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DAILY · 2026-11-01

सीआईएसएफ ने 1 नवंबर 2026 से क्षेत्रीय (टेरिटोरियल) कमान की जगह कार्यात्मक सेक्टर आधारित कमान व्यवस्था लागू की; भिलाई बना नए स्टील सेक्टर का मुख्यालय

SSCRailwayDefenceGeneral

1 नवंबर 2026 से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने पर्यवेक्षण ढांचे को क्षेत्रीय कमान (टेरिटोरियल कमांड) मॉडल से विशेषीकृत, कार्यात्मक सेक्टर मॉडल में बदल दिया है; यह पुनर्गठन गृह मंत्रालय की सहमति से लागू किया गया है। पूर्ववर्ती क्षेत्रीय व्यवस्था में एक सेक्टर मुख्यालय कोयला खदानों से लेकर विद्युत संयंत्रों और बंदरगाहों तक की 50 से अधिक विभिन्न इकाइयों को संभालता था, जिसके लिए कई मंत्रालयों के साथ समन्वय करना पड़ता था; अब पर्यवेक्षण केवल प्रतिष्ठान के प्रकार के आधार पर होगा। नए कार्यात्मक सेक्टर हैं: पावर-I (नई दिल्ली) और पावर-II (कोलकाता) सेक्टर, कोयला सेक्टर (रांची), स्टील सेक्टर (भिलाई), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सेक्टर (गुवाहाटी), पश्चिमी तट बंदरगाह (मुंबई) और पूर्वी तट बंदरगाह (चेन्नई) सेक्टर, तथा सरकारी भवन, संग्रहालय एवं स्मारक और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (जीबीएमएम एवं एमआरटीएस) सेक्टर (नई दिल्ली)। ये वर्ष 2001 से कार्यरत विमानन सेक्टरों और वर्ष 2018 से कार्यरत परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अंतरिक्ष विभाग (डीएई एवं डीओएस) सेक्टर के साथ जुड़ेंगे, जिससे पूरा बल कार्यात्मक मॉडल के अंतर्गत आ जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अब ड्रोन, सटीक मारक हथियारों, साइबर हमलों, तोड़फोड़ और समन्वित व्यवधानों से बढ़ते खतरे हैं, और यह सुधार खुफिया जानकारी आधारित और जोखिम-आधारित दृष्टिकोण की ओर बदलाव है: ग्राहक संगठनों का संपर्क एक समर्पित सेक्टर कमांडर से होगा, और सेक्टर मुख्यालय औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों (ओटी/आईसीएस) के लिए भौतिक सुरक्षा और साइबर जोखिम प्रबंधन में तालमेल बिठाने, सेक्टर-विशिष्ट ड्रोन-रोधी तकनीकें तैनात करने और किसी घटना के बाद परिचालन की शीघ्र बहाली के लिए आकस्मिक कार्ययोजनाएँ बनाने की बेहतर स्थिति में होंगे। इकाई स्तर पर मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), प्रवेश नियंत्रण और त्वरित प्रतिक्रिया दलों (क्यूआरटी) की तैनाती को लगातार बेहतर बनाया जाएगा। सीआईएसएफ के महानिदेशक ने कहा कि इस बदलाव से संपर्क के एकल बिंदु के साथ बेहतर अंतर-एजेंसी समन्वय होगा, परिचालन संबंधी बाधाएँ घटेंगी जिससे समय पर निर्णय और संकट प्रबंधन संभव होगा, और दक्षता, व्यावसायिकता और जवाबदेही स्थापित होगी।

ऊपर दी गई PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति से AI की सहायता से तैयार, और AI की दूसरी जाँच में उसी विज्ञप्ति से मिलाया गया। किसी व्यक्ति ने इसका पंक्ति-दर-पंक्ति संपादन नहीं किया है।

पढ़ाई के लिए संदर्भ

6 मार्च 2026 को ओडिशा के मुंडली में सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस (रेज़िंग डे) समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा था कि अपनी स्थापना के 56 वर्ष पूरे करने वाला सीआईएसएफ भारत के 70 हवाई अड्डों सहित 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रहा है और उसे ड्रोन सुरक्षा में नोडल एजेंसी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में सारे बंदरगाहों की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने का निर्णय लिया है, आने वाले दिनों में सीआईएसएफ निजी औद्योगिक समूहों को भी हाइब्रिड मोड में सुरक्षा देगा, और पिछले 56 वर्षों में सीआईएसएफ को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए 13,693 पदक मिले हैं।

संदर्भ: PIB (गृह मंत्रालय), 'केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज ओडिशा के मुंडली में CISF के 57वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया', 6 मार्च 2026

खुद जाँचें: सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस पर सीआईएसएफ को किस प्रकार की सुरक्षा में नोडल एजेंसी बताया गया, और गृह मंत्रालय ने किन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा उसे सौंपने का निर्णय लिया था?

ड्रोन सुरक्षा; सारे बंदरगाह।

अभ्यास: इस रिलीज़ से बदलाव की तारीख़, पहले की क्षेत्रीय व्यवस्था, हर नया कार्यात्मक सेक्टर और उसका मुख्यालय, पहले से मौजूद सेक्टर और वे कब से कार्यरत हैं, तथा महानिदेशक द्वारा बताए गए लाभ लिखें; नोट से 57वें स्थापना दिवस का स्थान और तारीख़, सीआईएसएफ द्वारा सुरक्षित प्रतिष्ठान, ड्रोन सुरक्षा में उसकी भूमिका और बंदरगाहों संबंधी निर्णय।

खुद को परखें

1 नवंबर 2026 से सीआईएसएफ द्वारा अपनाए गए कार्यात्मक सेक्टर मॉडल के तहत नए स्टील सेक्टर का मुख्यालय किस शहर में है?

  1. भिलाई
  2. रांची
  3. राउरकेला
  4. जमशेदपुर
उत्तर देखें

उत्तर: भिलाई

नए कार्यात्मक सेक्टरों में स्टील सेक्टर (भिलाई), कोयला सेक्टर (रांची), पावर-I (नई दिल्ली) और पावर-II (कोलकाता) सेक्टर, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सेक्टर (गुवाहाटी), पश्चिमी तट बंदरगाह (मुंबई) और पूर्वी तट बंदरगाह (चेन्नई) सेक्टर तथा जीबीएमएम एवं एमआरटीएस सेक्टर (नई दिल्ली) शामिल हैं। ये वर्ष 2001 से कार्यरत विमानन सेक्टरों और वर्ष 2018 से कार्यरत डीएई एवं डीओएस सेक्टर के साथ जुड़ेंगे।

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