मिलती है। इनकी धुनें सरल और मधुर होती हैं, जिन्हें कोई भी आसानी से गुनगुना सकता है। आजकल कई युवा कलाकार इन प्राचीन गीतों को आधुनिक वाद्ययंत्रों के साथ नए ढंग से गा रहे हैं। इससे ये गीत शहरों के युवाओं में भी लोकप्रिय हो रहे हैं। बस ध्यान यह रखना चाहिए कि नए प्रयोगों के बीच गीतों के मूल बोल और भाव न बदलें।

    गद्यांश में आया कौन-सा शब्द ‘प्राचीन’ का विलोम है?

    1. A पारंपरिक
    2. B आधुनिक
    3. C लोकप्रिय
    4. D मधुर
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) आधुनिक

    प्राचीन का अर्थ बहुत पुराना है और उसका विलोम ‘आधुनिक’ है, जो गद्यांश में ‘आधुनिक वाद्ययंत्रों’ में आया है। ‘पारंपरिक’ तो प्राचीन के निकट का अर्थ देता है।

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  8. Q.58

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे शरीर का अधिकांश भाग जल से बना है और शरीर के लगभग हर काम में जल की आवश्यकता होती है। गर्मी के दिनों में पसीने के रूप में शरीर से बहुत-सा पानी निकल जाता है। यदि उसकी पूर्ति न की जाए, तो सिरदर्द, चक्कर आना, थकान और मुँह सूखने जैसी परेशानियाँ होने लगती हैं। प्यास लगने का अर्थ ही है कि शरीर में पानी की कमी होने लगी है, इसलिए प्यास की प्रतीक्षा किए बिना दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना अच्छा है। पानी के साथ-साथ नींबू-पानी, छाछ, नारियल पानी और तरबूज, खीरा जैसे रसीले फल भी शरीर में जल की कमी को पूरा करते हैं। बाहर धूप में निकलते समय पानी की बोतल साथ रखना एक छोटी पर बहुत उपयोगी आदत है।

    गद्यांश के अनुसार इनमें से कौन-सी बात सही नहीं है?

    1. A प्यास न लगे तो दिन भर पानी पीने की आवश्यकता नहीं होती।
    2. B गर्मी में पसीने के रूप में शरीर से बहुत पानी निकलता है।
    3. C छाछ और रसीले फल भी शरीर में जल की कमी पूरी करते हैं।
    4. D पानी की कमी होने पर सिरदर्द और चक्कर आ सकते हैं।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) प्यास न लगे तो दिन भर पानी पीने की आवश्यकता नहीं होती।

    गद्यांश कहता है कि प्यास लगना पानी की कमी का संकेत है, इसलिए ‘प्यास की प्रतीक्षा किए बिना’ थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना अच्छा है; अतः पहला कथन गद्यांश के विरुद्ध है।

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  9. Q.59

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    शोर भी एक प्रकार का प्रदूषण है, जिसे हम अक्सर गंभीरता से नहीं लेते। बिना कारण बजाए गए वाहनों के हॉर्न, देर रात तक ऊँची आवाज में बजते लाउडस्पीकर और निर्माण कार्य की लगातार खटपट हमारे कानों के साथ-साथ मन की शांति भी छीन लेते हैं। अधिक शोर में रहने से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और नींद न आने जैसी समस्याएँ होती हैं। बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों और नन्हे बच्चों पर इसका प्रभाव और भी अधिक पड़ता है। एक अच्छा नागरिक यह समझता है कि उसकी स्वतंत्रता वहीं तक है जहाँ से दूसरों की असुविधा शुरू होती है। अस्पताल और विद्यालय के पास हॉर्न न बजाना और रात में आवाज धीमी रखना ऐसे ही छोटे-छोटे कदम हैं, जिनसे हम सब मिलकर अपने आस-पास शांति बनाए रख सकते हैं।

    गद्यांश का मूल भाव क्या है?

    1. A शोर दूसरों को कष्ट देता है, अतः हमें उसे सीमित रखना चाहिए।
    2. B वाहनों में हॉर्न लगाने पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।
    3. C शोर का प्रभाव केवल बुजुर्गों और रोगियों पर पड़ता है।
    4. D निर्माण कार्य से होने वाला शोर ही सबसे बड़ी समस्या है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) शोर दूसरों को कष्ट देता है, अतः हमें उसे सीमित रखना चाहिए।

    गद्यांश शोर की हानियाँ बताकर कहता है कि नागरिक की ‘स्वतंत्रता वहीं तक है जहाँ से दूसरों की असुविधा शुरू होती है’ और शांति बनाए रखने के छोटे कदम सुझाता है; यही मूल भाव है।

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  10. Q.60

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे क्षेत्र में हर मंगलवार को एक बड़ी हाट लगती है। आस-पास के दस-बारह गाँवों के किसान अपनी उपज (____) यहाँ आते हैं। कोई बैलगाड़ी में सब्जियाँ भरकर लाता है, कोई सिर पर टोकरी में अंडे और कोई साइकिल पर गुड़ की भेलियाँ। दोपहर तक हाट में ऐसी चहल-पहल हो जाती है कि पैर रखने को जगह नहीं मिलती। किसान अपना माल बेचकर जो पैसे पाते हैं, उनसे वे घर के लिए नमक, तेल, कपड़े और खेती के औजार खरीद लेते हैं। इस प्रकार हाट केवल खरीद-बिक्री की जगह नहीं, बल्कि गाँवों को आपस में जोड़ने वाली कड़ी भी है, जहाँ दूर-दूर के लोग एक-दूसरे का हाल-चाल भी पूछ लेते हैं।

    गद्यांश के रिक्त स्थान में अर्थ और व्याकरण के अनुसार कौन-सा शब्द आएगा?

