मुंबई में समुद्री राज्य विकास परिषद की 21वीं बैठक: 'मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030' के लक्ष्य स्वीकृत, पोत-निर्माण के लिए नई बीमा योजनाएं
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में समुद्री राज्य विकास परिषद (MSDC) की 21वीं बैठक 13 अक्टूबर 2026 को मुंबई में संपन्न हुई। भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 (15 मई 2026 को अधिसूचित) के तहत सांविधिक परामर्शदात्री निकाय के रूप में मान्यता मिलने के बाद परिषद की यह पहली बैठक थी; MSDC की स्थापना मूल रूप से 1997 में केंद्र और तटीय राज्यों के बीच समन्वय के एक गैर-सांविधिक मंच के रूप में हुई थी। बैठक में तटीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मंत्री, प्रमुख बंदरगाहों के अध्यक्ष और संबद्ध समुद्री संस्थाओं के प्रमुख शामिल हुए। परिषद ने 'मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030' और 'मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047' के लक्ष्यों को स्वीकृति दी, और तय किया कि 'वन नेशन वन पोर्ट प्रोसेस' (ONOP) सुधार - जिसमें साझा दस्तावेज़ीकरण और प्रक्रिया पुनर्रचना शामिल है - मार्च 2027 तक सभी बंदरगाहों पर लागू हों, और सभी बंदरगाह 'मैरीटाइम सिंगल विंडो' (सागर सेतु) से जुड़ जाएं। मंत्री सोनोवाल ने पोत-निर्माण क्षेत्र के लिए दो नई ऋण-जोखिम बीमा योजनाएं भी शुरू कीं - निर्यात परियोजनाओं के लिए ECGC की 'शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट क्रेडिट रिस्क इंश्योरेंस पॉलिसी' (SbPCP) और घरेलू परियोजनाओं के लिए न्यू इंडिया एश्योरेंस की 'बिज़नेस क्रेडिट शील्ड पॉलिसी-शिपबिल्डर्स' (BCSPS) - जिनका मकसद लंबी पोत-निर्माण परियोजनाओं के दौरान भुगतान में देरी और जोखिम से शिपयार्ड को बचाना है।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 — जिसे लोकसभा ने 12 अगस्त 2025 और राज्यसभा ने 18 अगस्त 2025 को पारित किया — ने औपनिवेशिक काल के भारतीय पत्तन अधिनियम, 1908 की जगह ली, और समुद्री राज्य विकास परिषद (MSDC), जो 1997 से तब तक एक गैर-सांविधिक समन्वय मंच थी, को औपचारिक सांविधिक दर्जा दिया, साथ ही राज्य समुद्री बोर्डों को भी कानूनी मान्यता दी।
संदर्भ: PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च का भारतीय पत्तन विधेयक, 2025 ट्रैकर
खुद जाँचें: क्या 1997 में अपनी पहली बैठक के समय MSDC एक सांविधिक निकाय थी?
नहीं — MSDC मूल रूप से 1997 में स्थापित केंद्र और तटीय राज्यों के बीच एक गैर-सांविधिक समन्वय मंच थी; इसे सांविधिक दर्जा केवल भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 (जो 2026 में अधिसूचित हुआ) के तहत मिला।
अभ्यास: इस खबर से पोत-निर्माताओं के लिए शुरू की गई दो नई ऋण-जोखिम बीमा योजनाओं (SbPCP और BCSPS) और हर एक को चलाने वाली बीमा कंपनी का नाम नोट करें, और इसे ऊपर दिए भारतीय पत्तन अधिनियम के स्थायी तथ्यों से अलग रखें।
खुद को परखें
समुद्री राज्य विकास परिषद (MSDC) को किस अधिनियम के तहत सांविधिक परामर्शदात्री निकाय के रूप में मान्यता मिली?
उत्तर देखें
उत्तर: भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025
1997 में केंद्र और तटीय राज्यों के बीच गैर-सांविधिक मंच के रूप में बनी इस परिषद को भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 (15 मई 2026 को अधिसूचित) के तहत सांविधिक परामर्शदात्री निकाय की मान्यता मिली; मुंबई में हुई इसकी 21वीं बैठक ने मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 के लक्ष्य अपनाए।