भारत में पहली बार हुए ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम में प्रधानमंत्री ने रखा 'पावर टू एम्पावर' का विचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम को संबोधित किया। कारोबार और नीति जगत के नेताओं की यह वार्षिक बैठक पहली बार भारत में आयोजित हुई है; PIB ने 13 अक्टूबर 2026 को उनके हिंदी भाषण का अंग्रेज़ी रूपांतरण जारी किया। फ़ोरम के विषय, यानी वैश्विक शक्ति के नए स्रोतों, पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि तकनीक, डेटा या ज्ञान किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका उपयोग अवसर बढ़ाने के लिए हो रहा है या नहीं; इसी विचार को उन्होंने 'पावर टू एम्पावर' कहा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने सस्ता मोबाइल डेटा, रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े शोरूम तक इस्तेमाल होने वाली एक ही डिजिटल भुगतान प्रणाली, JAM त्रिमूर्ति के ज़रिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप का ज़िक्र किया, जिनमें से लगभग आधे छोटे शहरों और कस्बों से हैं। अर्थव्यवस्था पर उन्होंने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर 7.8% रही, पिछले साल चालू खाता घाटा घटकर GDP का 0.61% रह गया और विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से ऊपर है। उन्होंने यह भी कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2014 के लगभग 75 गीगावाट से बढ़कर करीब 300 गीगावाट हो गई है, और भारत ने गैर-जीवाश्म स्रोतों से 40% बिजली क्षमता का लक्ष्य नवंबर 2021 में ही, तय समय से नौ साल पहले, हासिल कर लिया था।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
भारत ने पेरिस जलवायु प्रक्रिया के तहत अपना पहला राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) 2 अक्टूबर 2015 को प्रस्तुत किया था। इसमें 2030 तक के तीन मात्रात्मक लक्ष्य थे: कुल स्थापित बिजली क्षमता का 40% गैर-जीवाश्म स्रोतों से, GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 2005 के स्तर से 33-35% की कमी, और अतिरिक्त वन व वृक्ष आवरण के ज़रिए 2.5 से 3 अरब टन CO2 समतुल्य का अतिरिक्त कार्बन सिंक। अगस्त 2022 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अद्यतन NDC को मंज़ूरी दी, जिसमें 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में कमी का लक्ष्य 45% और गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य लगभग 50% कर दिया गया; इसे 2070 तक नेट-ज़ीरो के लक्ष्य की दिशा में कदम बताया गया।
संदर्भ: PIB, भारत के अद्यतन NDC को मंत्रिमंडल की मंज़ूरी (3 अगस्त 2022)
खुद जाँचें: 2021 में 40% गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता हासिल करने के बाद, 2022 के अद्यतन NDC में 2030 के लिए गैर-जीवाश्म क्षमता का कितना हिस्सा तय किया गया?
2030 तक कुल स्थापित बिजली क्षमता का लगभग 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से, जो 2015 के मूल NDC के 40% लक्ष्य से अधिक है।
अभ्यास: इस भाषण में बताए गए आर्थिक आँकड़े (तिमाही विकास दर, चालू खाता घाटा, विदेशी मुद्रा भंडार, नवीकरणीय क्षमता) लिखें और चिह्नित करें कि कौन-से लक्ष्य हैं और कौन-से उपलब्धियाँ।
खुद को परखें
भारत में पहली बार हुए ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम में प्रधानमंत्री ने अप्रैल-जून तिमाही की वृद्धि दर कितनी बताई?
उत्तर देखें
उत्तर: 7.8%
प्रधानमंत्री ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि 7.8% रही, पिछले वर्ष चालू खाता घाटा GDP का 0.61% रह गया, विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से ऊपर है, और नवीकरणीय क्षमता 2014 के लगभग 75 GW से बढ़कर लगभग 300 GW हो गई है।