    1. A खरीदने
    2. B बेचने
    3. C बेचना
    4. D बिकने
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) बेचने

    गद्यांश में आगे लिखा है कि किसान ‘अपना माल बेचकर जो पैसे पाते हैं’, अतः वे उपज बेचने आते हैं। ‘आते हैं’ से पहले तिर्यक रूप ‘बेचने’ चाहिए, ‘बेचना’ नहीं, और अकर्मक ‘बिकने’ कर्म ‘उपज’ के साथ नहीं बैठता।

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  11. Q.61

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    एक समय था जब गाँवों तक कोई समाचार पहुँचने में कई दिन लग जाते थे। लोग शहर से लौटने वालों से ही दुनिया का हाल सुनते थे। फिर रेडियो आया और उसने सूचना तथा मनोरंजन के क्षेत्र में (____) ला दी। चौपाल पर रखे एक छोटे-से रेडियो के चारों ओर शाम को पूरा गाँव जुट जाता था। उसी से लोगों को मौसम का हाल, खेती की नई जानकारी, देश-विदेश के समाचार और मधुर गीत सुनने को मिलते थे। बच्चों के लिए कहानियों के कार्यक्रम आते थे और खेल-प्रेमी मैच का आँखों देखा हाल सुनकर ऐसे उछल पड़ते थे, मानो स्वयं मैदान में बैठे हों। आज नए साधनों के युग में भी बहुत-से लोग दिन की शुरुआत रेडियो सुनकर ही करते हैं।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए अर्थ और लिंग की दृष्टि से उचित शब्द कौन-सा है?

    1. A परिवर्तन
    2. B सुधार
    3. C क्रांति
    4. D बाधा
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) क्रांति

    रिक्त स्थान के बाद ‘ला दी’ स्त्रीलिंग क्रिया है, इसलिए स्त्रीलिंग संज्ञा चाहिए; ‘परिवर्तन’ और ‘सुधार’ पुल्लिंग हैं (उनके साथ ‘ला दिया’ आता) और ‘बाधा’ उलटा भाव देती है, अतः ‘क्रांति’ सही है।

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  12. Q.62

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    फूलों पर मँडराती मधुमक्खियाँ केवल शहद ही नहीं बनातीं, वे प्रकृति का एक बहुत बड़ा काम भी करती हैं। जब मधुमक्खी एक फूल से रस लेकर दूसरे फूल पर जाती है, तो उसके शरीर पर लगे परागकण भी साथ चले जाते हैं। इसी से पौधों में फल और बीज बनते हैं। इस प्रकार अनेक फल और सब्जियाँ हम तक मधुमक्खियों और तितलियों जैसे नन्हे जीवों की सहायता से ही पहुँचती हैं। बगीचों में बहुत अधिक कीटनाशक छिड़कने और फूलों वाले जंगली पौधे उखाड़ देने से इन जीवों के लिए संकट पैदा होता है। हम अपने घर के गमलों या आँगन में फूलों वाले पौधे लगाकर और कीटनाशकों का कम से कम प्रयोग करके इन नन्हे सहायकों को बचा सकते हैं। मधुमक्खी छोटी है, पर उसके बिना प्रकृति का यह चक्र अधूरा रह जाएगा।

    गद्यांश के अनुसार पौधों में फल और बीज बनने में मधुमक्खी कैसे सहायता करती है?

    1. A फूलों को शहद देकर उन्हें पोषण देती है
    2. B पौधों पर लगे हानिकारक कीड़ों को खा जाती है
    3. C एक फूल से दूसरे फूल तक परागकण ले जाती है
    4. D पौधों की जड़ों के पास की मिट्टी खोदती है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) एक फूल से दूसरे फूल तक परागकण ले जाती है

    गद्यांश के अनुसार मधुमक्खी के एक फूल से दूसरे पर जाने पर ‘उसके शरीर पर लगे परागकण भी साथ चले जाते हैं। इसी से पौधों में फल और बीज बनते हैं’।

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  13. Q.63

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    बहुत-से लोगों का काम ऐसा होता है कि उन्हें दिन भर एक ही स्थान पर बैठे रहना पड़ता है। लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठे रहने से कमर और गर्दन में दर्द होने लगता है, पैरों में सूजन आ सकती है और शरीर सुस्त पड़ जाता है। झुककर बैठने की आदत रीढ़ की हड्डी पर अनावश्यक दबाव डालती है। इससे बचने का सबसे सरल उपाय यह है कि हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर थोड़ा टहल लिया जाए और हाथ-पैरों को खींचकर ढीला किया जाए। बैठते समय पीठ सीधी रखनी चाहिए और पैर फर्श पर टिके होने चाहिए। लिफ्ट के स्थान पर सीढ़ियों का प्रयोग करना और काम के बीच छोटे-छोटे विराम लेना भी शरीर को सक्रिय रखने में सहायक होता है।

    गद्यांश के अनुसार झुककर बैठने की आदत से क्या होता है?

