भारतीय रेलवे की सितंबर 2026 में माल ढुलाई में 6.14% वृद्धि, खाद्यान्न और क्लिंकर में सबसे तेज़ बढ़त
रेल मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 को बताया कि भारतीय रेलवे ने सितंबर 2026 में 135.35 मिलियन टन माल ढोया, जो सितंबर 2025 के 127.52 मिलियन टन से 6.14% अधिक है। प्रमुख वस्तुओं में खाद्यान्न की ढुलाई सबसे तेज़, 25%, बढ़ी, इसके बाद क्लिंकर (20%), घरेलू कंटेनर (10%), कोयला (9%), अन्य सामान (8.2%), खनिज तेल (6%), तैयार इस्पात (5.5%) और लौह अयस्क (5.2%) का स्थान रहा। रेलवे ने बिजलीघरों को कोयला आपूर्ति भी बढ़ाई - सितंबर 2026 में औसतन रोज़ाना 443 रेक भेजे गए, जबकि एक साल पहले यह संख्या 397 थी, यानी 11.6% की वृद्धि। माल भाड़े से होने वाली आय सितंबर 2025 की तुलना में ₹1,266 करोड़ बढ़ी, यानी 9.3% की वृद्धि। 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में संचयी माल ढुलाई 833.7 मिलियन टन के पार पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 4.1% अधिक है, जबकि माल भाड़ा आय में 3.7% की वृद्धि दर्ज हुई।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
भारत की पहली यात्री ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को बॉम्बे के बोरी बंदर से ठाणे के बीच चली थी, जिसे ग्रेट इंडियन पेनिन्सुला रेलवे ने चलाया था — यानी आज के माल ढुलाई आँकड़ों से डेढ़ सदी से भी पहले।
संदर्भ: इंडियन रेलवेज़ फैन क्लब एसोसिएशन (IRFCA) — भारतीय रेल का इतिहास
खुद जाँचें: क्या भारत की पहली रेल लाइन पर पहले माल ढोया गया या यात्री?
यात्री — 16 अप्रैल 1853 को शुरू हुई बोरी बंदर-ठाणे लाइन एक यात्री सेवा थी; भारतीय रेलवे पर नियमित माल ढुलाई बाद के दशकों में विकसित और विस्तारित हुई।
अभ्यास: इस खबर से महीने के माल ढुलाई आँकड़े (135.35 मिलियन टन, एक मासिक आँकड़ा) को अप्रैल-सितंबर के संचयी आँकड़े (833.7 मिलियन टन) से अलग करें, और दोनों को ऊपर दिए 1853 के स्थापना-तथ्य से अलग रखें।
खुद को परखें
सितंबर 2026 में भारतीय रेलवे की माल ढुलाई में किस वस्तु की लदान सबसे तेज़, 25% बढ़ी?
उत्तर देखें
उत्तर: खाद्यान्न
खाद्यान्न की लदान 25% बढ़ी, जो क्लिंकर (20%), घरेलू कंटेनर (10%) और कोयला (9%) से आगे रही; कुल माल लदान 135.35 मिलियन टन रहा, जो सितंबर 2025 से 6.14% अधिक है।