PIB पृष्ठभूमि नोट: भारत में TB के मामले 2015-2024 के बीच 21% घटे, वैश्विक गिरावट सिर्फ 12%; युवाओं के लिए 'JOSH' अभियान शुरू
13 अक्टूबर 2026 को जारी PIB के एक पृष्ठभूमि नोट में WHO की वैश्विक क्षय रोग रिपोर्ट 2025 के हवाले से भारत की टीबी-रोधी प्रगति बताई गई: 2015 से 2024 के बीच भारत में हर साल सामने आने वाले नए टीबी मामलों में 21% की कमी आई, जबकि वैश्विक स्तर पर यह गिरावट केवल 12% रही; इसी अवधि में टीबी से होने वाली मौतें 28% घटीं, और भारत का उपचार कवरेज 92% है जबकि वैश्विक औसत 78% है। सघन 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत अब तक 28.1 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, 20 लाख लोगों को टीबी निवारक उपचार (TPT) दिया गया है, और 5.7 लाख नए 'निक्षय मित्र' (मरीजों की मदद करने वाले स्वयंसेवी 'टीबी मित्र') जुड़े हैं; अभियान के तहत उपचार सफलता दर बढ़कर 90% हो गई है, जो 88% के वैश्विक औसत से अधिक है। नोट में 13 अक्टूबर 2026 को शुरू हुए 'JOSH' (जॉइंट स्क्वॉड फॉर हेल्थ) अभियान की भी घोषणा की गई, जो फिलहाल 11 राज्यों के 55 ज़िलों में पायलट आधार पर चलेगा; इसमें 'माय भारत' के स्वयंसेवकों और NCC कैडेटों की टीमें, एक प्रथम श्रेणी अधिकारी के नेतृत्व में, स्क्रीनिंग और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाएंगी। हाल के अन्य कदमों में दवा-प्रतिरोधी टीबी के लिए छह महीने का छोटा BPaLM उपचार (अब तक 15,000 से अधिक मरीज़ों को दिया गया) और हैंडहेल्ड AI-सक्षम उपकरणों से एक्स-रे स्क्रीनिंग में 34 गुना वृद्धि शामिल है। 13 अक्टूबर 2026 तक देश में 1,87,250 आयुष्मान आरोग्य मंदिर टीबी की जांच की सुविधा दे रहे हैं।
ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।
पढ़ाई के लिए संदर्भ
तपेदिक (TB) आज भी दुनिया में किसी एक संक्रामक रोगजनक से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीबी फैक्ट शीट के अनुसार 2024 में दुनिया भर में अनुमानित 12.3 लाख लोगों की मौत टीबी से हुई, जबकि उसी साल अनुमानित 1.07 करोड़ लोग टीबी से बीमार पड़े।
संदर्भ: WHO की तपेदिक (Tuberculosis) फैक्ट शीट
खुद जाँचें: क्या भारत में नए टीबी मामलों में 21% की गिरावट (2015-2024) का मतलब है कि टीबी अब वैश्विक स्तर पर बड़ी बीमारी नहीं रही?
नहीं — WHO के अनुसार टीबी आज भी दुनिया में किसी एक संक्रामक रोगजनक से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है, जिससे 2024 में करीब 12.3 लाख लोगों की मौत हुई; भारत की गिरावट वैश्विक औसत से तेज़ ज़रूर है, लेकिन यह बीमारी अब भी एक बड़ी वैश्विक चुनौती है।
अभ्यास: इस खबर से भारत के संचयी स्क्रीनिंग आँकड़े (28.1 करोड़ लोग) को राष्ट्रीय उपचार सफलता दर (90%) से अलग करें, और दोनों को ऊपर दिए WHO के वैश्विक आँकड़ों से अलग रखें।
खुद को परखें
WHO की वैश्विक क्षय रोग रिपोर्ट 2025 के हवाले से PIB पृष्ठभूमि नोट के अनुसार 2015 से 2024 के बीच भारत में हर साल सामने आने वाले नए टीबी मामले कितने प्रतिशत घटे?
उत्तर देखें
उत्तर: 21%
भारत में हर साल सामने आने वाले नए टीबी मामले 21% घटे (वैश्विक गिरावट 12%), मौतें 28% घटीं, और उपचार कवरेज 92% है जबकि वैश्विक औसत 78% है।