    1. A पैरों में तुरंत सूजन आ जाती है
    2. B रीढ़ की हड्डी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है
    3. C आँखों की रोशनी कम होने लगती है
    4. D भूख लगनी पूरी तरह बंद हो जाती है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) रीढ़ की हड्डी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है

    गद्यांश में लिखा है, ‘झुककर बैठने की आदत रीढ़ की हड्डी पर अनावश्यक दबाव डालती है’। पैरों में सूजन की बात लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठने से जुड़ी है।

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  14. Q.64

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    दादाजी बताते हैं कि उनके बचपन में गाँव की पाठशाला एक कच्चे कमरे में चलती थी। एक ही गुरुजी सभी कक्षाओं को पढ़ाते थे और बच्चे लकड़ी की तख्ती पर खड़िया से लिखते थे। आज वही पाठशाला पक्के भवन में बदल चुकी है। उसमें एक पुस्तकालय है, जहाँ बच्चे कहानियाँ और पत्रिकाएँ पढ़ते हैं; एक प्रयोगशाला है, जहाँ वे विज्ञान के प्रयोग करके देखते हैं; और एक व्यायामशाला भी है, जहाँ खेल-कूद और योग का अभ्यास होता है। अब वहाँ कई शिक्षक हैं और हर कक्षा का अपना कमरा है। दादाजी कहते हैं कि भवन चाहे कच्चा हो या पक्का, बच्चों को सबसे अधिक लाभ उस शिक्षक से मिलता है, जो उन्हें प्रश्न पूछने का साहस देता है।

    गद्यांश में प्रयुक्त कौन-सा शब्द ‘विद्यालय’ का पर्यायवाची है?

    1. A पुस्तकालय
    2. B प्रयोगशाला
    3. C पाठशाला
    4. D व्यायामशाला
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) पाठशाला

    ‘गाँव की पाठशाला एक कच्चे कमरे में चलती थी’ में पाठशाला वह स्थान है जहाँ बच्चे पढ़ने जाते हैं, अर्थात विद्यालय। पुस्तकालय, प्रयोगशाला और व्यायामशाला उसी पाठशाला के भीतर के अलग-अलग स्थान बताए गए हैं।

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  15. Q.65

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    चींटी को ध्यान से देखिए। वह अपने शरीर से कहीं बड़ा दाना उठाकर लंबा रास्ता तय करती है; रास्ते में कोई कंकड़ आ जाए तो घूमकर नया रास्ता खोज लेती है, पर दाना नहीं छोड़ती। अंत में वह अपना दाना बिल तक पहुँचा ही देती है। मनुष्य के जीवन में भी सफलता इसी तरह मिलती है। कोई बड़ा काम एक दिन में पूरा नहीं होता; उसके लिए लगातार और लगन से प्रयास करना पड़ता है। जो लेखक हर दिन कुछ पन्ने लिखता है, वह एक दिन पूरी पुस्तक लिख लेता है। जो कारीगर प्रतिदिन अपने हुनर का अभ्यास करता है, उसके हाथ में धीरे-धीरे सफाई आ जाती है। भाग्य के भरोसे बैठे रहने वाले लोग अवसरों की प्रतीक्षा ही करते रह जाते हैं, जबकि परिश्रमी व्यक्ति अपने लिए अवसर स्वयं बना लेता है।

    इस गद्यांश का सबसे उचित शीर्षक क्या होगा?

    1. A चींटी का जीवन
    2. B भाग्य का खेल
    3. C परिश्रम से सफलता
    4. D कारीगर का हुनर
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) परिश्रम से सफलता

    चींटी, लेखक और कारीगर के उदाहरणों से गद्यांश यही बताता है कि ‘लगातार और लगन से प्रयास’ करने पर सफलता मिलती है; ‘चींटी का जीवन’ और ‘कारीगर का हुनर’ केवल उदाहरण हैं।

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  16. Q.66

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    खेल का असली आनंद उसमें भाग लेने में है, केवल जीतने में नहीं। खेल में हार और जीत दोनों स्वाभाविक हैं; कभी एक टीम जीतती है, तो कभी दूसरी। सच्चा खिलाड़ी हारने पर भी (____) नहीं होता। वह अपनी भूलों को पहचानता है, प्रशिक्षक की सलाह ध्यान से सुनता है और अगली प्रतियोगिता के लिए दुगुने उत्साह से अभ्यास में जुट जाता है। जीतने पर भी वह घमंड नहीं करता और विरोधी टीम के खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनके अच्छे खेल की प्रशंसा करता है। दर्शक भी ऐसे खिलाड़ियों को लंबे समय तक याद रखते हैं, क्योंकि वे खेल को खेल की भावना से खेलते हैं और मैदान में सबका सम्मान करते हैं।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए अर्थ और व्याकरण की दृष्टि से उचित शब्द कौन-सा है?

    1. A हताशा
    2. B उत्साहित
    3. C हताश
    4. D विजयी
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) हताश

    अगला वाक्य बताता है कि वह ‘दुगुने उत्साह से अभ्यास में जुट जाता है’, अर्थात हार से निराश नहीं होता; ‘नहीं होता’ से पहले विशेषण चाहिए, इसलिए ‘हताश’ सही है, संज्ञा ‘हताशा’ नहीं; ‘उत्साहित’ और ‘विजयी’ हार के प्रसंग में अर्थ नहीं देते।

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  17. Q.67

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सर्दी की कड़ाके की ठंड के बाद जब वसंत ऋतु आती है, तो पूरी प्रकृति जैसे नए कपड़े पहन लेती है। पेड़ों पर नई कोमल पत्तियाँ निकल आती हैं और बागों में रंग-बिरंगे फूल खिल उठते हैं। हवा में न अधिक ठंड रहती है, न अधिक गर्मी, इसलिए यह मौसम सबको सुहाना लगता है। फूलों पर भौंरे और तितलियाँ मँडराने लगते हैं और सुबह-सुबह कोयल की मीठी कूक सुनाई देती है। आम के पेड़ों पर बौर आ जाता है, जिसकी सुगंध दूर तक फैल जाती है। इसी सुंदरता के कारण वसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। यह ऋतु हमें यह भी सिखाती है कि कठिन समय के बाद अच्छा समय अवश्य आता है।

    गद्यांश के अनुसार वसंत ऋतु सबको सुहानी क्यों लगती है?

    1. A क्योंकि इस ऋतु में आम पककर तैयार हो जाते हैं
    2. B क्योंकि इस ऋतु में सबसे अधिक वर्षा होती है
    3. C क्योंकि इस ऋतु में पेड़ों की पत्तियाँ झड़ जाती हैं
    4. D क्योंकि हवा में न अधिक ठंड रहती है, न अधिक गर्मी
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) क्योंकि हवा में न अधिक ठंड रहती है, न अधिक गर्मी

    गद्यांश में लिखा है, ‘हवा में न अधिक ठंड रहती है, न अधिक गर्मी, इसलिए यह मौसम सबको सुहाना लगता है’। आम के पेड़ों पर केवल बौर आने की बात है, आम पकने की नहीं।

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  18. Q.68

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सुधा जी गाँव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाती हैं। उनका मानना है कि छोटे बच्चे डाँट से नहीं, बल्कि प्रेम और खेल से अधिक सीखते हैं। एक दिन कक्षा के बच्चे गिनती का अभ्यास करते-करते ऊबने लगे। तब शिक्षिका ने बच्चों को एक रोचक कहानी (____), जिसमें एक गिलहरी हर दिन कुछ दाने इकट्ठे करती थी और शाम को उन्हें गिनकर रखती थी। कहानी सुनते-सुनते बच्चे भी कंकड़ों से गिनती करने लगे। कुछ ही देर में जो बच्चे दस तक गिनने में अटकते थे, वे बीस तक बिना रुके गिनने लगे। सुधा जी का अनुभव है कि जब पढ़ाई बच्चों के आस-पास के जीवन से जुड़ जाती है, तब वह बोझ नहीं लगती, बल्कि आनंद देने लगती है।

    रिक्त स्थान के लिए लिंग, वचन और अर्थ की दृष्टि से उचित क्रिया-रूप कौन-सा है?

    1. A सुनाया
    2. B सुनाए
    3. C सुनाई
    4. D सुनी
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) सुनाई

    ‘ने’ वाले वाक्य में क्रिया कर्म ‘एक रोचक कहानी’ (स्त्रीलिंग, एकवचन) के अनुसार बदलती है, इसलिए ‘सुनाई’ सही है। ‘सुनी’ का अर्थ स्वयं सुनना है, जबकि शिक्षिका ‘बच्चों को’ कहानी सुना रही थीं।

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  19. Q.69

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    शरीर एक मशीन की तरह है; यदि उसे चलाया न जाए तो उसके पुर्जों में जंग लगने लगता है। नियमित व्यायाम से मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, भूख ठीक लगती है और रात को नींद भी अच्छी आती है। व्यायाम के लिए किसी महँगे साधन की आवश्यकता नहीं होती। सुबह की सैर, रस्सी कूदना, योगासन या घर की सीढ़ियाँ चढ़ना भी उतना ही लाभदायक है। कठिनाई केवल शुरुआत में आती है, जब बिस्तर छोड़ने का मन नहीं करता। जो व्यक्ति एक बार आलस्य को तिलांजलि देकर कुछ सप्ताह तक नियम से व्यायाम कर लेता है, उसके लिए यह आदत बन जाती है और फिर उसे छोड़ना कठिन लगता है। ध्यान केवल इतना रखना चाहिए कि व्यायाम अपनी क्षमता के अनुसार हो और धीरे-धीरे बढ़ाया जाए।

    गद्यांश में प्रयुक्त ‘आलस्य को तिलांजलि देकर’ का प्रसंग के अनुसार अर्थ क्या है?

    1. A आलस्य को थोड़ी देर के लिए टालकर
    2. B आलस्य के कारणों को समझकर
    3. C आलस्य को दूसरों में बाँटकर
    4. D आलस्य को पूरी तरह त्यागकर
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) आलस्य को पूरी तरह त्यागकर

    ‘तिलांजलि देना’ का अर्थ है सदा के लिए छोड़ देना; गद्यांश में आगे कहा गया है कि ऐसा करने पर व्यायाम ‘आदत बन जाती है’, अतः यहाँ अर्थ आलस्य को पूरी तरह त्यागना है, थोड़ी देर टालना नहीं।

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  20. Q.70

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    भूल करना मनुष्य का स्वभाव है। कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं जिससे कभी कोई गलती न हुई हो। अंतर इस बात से पड़ता है कि भूल हो जाने के बाद हम क्या करते हैं। कुछ लोग अपनी गलती छिपाने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं या दोष किसी और पर डाल देते हैं। एक झूठ को छिपाने के लिए उन्हें कई और झूठ बोलने पड़ते हैं और अंततः सच सामने आ ही जाता है। इसके विपरीत, जो व्यक्ति साहस के साथ अपनी भूल स्वीकार कर लेता है, वह न केवल उसे सुधारने का अवसर पा लेता है, बल्कि दूसरों का सम्मान भी जीत लेता है। भूल स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मबल का प्रमाण है। हमें बच्चों को भी यही सिखाना चाहिए कि गलती बताने पर उन्हें डाँट नहीं, सहारा मिलेगा।

    इस गद्यांश के माध्यम से लेखक मुख्य रूप से क्या करना चाहता है?

    1. A झूठ बोलने वालों को कठोर दंड देने की माँग करना
    2. B भूल को साहस से स्वीकार करने के लिए प्रेरित करना
    3. C यह सिद्ध करना कि अच्छे लोग कभी भूल नहीं करते
    4. D बच्चों को डाँटने के सही तरीके समझाना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) भूल को साहस से स्वीकार करने के लिए प्रेरित करना

    लेखक कहता है कि भूल स्वीकार करने वाला ‘दूसरों का सम्मान भी जीत लेता है’ और यह ‘आत्मबल का प्रमाण है’; उसका उद्देश्य पाठक को भूल स्वीकार करने के लिए प्रेरित करना है।

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  21. Q.71

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    पहले हमारे गाँव की स्त्रियाँ भोर में उठकर हाथ की चक्की पर गेहूँ पीसती थीं। यह काम बहुत थकाने वाला था और इसमें घंटों लग जाते थे। फिर गाँव में बिजली आई और चौराहे के पास आटा पीसने की एक ‘कल’ लग गई। उसमें गेहूँ डालते ही कुछ ही मिनटों में महीन आटा निकल आता है। अब घर की स्त्रियों का बहुत-सा समय और श्रम बचता है। कल शाम मैं भी वहाँ से आटा पिसवाकर लाया था। चक्की वाले चाचा ने बताया कि मोटर, पट्टे और पत्थर के पाटों को ठीक रखने के लिए हर सप्ताह उनकी देखभाल करनी पड़ती है, नहीं तो वह बीच में ही रुक जाती है। उनकी लगन के कारण आस-पास के गाँवों के लोग भी यहीं आटा पिसवाने आते हैं।

    गद्यांश के तीसरे वाक्य में उद्धरण-चिह्नों में दिए शब्द ‘कल’ के स्थान पर कौन-सा शब्द रखने से अर्थ नहीं बदलेगा?

    1. A चैन
    2. B मशीन
    3. C बीता दिन
    4. D आने वाला दिन
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) मशीन

    ‘आटा पीसने की एक ‘कल’ लग गई’, जिसमें ‘गेहूँ डालते ही ... आटा निकल आता है’, अतः यहाँ कल का अर्थ मशीन है। ‘कल शाम मैं भी...’ वाले वाक्य में कल बीते दिन के अर्थ में आया है, उद्धरण वाले वाक्य में नहीं।

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  22. Q.72

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    रेल या बस की यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने का साधन नहीं, बल्कि हमारे नागरिक व्यवहार की परीक्षा भी है। कुछ यात्री अपने सामान से पूरी सीट घेर लेते हैं, जबकि दूसरे खड़े-खड़े यात्रा करते हैं। कुछ लोग मूँगफली के छिलके और खाने के पैकेट डिब्बे में ही फेंक देते हैं और यह मान लेते हैं कि सफाई करना केवल कर्मचारियों का काम है, जबकि डिब्बे को साफ रखना हर यात्री की भी जिम्मेदारी है। ऊँची आवाज में गाने सुनना या ऊँचे स्वर में बातें करना भी सहयात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है। अच्छे यात्री का व्यवहार इसके ठीक विपरीत होता है। वह अपना सामान ऊपर की जगह पर रखता है, बुजुर्गों को बैठने में सहायता करता है, कचरा थैली में इकट्ठा करके कूड़ेदान में डालता है और उतरते समय अपने स्थान को वैसा ही साफ छोड़ता है जैसा उसे मिला था।

    गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

    1. A अच्छा यात्री उतरते समय अपना स्थान साफ छोड़कर जाता है।
    2. B अपने सामान से पूरी सीट घेर लेना उचित व्यवहार नहीं है।
    3. C डिब्बे की सफाई केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
    4. D ऊँचे स्वर में बातें करने से सहयात्रियों को परेशानी होती है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) डिब्बे की सफाई केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।

    ‘सफाई करना केवल कर्मचारियों का काम है’ गद्यांश में लापरवाह यात्रियों की मान्यता है; लेखक स्पष्ट कहता है कि ‘डिब्बे को साफ रखना हर यात्री की भी जिम्मेदारी है’, इसलिए तीसरा कथन असत्य है।

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  23. Q.73

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सुबह की जल्दबाजी में बहुत-से लोग नाश्ता छोड़ देते हैं और सोचते हैं कि दोपहर में एक साथ भरपेट खा लेंगे। रात के भोजन के बाद शरीर कई घंटों तक बिना भोजन के रहता है, इसलिए सुबह उसे नई ऊर्जा की आवश्यकता होती है। नाश्ता न करने पर कुछ ही घंटों में थकान, सिरदर्द और कमजोरी महसूस होने लगती है और काम में मन नहीं लगता। ऐसे लोग दोपहर तक इतने भूखे हो जाते हैं कि आवश्यकता से अधिक खा लेते हैं, जिससे सुस्ती आ जाती है। नाश्ता बहुत भारी होना आवश्यक नहीं; दलिया, फल, दूध, अंकुरित अनाज या रोटी-सब्जी जैसा हल्का और पौष्टिक भोजन भी पर्याप्त होता है। आवश्यक केवल इतना है कि दिन की शुरुआत खाली पेट न हो।

    गद्यांश के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

    1. A जल्दी के कारण नाश्ता छोड़ना लाभ के बजाय हानि करता है।
    2. B भारी नाश्ता करने वाले व्यक्ति को कभी थकान नहीं होती।
    3. C दोपहर में भरपेट खाने से नाश्ते की कमी पूरी हो जाती है।
    4. D सुबह केवल फल खाना ही सबसे अच्छा नाश्ता माना जाता है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) जल्दी के कारण नाश्ता छोड़ना लाभ के बजाय हानि करता है।

    गद्यांश के अनुसार नाश्ता छोड़ने से ‘थकान, सिरदर्द और कमजोरी’ होती है और दोपहर में ‘आवश्यकता से अधिक’ खाने से सुस्ती आती है; अतः जल्दी में नाश्ता छोड़ना हानिकारक है। दोपहर में भरपेट खाने वाली सोच को गद्यांश गलत ठहराता है।

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  24. Q.74

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    दादी को अपने छोटे बेटे की चिट्ठियों की सदा प्रतीक्षा रहती है। चाचा दूर एक पहाड़ी नगर में नौकरी करते हैं, जहाँ से हर दिन बात करना संभव नहीं होता, इसलिए वे हर महीने डाक से ‘पत्र’ भेजते हैं। जिस दिन डाकिया उनका पत्र लेकर आता है, दादी का चेहरा खिल उठता है। वे मुझसे उसे दो-तीन बार पढ़वाती हैं और हर बार किसी नई बात पर हँस पड़ती हैं। पत्र में चाचा पहाड़ों की ठंड, वहाँ के लोगों के रहन-सहन और अपने काम की बातें लिखते हैं। दादी ने उनके सारे पत्र एक संदूक में सँभालकर रखे हैं। वे कहती हैं कि मोबाइल पर बात तो हो जाती है, पर हाथ से लिखे शब्दों में जो अपनापन है, वह कहीं और नहीं मिलता।

    गद्यांश में उद्धरण-चिह्नों में दिए शब्द ‘पत्र’ के स्थान पर कौन-सा शब्द रखने से अर्थ नहीं बदलेगा?

    1. A चिट्ठी
    2. B पत्ता
    3. C पंख
    4. D पन्ना
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) चिट्ठी

    ‘डाक से ‘पत्र’ भेजते हैं’ और पहले वाक्य की ‘बेटे की चिट्ठियों’ से स्पष्ट है कि यहाँ पत्र का अर्थ चिट्ठी है; पेड़ के पत्ते या पुस्तक के पन्ने वाला अर्थ इस प्रसंग में नहीं बैठता।

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  25. Q.75

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हममें से अधिकांश लोग पानी को ऐसी वस्तु मानते हैं जो नल खोलते ही अपने-आप मिल जाएगी। दाँत साफ करते समय नल खुला छोड़ देना, गाड़ी धोने के लिए पाइप से कई बाल्टी पानी बहा देना या टपकते नल को महीनों तक ठीक न कराना हमें छोटी बातें लगती हैं। पर बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है और बूँद-बूँद से ही खाली भी होता है। धरती पर पीने योग्य मीठा पानी सीमित है और बढ़ती आबादी के साथ उसकी माँग लगातार बढ़ रही है। अनेक स्थानों पर लोगों को गर्मियों में पानी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। यदि हमने अभी से पानी को सँभालकर खर्च करना नहीं सीखा, तो वह दिन दूर नहीं जब पानी की एक-एक बूँद के लिए हमें तरसना पड़ेगा।

    इस गद्यांश में लेखक का स्वर कैसा है?

    1. A हास्य और व्यंग्य का, जो पाठक को हँसाए
    2. B प्रसन्नता का, जो प्रकृति की सुंदरता दिखाए
    3. C निराशा का, कि अब कोई सुधार संभव नहीं
    4. D चिंता और चेतावनी का, जो सुधार को प्रेरित करे
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) चिंता और चेतावनी का, जो सुधार को प्रेरित करे

    लेखक पानी की बर्बादी पर चिंता जताता है और ‘यदि हमने अभी से... नहीं सीखा’ कहकर चेतावनी देता है; ‘अभी से’ बताता है कि सुधार अब भी संभव है, इसलिए स्वर निराशा का नहीं है।

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  26. Q.76

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    पहले गाँवों में खाना मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी और उपलों से पकता था। धुएँ से रसोई की दीवारें काली पड़ जातीं और खाना बनाने वालों की आँखों में जलन होती रहती थी। सुबह-शाम लकड़ी जुटाने में भी बहुत समय लगता था। जब से घरों में गैस का चूल्हा और प्रेशर कुकर आए हैं, (____) रसोई का काम बहुत आसान हो गया है। दाल और चावल कुछ ही मिनटों में पक जाते हैं, ईंधन कम लगता है और रसोई में धुआँ भी नहीं भरता। बचे हुए समय में घर के लोग बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पाते हैं या कोई छोटा काम-धंधा चला लेते हैं। विज्ञान ने इस तरह घर के भीतर के जीवन को भी बदल दिया है।

    गद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा शब्द आएगा?

    1. A यदि
    2. B किंतु
    3. C क्योंकि
    4. D तब से
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) तब से

    ‘जब से’ की जोड़ी ‘तब से’ है, जो बताती है कि किसी समय से कोई बात शुरू हुई। ‘यदि’, ‘किंतु’ और ‘क्योंकि’ ‘जब से’ वाले वाक्यांश को आगे के भाग से इस अर्थ में नहीं जोड़ते।

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  27. Q.77

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    आज मोबाइल हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। इसकी सहायता से हम दूर बैठे संबंधियों से तुरंत बात कर लेते हैं, अनजान जगह का रास्ता खोज लेते हैं, मौसम का हाल जान लेते हैं और पढ़ाई से जुड़ी जानकारी भी पा लेते हैं। किसान फसलों के भाव पता कर लेते हैं और विद्यार्थी कठिन प्रश्नों के हल देख लेते हैं। यह यंत्र सचमुच बहुत उपयोगी है, (____) इसका आवश्यकता से अधिक प्रयोग कई समस्याएँ भी खड़ी करता है। घंटों स्क्रीन देखते रहने से आँखें थक जाती हैं, नींद पूरी नहीं होती और परिवार के साथ बिताया जाने वाला समय भी घट जाता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि मोबाइल को सेवक बनाकर रखें, स्वामी न बनने दें।

    गद्यांश के रिक्त स्थान में कौन-सा योजक शब्द आएगा?

    1. A इसलिए
    2. B क्योंकि
    3. C अर्थात
    4. D परंतु
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) परंतु

    पहले भाग में मोबाइल का लाभ (‘बहुत उपयोगी है’) और दूसरे में उसकी हानि (‘कई समस्याएँ भी खड़ी करता है’) है; इस विरोध को जोड़ने के लिए ‘परंतु’ उचित है। ‘इसलिए’ परिणाम, ‘क्योंकि’ कारण और ‘अर्थात’ स्पष्टीकरण बताते हैं, विरोध नहीं।

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  28. Q.78

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    सार्वजनिक स्थानों पर बिजली और पानी की बर्बादी हम प्रतिदिन देखते हैं, पर उसे रोकने के लिए शायद ही कोई कदम उठाता है। दिन के उजाले में जलती सड़क की बत्तियाँ, सरकारी कार्यालयों के खाली कमरों में चलते पंखे और सड़क किनारे टूटी टोंटी से लगातार बहता पानी हमें इसलिए नहीं खटकते, क्योंकि उनका बिल हमारी जेब से नहीं जाता। सच यह है कि इन संसाधनों का खर्च भी अंततः जनता के धन से ही चुकाया जाता है और इनकी बर्बादी का अर्थ है किसी और का हिस्सा छिन जाना। जागरूक नागरिक ऐसे दृश्य देखकर आँखें नहीं मूँद लेता। वह खुले नल को बंद कर देता है, खाली कमरे से निकलते समय पंखा-बत्ती बंद करता है और टूटी पाइपलाइन की सूचना संबंधित विभाग को देता है। संसाधन सबके हैं, तो उनकी रक्षा भी सबको मिलकर करनी होगी।

    गद्यांश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर बिजली-पानी की बर्बादी के दृश्य हमें क्यों नहीं खटकते?

    1. A क्योंकि ऐसे दृश्य कभी-कभार ही दिखाई देते हैं
    2. B क्योंकि उनका बिल हमारी अपनी जेब से नहीं जाता
    3. C क्योंकि इन संसाधनों की कभी कोई कमी नहीं होती
    4. D क्योंकि इनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं होता
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) क्योंकि उनका बिल हमारी अपनी जेब से नहीं जाता

    गद्यांश में लिखा है कि ये दृश्य ‘हमें इसलिए नहीं खटकते, क्योंकि उनका बिल हमारी जेब से नहीं जाता’; ऐसे दृश्य हम ‘प्रतिदिन देखते हैं’, कभी-कभार नहीं।

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  29. Q.79

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    हमारे हाथ दिन भर में न जाने कितनी वस्तुओं को छूते हैं: दरवाजों के हैंडल, सीढ़ियों की रेलिंग, रुपये-पैसे, मोबाइल और बस की सीटें। इन सब पर अनगिनत कीटाणु होते हैं जो आँखों से दिखाई नहीं देते। जब हम बिना हाथ धोए भोजन करते हैं या बार-बार चेहरे को छूते हैं, तो ये कीटाणु आसानी से हमारे शरीर में पहुँच जाते हैं और पेट की बीमारियाँ तथा सर्दी-जुकाम जैसे रोग फैलाते हैं। साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह हाथ धोना इनसे बचने का सबसे सरल और सस्ता उपाय है। भोजन से पहले, शौच के बाद और बाहर से घर लौटने पर हाथ धोने की आदत डाल ली जाए, तो अनेक रोगों से अपने-आप बचाव हो जाता है। छोटी-सी यह आदत पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकती है।

    इस गद्यांश का केंद्रीय विचार क्या है?

    1. A हाथों पर रहने वाले कीटाणु आँखों से दिखाई नहीं देते।
    2. B नियम से हाथ धोने की छोटी आदत अनेक रोगों से बचाती है।
    3. C बस की सीटें और रेलिंग ही सबसे अधिक गंदी होती हैं।
    4. D सर्दी-जुकाम केवल गंदे हाथों के कारण ही होता है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) नियम से हाथ धोने की छोटी आदत अनेक रोगों से बचाती है।

    गद्यांश का सार अंतिम पंक्तियों में है: हाथ धोने की आदत से ‘अनेक रोगों से अपने-आप बचाव हो जाता है’; कीटाणुओं का न दिखना केवल एक सहायक बात है।

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  30. Q.80

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दीजिए:

    गाँव में पशु केवल काम के साधन नहीं होते। किसान के घर में गाय, भैंस और बैल परिवार के सदस्यों (____) पाले जाते हैं। सुबह सबसे पहले उन्हें चारा-पानी दिया जाता है, फिर घर के लोग स्वयं कुछ खाते हैं। गाय-भैंस के दूध से घर के बच्चों को पोषण मिलता है और बचा हुआ दूध बेचकर कुछ आय भी हो जाती है। बैल खेत जोतने और बैलगाड़ी खींचने में साथ देते हैं। सर्दियों में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए बाड़े में बोरियाँ टाँगी जाती हैं और गर्मियों में उन्हें दिन में दो बार नहलाया जाता है। किसी पशु के बीमार पड़ने पर पूरा परिवार चिंतित हो उठता है, मानो घर का कोई अपना ही बीमार हो।

    गद्यांश के रिक्त स्थान के लिए व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध रूप कौन-सा है?

    1. A के तरह
    2. B का तरह
    3. C की तरह
    4. D को तरह
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) की तरह

    ‘तरह’ स्त्रीलिंग शब्द है, इसलिए उसके साथ ‘की’ लगता है: ‘सदस्यों की तरह’। अंतिम वाक्य ‘मानो घर का कोई अपना ही बीमार हो’ भी पशुओं की परिवार के सदस्यों से यही तुलना करता है।

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एक AI सहायक (Claude) ने मानक हिंदी व्याकरण के आधार पर सीधे हिंदी में लिखा (कोई लाइव खोज नहीं) और एक दूसरे, स्वतंत्र AI ने जाँचा - किसी हिंदी मातृभाषी या हिंदी शिक्षक ने इसकी समीक्षा नहीं की है; किसी नियम पर भरोसा करने से पहले किसी मानक व्याकरण पुस्तक से मिला लें।

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